Top 10 Dalit Organizations: दलितों के उत्थान के लिए काम करने वाले टॉप-10 संगठन, एक तो घर-घर…

Top 10 Organizations Working for Dalit: दलितों के लिए कई दलित संगठन बनाये गए  हैं, जो दलितों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए काम करता है। जिनमें छात्रवृत्ति, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं भी शामिल हैं। इन दलित संगठन का उद्देश्य दलितों के आर्थिक विकास और सामाजिक उत्थान में मदद करना है। तो चलिए आपको इस लेख में टॉप 10 दलित संगठन के बारें में बताते हैं।

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सामाजिक न्याय के लिए समर्पित 10 दलित संगठन

1. अखिल भारतीय दलित महासंघ: अखिल भारतीय दलित महासंघ एक ऐसा संगठन है जो दलितों के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए काम करता है। यह संगठन दलितों को चुनाव लड़ने और राजनीतिक पदों पर पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करता है। 1926 में नागपुर में अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ का गठन किया गया था। राव बहादुर एम. सी. राजा अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ के पहले निर्वाचित अध्यक्ष थे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भारत के निर्णय लेने वाले निकायों में अनुसूचित जातियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।

2.दलित महिला संघ: दलित महिला संघ एक ऐसा संगठन है जो दलित महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करता है। यह संगठन दलित महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने का काम करता है। नारीवादी दलित संगठन (FEDO) की स्थापना 1994 में दलित महिलाओं (दक्षिण एशिया में दलित का अर्थ “उत्पीड़ित”) के एक समूह द्वारा की गई थी, जिन्होंने जाति और लिंग भेदभाव के खिलाफ लड़ने और एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए आंदोलन बनाया था।

3.नेशनल फेडरेशन ऑफ दलित वूमेन: नेशनल फेडरेशन ऑफ दलित वूमेन एक ऐसा संगठन है जो दलित महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करता है। यह संगठन दलित महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम करता है। नेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ दलित वूमेन (NFDW) एक गैर-सरकारी संगठन है। इसकी स्थापना रूथ मनोरमा ने साल 1995 में की थी। यह संगठन दलित महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

4.नेशनल कैम्पेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स – (National Campaign on Dalit Human Rights)

NCDHR एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है जो दलितों के मानवाधिकारों के लिए काम करता है। यह संगठन दलितों के खिलाफ भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है और उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए काम करता है। 1998 में स्थापित नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स (एनसीडीएचआर) में अब चार संचालनात्मक शाखाएँ शामिल हैं।

5.दलित शक्ति केंद्र (DSK): दलित शक्ति एक ऐसा संगठन है जो दलितों को एकजुट करने और उन्हें उनके अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करने का काम करता है। यह संगठन दलितों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने का भी काम करता है। दलित शक्ति केंद्र (DSK), अहमदाबाद स्थित दो स्वैच्छिक संगठनों, नवसर्जन ट्रस्ट और जनविकास की एक संयुक्त पहल है, जो अहमदाबाद, गुजरात, भारत से लगभग 30 किलोमीटर दूर नानी देवती गाँव में स्थित है। इसकी स्थापना जुलाई 1999 में हुई थी, और इसे 2003 में इसका वर्तमान नाम दिया गया।

6.भारतीय दलित अध्ययन संस्थान (IIDS): इस संस्थान की स्थापना साल 2003 में हुई थी. यह एक शोध संस्थान है। इसका मकसद, दलित समुदायों की समस्याओं को समझना और उनके विकास के लिए नीतियां सुझाना है। बिहार दलित विकास संगठन। यह एक ऐसा संगठन है जो दलित युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने का काम करता है। यह संगठन दलित युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से जागरूक करने का भी काम करता है।

7.दलित विकास संस्थान – (Dalit Development Institute)

दलित विकास संस्थान एक ऐसा संगठन है जो दलितों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रदान करता है। यह संगठन दलितों के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का भी काम करता है। दलित विकास संस्थानों के कुछ उदाहरण ये रहे: भारतीय दलित अध्ययन संस्थान (IIDS), बिहार दलित विकास संगठन, दलित विकास विंदू, दलित भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (डीआईसीसीआई)। 

8.डॉ. अंबेडकर सामाजिक न्याय केंद्र: सामाजिक न्याय में डॉ. अंबेडकर पीठ की स्थापना 2004 में डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) में की गई थी। वर्ष 1992 में, बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर शताब्दी समारोह समिति द्वारा शिक्षा पर एक उप-समिति की स्थापना की गई थी, जिसने विभिन्न विश्वविद्यालयों/संस्थानों में विषयवार “डॉ. अंबेडकर पीठ” स्थापित करने की योजना की सिफारिश की थी।

9.ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन: ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन एक ऐसा संगठन है जो दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए काम करता है। यह संगठन इन वर्गों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का काम करता है।
10.डॉ॰ भीमराव अंबेडकर विकास समिति: राजस्थान के अलवर ज़िले के रोनपुर में स्थित एक संस्था है. इसका गठन डॉ॰ भीमराव अंबेडकर की याद में किया गया था। डॉ॰ अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। यह संस्था अनुसूचित जाति समुदाय की एक प्रमुख संस्था है। इसकी स्थापना साल 2019-20 में हुई थी।

यह सूची केवल कुछ उदाहरण हैं, और दलितों के उत्थान के लिए काम करने वाले कई अन्य संगठन भी हैं। इन संगठनों ने दलितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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