Top 5 Dalit news: कितनी अजीब बात है कि जाति के नाम पर भेदभाव की भेंट भी एक दलित ही चढ़ता है, और बहिष्कार भी उसके ही परिवार का किया जाता है। जहां न्याय मिलना चाहिए वहां मिलती है धमकियां.. सवाल ये है कि आखिर जातिवादियों में ये हिम्मत देता कौन है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो आपको इस सच्चाई से रूबरू करायेंगी कि कैसे मनुवादी किसी भी हाल में अपना वर्चस्व बनाये रखना चाहते है.. चाहे वो किसी मासूम की लाश पर चल ही क्यों न हो।
चंद्र शेखर आजाद के टिहरी जाने के बाद बड़ा बदलाव
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में दलित युवक केतन लाल की हत्या के बाद उसके परिवार के साथ जो अन्याय हो रहा है उसे लेकर है.. केतनलाल की बहन ने अभी हाल ही में खुलासा किया कि 7 जून को उसके भाई की मौत के बाद से ही उन्हें गांव में लगातार धमकाया जा रहा है। गांव के समाज ने उन्हें लगभग पूरी तरह से अलग थलग छोड़ दिया है। वहीं पुलिस की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध है.. क्योंकि वो भी उनकी मदद नहीं कर रही है, हालांकि 30 जून को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के पीड़ित परिवार से मिलने के बाद वहां की जनता भी जाग गई है। उन्हें भी विश्वास हो गया है कि केतनलाल को न्याय जरूर मिलेगा और लोग ने केतन को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकालना शुरु कर दिया है।
वहीं आजाद ने पहले ही आश्वासन दिया है कि उत्तराखंड में जल्द वो शक्तिशाली होंगे, औऱ फिर किसी दलित पिछड़े के लिए न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा। वहीं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद जी ने उत्तराखंड सरकार से केतन के परिवार के लिए कुछ मांगे रखी है, साथ ही ये भी चेतावनी दी है कि अगर 8 दिनों में मांगे पूरी नहीं होगी तो सीएम आवास का उग्र घेराव किया जायेगा। केवल आजाद के जाने मात्र से पूरा मामला ही बदल गया। लोगों में एक चेतना ने जन्म ले लिया है कि पिड़ित को न्याय जब तक नहीं मिलेगा, तब तक वो शांत नहीं रहेंगे। ऐसे में देखना ये होगा कि लोगो की आवाज उठने के बाद प्रशासन का क्या रवैया होगा।
6 साल की मासूम बच्ची के दुष्कर्मी को आजीवन कारावास
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां 6 साल की बच्ची के साथ मारपीट करने, फिर उसका दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने आऱोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ये मामला कानपुर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव कुंभी का है, एडीजीसी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि ये मामला 6 मई 2025 का है, जब पीड़िता और उसका 9 साल का भाई स्कूल से लौट रहे थे, तभी रास्ते में धर्मेंद्र नाम के एक व्यक्ति ने दोनो को जबरन रोका, और फिर डरा धमका कर एक पुराने स्कूल में ले गया।
जहां उसने दोनो से मारपीट की और बच्ची का दुष्कर्म किया, और उसे लहूलूहान हालत में छोड़कर फरार हो गया था। पीड़िता के परिवार ने जब बच्चों की खोजबीन की तो वो उन्हें बेहद बुरी स्थिति में मिले, जिसके बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी को धर दबोचा गया। करीब एक साल मामला चलता रहा और आखिरकार पीड़िता को न्याय मिला औऱ आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा, साथ ही उसपर 1 लाख 20 हजार रूपय का जुर्माना भी लगाया गया है।
तरणतारण में सैकड़ो दलित परिवार सड़क पर रहने को मजबूर
3, दलितो से जुड़ा अगला मामला पंजाब के तरण तारण से है, जहां बीते साल बाढ़ के कारण घर से बेघर हुए सैकड़ो दलित परिवारों को उनके हालत पर मरने के लिए छोड़ दिया गया। इस मामले का खुलासा दलित विरोधी दास्तान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह शकरी ने किया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के बाद जिन परिवारो के घर ढह गए थे, उन्हें मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन हैरानी की बात है एक साल बीतने वाला है लेकिन केवल तरणतारण में ही 331 ऐसे मामले सामने आये है जहां न तो कोई अधिकारी उनकी सुध लेने पहुंचा और न ही उन्हें कोई मुआवजा मिला है।
वहीं जब पीड़ितो ने सामूहिक ज्ञापन देने की कोशिश की तो जिला अधिकारियों ने वो भी लेने से इंकार कर दिया। बड़ी मुश्किल से 6 महीने बीतने के बाद 6 जनवरी को ज्ञापन स्वीकार किया गया था लेकिन अब भी 6 महीने बीत चुके है लेकिन प्रशासन आज भी पीड़ितो के लिए नींद से नहीं जागी..इन परिवारों में ज्यादातर दलित औऱ पिछड़ी जाति के लोग है, जिन्हें जानबूझ कर मरने के लिए छोड़ दिया गया है। अब देखना ये होगा कि दलितो विरोधी दास्तान आंदोलन के इस मामले में आवाज उठाने के बाद भी क्या क्या प्रशासन पीड़ितो के लिए मदद का हाथ बढ़ायेगी।
भीम आर्मी चीफ से नाराजगी को लेकर निशु आजाद का बयान
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर जानलेवा हमला का शिकार हुआ 14 साल की अंबेडकरवादी निशू आजाद को लेकर है। दरअसल उसके पिता पर जंतर मंतर पर हमला होने के बाद भीम आर्मी और चंद्र शेखर आजाद को बदनाम करने के कई तरह की अफवाहें उड़ रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि भीम आर्मी और आसपा ने निशु आजाद के लिए कुछ नहीं किया.. जिसका जवाब खुद निशु ने वीडियो जारी कर दिया है। निशु ने वीडियो में कहा कि वो आजाद से नाराज थी कि अगर उनकी तरफ से एक कॉल भी पुलिस को आती तो प्रशासन ने उसके पापा के मामले में जो लापरवाही दिखाई वो न होती.. वहीं आरोपी, जो सरेआम अब भी आजाद धूम रहे है, अब तक वो सलाखों के पीछे होते, लेकिन ये कहना की भीम आर्मी ने उनकी कोई मदद नहीं कि ये गलत होगा।
क्योंकि पुलिस जहां मामला तक दर्ज नहीं कर रही थी वहीं भीमआर्मी एवं आज़ाद समाज पार्टी को जैसे ही जानकारी मिली वो तुरंत मदद के लिए पहुंची। उन्होंने मामला दर्ज करवाया, उसकी आर्थिक मदद भी की। निशु ने कहा कि आजाद आज भी उनके आदर्श है, और वो हमेशा उनका सम्मान करेगी। इसलि इस अफवाहों पर न जाये कि निशु आजाद भीम आर्मी चीफ के खिलाफ उल्टा सीधा बोल रही है। ये आरोप सरासर गलता है। निशु ने इस वीडियो के जरिये उन लोगो की बोलती बंद कर दी है जो उनके अंबेडकरवादी होने पर सवाल उठा रहे थे। हालांकि अब देखना ये होगा कि क्या इस वीडियो के सामने आने के बाद आजाद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आयेगी।
कानपुर में दलित युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बलिया से है, जहां दलित जाति से आने वाली घरेलू सहायिका ने अपने मालिक पर शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का सनसनीखेज मामला दर्ज कराया है। ये मामला बलिया जिले के रासरा थाना क्षेत्र का है.. पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी कि 5 साल पहले जब वो 17 साल की थी जब उसने घरेलू सहायिका के तौर पर जलालुद्दीन नाम के शख्स के यहां काम करना शुरु किया था। पीड़िता अनाथ और गरीब है, इसलिए वो उसके घर पर ही रहती थी, इसी बीच आरोपी ने पीड़िता को बहकाना शुरू कर दिया, और उसे शादी का झांसा देकर उसका दुष्कर्म किया।
इतना ही नहीं उसने लिखित में एक नोट दिया था कि पीड़िता जब 20 साल की हो जायेगी तो वो उससे शादी करेगा, लेकिन 5 साल बीतने के बाद भी आरोपी शादी के लिए तैयार नहीं है, वहीं वो पीड़िता को जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए दवाब बना रहा था, जब पीड़िता ने इंकार किया तो उसने जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। वहीं आरोपी अभी फरार है.. जिसकी तलाश जारी है।



