भारत में आदिवासी समुदाय जिन्हें जनजाति या अनुसूचित जनजाति भी कहा जाता है.
Source: Google
आदिवासियों के शोषण के मुख्य कारण जल, जंगल और जमीन के अधिकारों का उल्लंघन हैं.
Source: Google
औपनिवेशिक काल से लेकर आज तक और आजादी के बाद भी, उनकी पारंपरिक जमीनों और वनोपज पर उनके अधिकारों को लगातार छीना जा रहा है.
Source: Google
दूसरी ओर, विकास परियोजनाओं (जैसे बांध, खदान, उद्योग) के लिए उनकी जमीनों को जबरन अधिग्रहित किया जाता है, जिसके कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ता है.
Source: Google
अपनी आजीविका से वंचित होना पड़ता है। यदि कड़े वन कानून आदिवासियों को जंगल में प्रवेश करने और अपनी पारंपरिक गतिविधियों को करने से रोकते हैं.
Source: Google
कई जगहों पर सरकारें भूमि बैंक बनाकर उद्योगपतियों को जमीन दे रही हैं क्योंकि शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण
Source: Google
उन्हें अक्सर उचित मुआवजे के बिना जबरन श्रम करना पड़ता है, जो बंधुआ मजदूरी का रूप ले लेता है और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है.