Uttar Pradesh: दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत पर बवाल, थाने में तोड़फोड़, पुलिस का लाठीचार्ज

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Azamgarh News: हाल ही में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में तरवां थाना क्षेत्र के हैरान करने वाली खबर सामने आई है जहाँ उमरीपट्टी गांव में पुलिस कस्टडी में एक दलित युवक की मौत हो गई. इस घटना के बाद ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया और पुलिस पर पथराव किया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में बताते है.

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जानें क्या है पूरा मामला?

पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई, जिसको लेकर उसके परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया. दरअसल,  उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तरवा थाने में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने पुलिस हिरासत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना रविवार रात की है जब आरोपी शौच के लिए बाथरूम में गया और वहीं फांसी लगा ली. इस घटना के बाद पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं. युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया. शुक्रवार की सुबह जैसे ही परिजन थाने पहुंचे तो उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस हिरासत में रहते हुए इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है.

फांसी लगाकर आत्महत्या

उन्होंने इसे हत्या करार देते हुए न्याय की मांग की है। तरवा थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी 20 वर्षीय सनी कुमार को पुलिस ने 29 मार्च को हिरासत में लिया था. उस पर एक लड़की से छेड़खानी का आरोप था. पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाने में रखा था. रविवार की रात सनी ने शौचालय में अपने पायजामे के नाड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं.

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पीड़ित परिवार ने कि न्याय की मांग

मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने हिरासत में उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया. परिजनों का कहना है कि किसी भी आरोपी को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखना गैरकानूनी है, लेकिन पुलिस ने सन्नी को 3 दिन तक थाने में बिठाए रखा. उनका आरोप है कि पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया, जिसके चलते वह मानसिक रूप से टूट गया और आत्महत्या कर ली. परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

मृतक के परिजन और गांव के लोग सोमवार को थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. गुस्साई महिलाओं ने थाने को आग लगाने की धमकी दी। उनका आरोप है कि सन्नी की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत परिजनों को सूचित करने की बजाय जल्दबाजी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. गुस्साए लोगों ने इस आत्महत्या को हत्या करार दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

इस घटना के बाद पुलिस भी बैकफुट पर आ गई है वहीं आजमगढ़ एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि युवक ने शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूरे मामले की जांच जारी है उन्होंने कहा कि अगर किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी.

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