Top 5 Dalit news: दलितों की बराबरी का हक देने की लड़ाई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, लेकिन जब तक खुद लोगों की मानसिकता जातिवादी भेदभाव को लेकर खत्म नहीं होगी। तब तक इस लड़ाई का अर्थ नहीं है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों से जुड़ी इन खबरों के बतायेंगे जिसने साफ कर दिया है दलितों को चाहे क्योंकि लंबी लड़ाई लड़नी पड़े, वो जरूर लड़ेंगे।
भीम आर्मी चीफ ने दिखाई बहुजनों की ताकत
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जहां यूट्यूबर अजीत भारती द्वारा उनका अपमान किये जाने के बाद अब भीम आर्मी ने भी साबित करना शुरू कर दिया दलित समाज भी अब कमजोर नही है.. उसकी ताकत भी भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद औऱ उसके कार्यकर्ताओं ने दिखा दिया है। 22 अगस्त को जातिवाद को बढ़ावा देने वाले यूट्यूबर अजीत भारती ने चंद्र शेखर आजाद को नाकाबिल बताते हुए कहा था कि वो उसके मुंह पर थूकेंगे भी नहीं, बहन की शादी कराना तो दूर की बात है.. जिसे लेकर अब आसपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध ने भी एक्शन लेते हुए नॉर्थ एनेन्यू थाने में एससीएसटी एक्ट समेत कई धाराओं में अजीत भारती के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया.. जिसका नतीजा ये हुआ कि कल तक जातिवादी गालियां और अपशब्द कहने वाले अजीत भारती के सुर ही बदल गए। अजीत भारती पर जब पुलिस का चाबुक चला तो वो सफाई देने पहुंचे की उन्होंने किसी जाति पर टिप्पणी नहीं की थी, और किसी को जातिसूचक शब्द नहीं कहे थे। मैने दजो जवाब दिया वो केवल उस कमेंट का जवाब था। अजीत भारती ने कहा कि मामला बेबुनियाद है, कोर्ट में टिक ही नहीं सकेगा। बता दें कि अजीत भारती जंतर मंतर पर आरक्षण के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे.. इस दौरान उनकी एक वीडियो पर किसी यूजर ने कहा था कि वो अपनी बहन की शादी आजाद से करा दें, तो जातिवाद खत्म हो जायेगा, जिसके बाद अजीत भारती ने आजाद, बाबा साहब और अनूसूचुत जाति के लोगो को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.. जो कि जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाला बयान है। पुलिस शिकायत के आधार पर अब जांच शुरु हो गई है.. अब देखना ये होगा कि पुलिस जांच में क्या मिलता है.. वहीं क्या इस मामले के बाद अजीत भारती को गिरफ्तार किया जा सकेंगा।
कोल्हापुर में दलितों को बेसिक सुविधाओ के लिए करना पड़ रहा है आंदोलन
2, दलितो से जुड़ा अगला मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर से है, जहां दलितो को एक एक बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी आंदोलन करने की जरूरत पड़ रही है.. क्योंकि उनकी स्थिति, उनकी बस्तियों की स्थिति की सुध लेने की किसी को पड़ी नहीं है। ये मामला कोल्हापुर के काले पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है, जहां दलितो बस्ती की तरफ जाने की वाली सड़को की स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि वहां रहने वाले लोगो के लिए जीवन नारकीय हो गया है, बार बार शिकायत के बाद भी अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है, जिससे नाराज हो कर अब भारतीय दलित फेडरेशन ने पुलिस थाने के सामने धरना दिया। फेडरेशन की मांग है कि उन्होंने काले गगनवाड़ा सड़क को बनवाने के लिए ज्ञापन भी दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.. वो लोग लगातार नारे लगा रहे थे कि सड़को को ठीक किया जायें। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द कोई कार्रवाही नहीं हुई तो वो अपने आंदोलन को और तेज कर देंगे। सोचने वाली बात ये है कि ऐसा क्यों है कि जब दलित बस्तियों की बात आती है तो बार बार शिकायत करने पर भी उन्हें लावारिशों की तरह छोड़ दिया जाता है। ऐसा क्यों है कि बिना आंदोलन उन्हें बेसिक सुविधाओं से भी वंचित कर दिया जाता है।
बीजेपी का दावा, अखिलेश यादव ने बंद कराया प्रोमोशन में आरक्षण
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रर्देश के लखनऊ से है, जहां आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए का फॉर्मूला लगा कर वोटर्स को लुभाने की कोशिश कर रहे है, तो वहीं बीजेपी ने उन्हें उनके ही चाल में मात देने की कोशिश की है.. दरअसल बीजेपी के Scheduled Castes Finance and Development Corporation के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने अखिलेश यादव पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि दलितों के लिए प्रोमोशन में आरक्षण को खत्म करने में सबसे बड़ा हाथ अखिलेश यादव का ही है। अखिलेश यादव के राज में सबसे ज्यादा दलितो को नुकसान हुआ है। उनके हक मारे गए है। उन्होंने दावा किया कि आप आकड़े उठा कर देख लो, अखिलेश राज में सबसे ज्यादा दलित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पद से डिमोट किया गया था। अखिलेश यादव की बनाई नई राजस्व संहिता के कारण भूमिहीन दलितो को जमीन का पट्टा मिलना बंद हो गया… यहां तक कि Prevention of Atrocities on Dalits Act को भी सपा राज में पूरी तरह से निष्प्रभाव कर दिया गया था। जहां पीड़ितो के खिलाफ ही कार्यवाई की जाती है। बीजेपी नेता ने सपा मुखिया पर इस तरह के संगीन आरोप लगा कर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, अब देखना ये होगा कि सपा की तरफ से क्या बयान आता है, और इन दावों में आखिर कितनी सच्चाई है।
फटे नोटों के चलते दलित कर्मचारी के साथ मारपीट
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला गुजरात के अहमदाबाद से है, जहां दलित कर्मचारी ने फटे नोटो के बदले अच्छे नोट देने से इंकार क्या कर दिया.. उसे जातिवादियों ने न केवल पीटा बल्कि उसे जातिगत गालियां भी दी। ये घटना अहमदाबाद के बोपाल पुलिस स्टेशन के शोला का है, जहां एक रिटेल स्टोर पर नौकरी करने वाले दलित कर्मचारी ने पुलिस को तहरीर दी कि वो 1 बजे से 10 रात कर एक स्टोर में काम करता है, इस दौरान रविवार को उसका ही एक सहकर्मी तीन अज्ञात लोगो के साथ स्टोर आया, सहकर्मी ने उसे दो फटे नोट दिये और कहा कि वो उसे बदल कर अच्छे नोट दें दे, लेकिन पीड़ित ने सीसीटीवी के लगे होने का हवाला देकर इंकार कर दिया.. मगर इससे वो लोग नाराज हो गए, और जब वो अपना काम खत्म करने दुकान से निकला तो उसे रास्ते में घेर लिया, उसे जातिसूचक गालियां दी औऱ मारपीट की, मगर इसकी शिकायत उसने पहले मैनेजर से की, लेकिन आरोपियो ने वहां आकर भी उसे घसीटते हुए पहले बाहर ले गए और फिर बुरी तरह से पीटा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है हालांकि अभी तक किसी ती गिरफ्तारी नहीं हुई है। ये घटना सवाल उठाती है क्या दलितों को ईमानदारी से काम करने पर भी सजा ही मिलेगी..
अजीत भारती पर हुई एफआईआर पर रोहिणी घावरी का बड़ा बयान
5, दलितो से जुड़ी अगली खबर भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद की कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी को लेकर है, जिन्होंने अजीत भारती के खिलाफ हुए रातोरात एफआईआर को लेकर दिल्ली पुलिस को घेरा है.. घावरी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने एक दिन में आजाद के खिलाफ बोलने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, और कार्रवाई भी शुरु कर दी लेकिन पिछले एक साल से हज़ारो कोशिशे करने के बाद भी उनके साथ शोषण करने वाले सांसद पर FIR क्यों नहीं की गई? किसके इशारे पर चल रहे है वो लोग। घावरी ने ये भी ऐलान किया है कि वो 11 सितंबर को खुद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने आ कर धरना देंगी.. जाति उनके सम्मान को लेकर उठी बात पर भी पुलिस का ध्यान जायें। आपको बता दे कि घावरी ने आजाद पर उनका शारिरीक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया था.. और वो लगातार मामला दर्ज कराने की भी कोशिश कर रही थी लेकिन आज तक उनकी बात पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब देखना ये होगा कि क्या वाकई में घावरी भारत आ रही है.. औऱ क्या वो सच में 11 सितंबर को धरना देने वाली है। वैसे आपको ये दावे कितने सही लगते है।



