शिक्षा के मंदिर में छुआछूत का खेल! KGBV में दलित छात्राओं से बर्बरता, परिजनों ने लगाई इंसाफ की गुहार – Fatehpur news म

Caste Discrimination, Top 5 Dalit news
Source: Google

Fatehpur news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है जहां स्कूल में मिलने वाले खाने की क्वालिटी को लेकर दलित छात्राओं का आवाज उठाना उनपर ही भारी पड़ गया है। छात्राओं के साथ तब से न केवल जातिगत भेदभाव किया जा रहा है बल्कि उनके साथ मारपीट की गई, यहां तक कि स्कूल और बाथरूम की भी जबरन सफाई करवाई गई।

Also Read: Top 5 Dalit news: दलितों से जुड़े 5 मामले फिर चर्चा में, व्यवस्था पर उठे सवाल दलितों के खिलाफ भेदभाव और उत्पीड़न के मामले

दलित छात्राओ मिडडे मिल की ख़राब क्वालिटी दी

अक्सर स्कूलों में दलितों के साथ भेदभाव होने के कई मामले सामने आए हैं, कभी पढ़ाई को लेकर, कभी साथ में बैठने को लेकर तो कभी मिड-डे मील को लेकर। उन्हें अच्छी क्वालिटी का खाना नहीं दिया जाता, यहाँ तक कि अपने बर्तन लाने को भी कहा जाता है, और जब वे विरोध करते हैं, तो उन्हें पीटा जाता है और जातिवादी गालियाँ देकर अपमानित किया जाता हैं।

मिडडे मिल की ख़राब क्वालिटी की जिला कार्यालय में शिकायत

ऐसा ही एक मामला फतेहपुर (Fatehpur) में असोथर ब्लॉक में मौजूद कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (Kasturba Gandhi Balika Residential School) का है। जहाँ स्कूल में मिलने वाले मिडडे मिल की ख़राब क्वालिटी को लेकर पीड़ित छात्राओं की दादी गीता देवी ने जिला कार्यालय में शिकायत की है। जिन्होंने अपनी दोनों पोतियों किरण और कशिश के साथ साथ एक और छात्रा अंजली को न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित छात्राओं के मुताबिक कुछ समय पहले उन्होंने मिड डे मील में मिलने वाले खाने को लेकर सवाल उठाया था, लेकिन जब से उनका नाम सामने आया है, उन्हें टारगेट किया जा रहा है।

Also Read: बुद्ध की शादी और सावन की शिवरात्रि का क्या है सच? जानिए बौद्ध परंपरा से जुड़ी पूरी कहानी – Buddha marriage

स्कूल से बाहर निकालने की धमकी

स्कूल की तीन टीचर परवीन बानो, अरुणा गौतम और प्रीति गौतम के नाम भी जातिगत भेदभाव करने और खाना मांगने पर स्कूल से बाहर निकालने की धमकी देने में सामने आए है।पीड़ित परिजनों ने बच्चों के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि इस मामले में दोषी टीचर के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सकें, और बच्चों का शिक्षा व्यवस्था और टीचर पर भरोसा वापिस जगे। हालांकि स्कूल प्रशासन को और से भी अब तक कोई टिप्पणी नहीं आई है ऐसे में देखना ये होगा कि इस एक्शन का क्या रिएक्शन होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *