Akash Anand: बसपा सुप्रीमो और उत्तरप्रदेश कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने हाल ही में अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित कर दिया था। यह कदम एक दिन पहले उठाए गए उनके उत्तराधिकारी पद से हटाए जाने के बाद लिया गया। मायावती ने आकाश आनंद को बसपा में महत्वपूर्ण भूमिका दी थी, लेकिन अब उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है। यह कदम पार्टी के आंतरिक विवादों और सत्ता संघर्षों का संकेत हो सकता है, जिसमें मायावती ने यह निर्णय लिया। मायावती के इस फैसले से पार्टी की दिशा और आंतरिक राजनीति पर असर पड़ सकता है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में बताते है।
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जानें क्या है पूरा मामला ?
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने रविवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में दिए गए सभी पदों से मुक्त कर दिया. उसके बाद सोशल मीडिया पर आकाश ने ट्वीट के जरिए अपनी बात रखी और कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी को आगे बढ़ाने की बात कही. उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद मायावती ने उन्हें पार्टी से ही निकाल दिया. BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने साफ कर दिया कि BSP अपनी मूल विचारधारा और सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेगी।
आकाश आनंद को पार्टी से हटाने का निर्णय
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आकाश आनंद का X पोस्ट
आपको बता दें कि आकाश आनंद ने आज सुबह करीब 11:45 बजे अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं परम आदरणीय बहन सुश्री मायावती जी का कैडर हूं, और उनके नेतृत्व में मैंने त्याग, निष्ठा और समर्पण की अविस्मरणीय शिक्षाएं सीखी हैं, ये सब मेरे लिए सिर्फ एक विचार नहीं बल्कि जीवन का उद्देश्य हैं। आदरणीय बहन जी का हर फैसला मेरे लिए पत्थर की लकीर की तरह है, मैं उनके हर फैसले का सम्मान करता हूं, उस फैसले पर कायम हूं।
अब सवाल यह उठता है कि आकाश आनंद आगे क्या करेंगे? क्या वे किसी अन्य दल में शामिल होंगे या अपनी नई राजनीतिक राह तलाशेंगे? इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। इस बात की अब पूरी संभावना लग रही है कि वह जल्द ही अपनी पार्टी का गठन कर सकते हैं और उसके जरिए मायावती के विचारों के साथ समाज में उतर सकते हैं या फिर मायावती से मिलने के बाद कोई फैसला ले सकते हैं।
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