By: Shikha

Source: Google

कांशीराम जी के जीवन और उनके संघर्ष से जुड़े 5 प्रमुख तथ्य

Source: Google

कांशीराम जी जिन्हें 'मान्यवर' के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय राजनीति के एक बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। उनका जन्मदिन 15 मार्च को मनाया जाता है।

Source: Google

उन्होंने दलितों और पिछड़ों को राजनीति में सक्रिय करने के लिए BAMCEF (1971), DS4 (1981) और अंततः 1984 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की नींव रखी।

Source: Google

उनका मुख्य उद्देश्य 'बहुजन समाज' (SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक) को एकजुट करना था। उनका मशहूर नारा था "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।"

Source: Google

कांशीराम जी का मानना था कि राजनीति ही वह "मास्टर चाबी" है जिससे समाज के बंद दरवाजों को खोला जा सकता है।

Source: Google

उन्होंने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में दलित नेतृत्व को स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

Source: Google

अपने विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उन्होंने हज़ारों किलोमीटर की साइकिल यात्राएँ कीं। वे गाँवों में जाकर लोगों के बीच सोते और उनके साथ भोजन करते थे।

Source: Google

ताकि ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत किया जा सके। 2001 में, उन्होंने बसपा का नेतृत्व अपनी शिष्या मायावती को सौंप दिया