Top 5 Dalit news: अधिकार, न्याय और राजनीति से जुड़ी आज की सबसे बड़ी खबरें

Caste Discrimination, Top 5 Dalit news in Hindi
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Top 5 Dalit news: कितना आसान है न दलितों को निशाना बनाना, कोई भी मामला हो, उन्हें आसानी से आरोपी बना दिया जाता है, क्योंकि मानसिकता तो यहीं है कि अगर कोई दलित पिछड़ा है तो पक्का वहीं आरोपी होगा.. और फिर वो जिंदा रहे या मर जायें उसकी भी किसी को पड़ी नहीं होती.. तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सुर्खियों में है, साथ ही ये आईना है उस समाज का, जहां दलित हमेशा जाति की कसौटी पर तौले जाते है, चाहे वो गुनाहगाह हो या नहीं।

भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद का बड़ा ऐलान

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी की और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद को लेकर है दलितों के हक के लिए प्रशासन से हर वक्त लोहा लेने के लिए तैयार आजाद यूपी के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कई ऐलान कर चुके हैं उन्होंने राज्य की युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश देते हुए वादा किया है कि अगर यूपी में आजाद समाज पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य के 5 लाख युवाओं को सरकारी और पक्का रोजगार दिया जाएगा, साथ ही मजदूर और श्रमिक के वेतन में भी बढ़ोतरी की जाएगी। आजाद इस वक्त सत्ता परिवर्तन की यात्रा पर है।

जहां वो राज्य में चुनावी रैलियां करके दलितों और पिछड़ों को साफ संदेश दे रहे हैं कि अब दलितों के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ के सामने वो खड़े है। उन्होंने इसी के साथ ये भी आदेश दिया कि वो शराब बंदी पर सबसे तेजी से काम करेंगे, क्योंकि 70 प्रतिशत दुर्घटनाएं शराब के कारण ही होती है। जैसे जैसे चुनाव करीब आ रहे है वैसे वैसे आजाद उतने ही आक्रामक हो रहे है। इस संदेश ने कहीं न कहीं सरकार को कड़ा संदेश भी है कि नौकरियों के नाम पर जो धोखे अब तक सरकार ने दिए है इसका करारा जवाब आजाद देंगे। सच में यूपी की ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता की नजर अब आजाद पर है। अब देखना ये होगा कि अगर वाकई में आजाद ने सरकार बनाई तो क्या क्या बदलाव होगा।

तामिलनाडु के मदुरै में 40 साल बाद आई रोशनी

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के मदुरै से है, जहां आखिरकार 40 सालों तक अंधेरे में रहने के बाद दलित परिवारों के घर बिजली पहुंची है। दरअसल इसी साल फरवरी महीने में एक खबर आई है जिसमें मदुरै के वंदियूर के तीर्थकाडु गांव के दलित परिवारों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि नगर निगम और राजस्व विभाग के बीच जमीन के पट्टे को लेकर होने वाली तनातनी के कारण करीब 360 दलित परिवार पिछले 40 सालों से अंधेरे में जीने के लिए मजबूर है। इतना ही नही उनके पास  पेयजल, सड़कों, जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था जैसी बेसिक सुविधायें भी नहीं है। बदतर हो चुपकी जिंदगी को सुधारने के लिए आखिरकार आवाज ऊठाई थी।

पिछली सरकार ने मदद करने का भी वादा किया था, लेकिन वलो केवल ख्याली पुलाव ही रह गए थे..लेकिन रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब 68 परिवारों को पट्टा मिला और अब चिन्हित 349 परिवारों में फिलहाल 5 परिवारों को बिजली की सुविध दी जा रही है। जो धीरे धीरे आगे बढ़ाई जायेगी। वहीं रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए थीर्थकाडु एससी रेजिडेंट्स प्रोटेक्शन वेलफेयर एसोसिएशन ने धन्यवाद व्यक्त किया है औऱ कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में सभी दलितों को बेसिक सुविधायेंम मिलेंगी। लेकिन सवाल तो अब भी वहीं है कि बिना शोर मचाये, धरना दिये आखिर दलितो को उनका हक क्यों नहीं मिलता।

यूपी के पीलीभीत में दलित लड़की से दुष्कर्म

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से है, जहां एक दलित लड़की को पहले अपने प्यार के जाल में फंसाया, और फिर उसे घुमाने ले कर जाने के बहाने एक रिश्तेदार के घर लेकर जाकर दुष्कर्म किया गया, और जब पीड़िता के परिवार ने आरोपी के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो आरोपी ने पूरे परिवार को जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। ये सनसनीखेज मामला पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र के नवदिया गांव का है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वो आरोपी अवकेश मिश्रा के साथ एक ही कॉलेज में पढ़ती है, एक ही इलाके में रहने के कारण दोनो की दोस्ती हो गई थी। जिसके बाद उसने पीड़िता को बाइक से घुमाने की बात की थी।

पीड़िता आरोपी की बातों में आ गई और उसके साथ चली गई, लेकिन वो पीड़िता को एक रिश्तेदार के यहां ले गया, जहां उसे और उसके परिवार को मारने की धमकी देकर उसका दुष्कर्म किया। युवती ने पहले अवकेश के परिवार वालो से बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उल्टा उन लोगो ने पीड़िता पर संगीन आरोप लगाये, और उसे गालियां दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर तुरंत छापेमारी शुरु की जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया है, वहीं आगे की जांच जारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि दलित के सात उत्पीड़न को आखिर क्यों उत्पीड़न नहीं समझा जाता है।

11 महीने में बाद भी नहीं है दलित युवक का सुराग

4,  दलितो से जुड़ा अगला मामला दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के भोजपुर से है, जहां 11 महीने पहले एक नाबालिग दलित युवक सनोज कुमार के संदिग्ध हालत में लापता होने के मामले में पटना हाई कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाते हुए 6 पुलिस कर्मियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। दरअसल ये मामला 13 अगस्त 2025 का है। जब एक्साइड डिपार्टमेंट ने भोजपुर के बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव के रहने वाले सनोज कुमार को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी से पहले सनोज ने अपने पिता गौरी शंकर राम से कुछ सेकेंड तक फोन पर बात कर गिरफ्तारी की जानकारी दी थी, लेकिन उसके बाद वो लापता हो गया। पीड़ित पिता ने पुलिस के कोई मदद न मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट ने सख्ती दिखाई थी, लेकिन करीब 11 महीने बीतने के बाद भी सनोज का कुछ पता नहीं चल सका है।

हालाकि हाई कोर्ट ने 6 आऱोपी पुलिस कर्मियों को सनोज के संदिग्ध हालात में गायब होने को लेकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन आरोपियों में 2 एएसआई, 3 हॉमगार्ड और एक नीजि चालक भी शामिल है। पीड़ित परिवार को डर है कि सनोज की कस्डटी में ही मौत हो गई है, जिसे पुलिस गुमराह करने के लिए कहानियां बना रही है वहीं पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही वो फरार हो गया था। जबकि सनोज के भाई ने बताया कि वो लोग सनोज को बुरी तरह से पीट रहे थे, जिसका एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। कोर्ट की सख्ती के बाद सनोज की तलाश और तेज कर दी गई है। अब देखना ये होगा कि जांच के बाद कौन सा सच सामने आता है.. आखिर सनोज के साथ हुआ क्या है।

त्रिची में ऑनर किलिंग के मामले में बड़ी खबर

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के त्रिचि से है, जहां दलित युवक और उसकी 17 साल की प्रेमिका की ऑनर किलिंग के मामले में लड़की की मां ने दलित मृत युवक पर बेहद संगीन आरोप लगाये है। लड़की के घरवालों ने सीधे तौर पर पार्थिबन पर आरोप लगाया कि उसने उनकी लड़की को धोखे से बुलाया और उसका कई बार दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव लटका दिया, और फिर खुद आत्महत्या कर ली। लड़की की मां ने कहा कि पार्थिबन ने लड़की को प्यार के जाल में फंसाया था औऱ कई बार उसका यौन शोषण किया था, उसका वीडियो बनाया कर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इतना ही नहीं पार्थिबन की मौत के उसके रिश्तेदारों ने उनके घर आकर तोड़फोड़ की.. जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा होने लगा है।

पार्थिबन का फंडा फूट जाता इसलिए उसने ऐसा घिनौना काम किया। हैरानी की बात है कि दोनो की मौत से दो दिन पहले पार्थिबन के साथ लड़की के घरवालों ने मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट भी उसने लिखवाई थी, और 2 दिन के बाद ही 30 जून को दोनो की हत्या हो गई.. हैरानी की बात है कि इन आरोपो के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जिसमें साफ लिखा है कि मृतका के साथ किसी तरह का यौन उत्पीड़न नहीं हुआ है। बात साफ है कि मामले को घुमाने के लिए पार्थिबन पर आरोप लगाये जा रहे है। ऐसे में देखना ये होगा कि क्या इस मामले की जांच निष्पक्ष होगी, ताकि सही आरोपी ही सलाखों के पीछे जायें।

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