Uttar Pradesh: अमरोहा में अंबेडकर की मूर्ति खंडित, दलित समाज ने किया प्रदर्शन

Ambedkar, Ambedkar statue
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Amroha news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के अमरोहा से चौकाने वाली खबर सामने आई है जहाँ अंबेडकर की मूर्ति खंडित होने की घटना से दलित समुदाय (Dalit Community) के लोगों में भारी आक्रोश है। इस घटना के विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में बताते है।

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घटना का विवरण

बीते दिन उत्तर प्रदेश के अमरोहा में कुछ अज्ञात लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की मूर्ति को खंडित कर दिया। मूर्ति खंडित होने की खबर फैलते ही दलित समुदाय के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। दरअसल, अमरोहा के हसनपुर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने से दलित समाज में रोष है। कोतवाली क्षेत्र के भीमा ठीकरी गांव में बिजौरा संपर्क मार्ग पर स्थित पार्क में स्थापित प्रतिमा बुधवार शाम क्षतिग्रस्त मिली।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के कई गांवों से दलित समाज के लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे पहले भी कई बार उपद्रवी बाबा साहब का बोर्ड तोड़ चुके हैं।

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मौके पर पहुची पुलिस

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। बाद में क्षेत्राधिकारी भी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने दलित समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दलित समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। दलित समाज के लोगों ने कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रदर्शन में पवन कुमार, मनोज कुमार, राजीव, डॉक्टर ओम प्रकाश, मेवाराम समेत कई लोग शामिल हुए।

आपको बता दें,  यह घटना समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और तनाव को उजागर करती है। डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित समुदाय के लिए एक प्रतीक हैं और उनकी मूर्ति को खंडित करना समुदाय के लोगों के लिए बहुत अपमानजनक है। यह घटना देश में सामाजिक न्याय और समानता के लिए चल रहे संघर्ष को भी दर्शाती है।

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