Top 5 Dalit news: ये बहुत बड़ी विडंबना है कि बाबा साहब ने एक स्वतंत्र संविधान तो दे दिया है लेकिन आज भी सदियों से जो परंपरा चली आ रही है वो जारी है..दलितो को न्याय चाहिए तो बिना आंदोलन के उनकी चीखें किसी के कानों में गूंजती ही नहीं, और जब आंदोलन करते है तो अवसरवादी का आरोप लगाया जाता है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो उस सच्चाई को उजागर करती है कि दलितों को आज भी समाज में बराबरी के लिए लंबा संघर्ष करना है।
जबलपुर में जबरन धर्म परिवर्तन करने का बनाया जा रहा दवाब
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर से है, जहां एक स्कूल में जबरन धर्म परिवर्तन कराने और दलितों के साथ दुर्व्यावहार करने का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ये घटना जबलपुर के कटंगी थाना क्षेत्र के सेंट अलोयसियस स्कूल में घटित हुई.. इस खबर के सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। दरअसल स्कूल में काम करने वाले एक दलित कर्मचारी ने हिंदू संगठन को चिट्ठी लिख कर मदद मांगी थी कि सेंट अलोयसियस स्कूल एक ईसाई मिशनरी स्कूल है, जहां वो कई सालों से काम कर रहा है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसके साथ जातिगत रूप से भेदभाव किया जा रहा है, और साथ ही उस पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का दवाब बनाया जा रहा है, औऱ अगर वो ऐसा नहीं करता तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जा रही है। इसके बाद हिंदू संगठनो ने स्कूल के बाहर उग्र प्रदर्शन शुरु कर दिया..जमकर तोड़फोड़ मचाई.. बढ़ते हुए हंगामें को देख कर पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची और उन लोगो ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया, साथ ही इस मामले की पूरी निष्पक्ष जांच करने का भी आश्वासम दिया है। अब देखना ये होगा कि स्कूल में इस तरह का व्यवहार सामने आने के बाद सरकार इस तरह के स्कूलों के साथ कोई एक्शन लेती है।
बरेली में 15 साल की दुष्कर्म पीड़िता ने जान दी
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से है, जो कि दलितों के लिए एक नरक बनता जा रहा है। वादे तो बहुत हुए लेकिन सब धरे के धरे रह गए, न न्याय मिलता है और न कोई सहारा.. जी हां, ताजा मामला लखीमपुर खीरी के नीमगांव थाना क्षेत्र का है, जहां पहले एक 15 साल की मासूम नाबालिग दुष्कर्म का शिकार हुई लेकिन जब मामला पुलिस थाने में पहुंच गया तो लोकलाज के डर से उसने अपने ही घर में फांसी लगा कर जान दे दी। दरअसल 5 जुलाई को लड़की की मां ने पुलिस को तहरीर दी थी कि दूसरे समुदाय से आने वाले आरोपी महबूब ने उनकी अनुपस्थिति में उनके घर में घुस कर उनकी 15 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने शुरुआती जांच शुरु की तो पता चला कि दोनो के बीच 2 साल से प्रेम संबंध था, औऱ दुष्कर्म की बात पर पीड़िता मुकर गई थी, लेकिन जब मेडीकल रिपोर्ट आई और एफआईआर दर्ज की गई तो उसने सारी सच्चाई बताई.. जिसके बाद पुलिस ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया है, वहीं लड़की ने आत्महत्या क्यों की, और मौत का क्या कारण था उसकी जांच भी जारी है, अब देखना ये होगा कि खुदकुशी की असली वजह क्या है।
भीम आर्मी चीफ पहुंचे दिल्ली के जंतर मंतर
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने तमाम अटकलो के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में छात्रो को समर्थन देने के लिए वहां का दौरा किया। इससे पहले CJP फाउंडर अभीजीत दीपके ने नगीना सांसद आजाद से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की औऱ उन्हें आने का न्यौता दिया, जिसके बाद आजाद ने जंतर मंतर पर आने का वादा किया। करीब शाम को 4 बजे वो दिल्ली के जंतर मंतर पह पहुंचे, इसल दौरान भारी संख्या में उनके समर्थक भी पहुंचे, जिसने इस आंदोलन में एक जान डाल दी। बता दें कि आजाद ने कुछ दिन पहले ही आंदोलन कर रहे छात्रो के लिए कहा था कि उन्होंने तो केवल सच्चे मन से न्याय के लिए आंदोलन शुरु किया, लेकिन उन्हें ये नही पता था कि सरकार उनके आगे झुकेगी या नहीं.. क्योंकि वो अभी इन दाव पेंचो से अंजान है। करीब 15 दिनो से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले छात्रों की मांगो को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, ऐसे में ये देखना होगा कि आजाद के जंतर मंतर पहुंचने के बाद इस आंदोलन में क्या क्रांति आती है और क्या सरकार अब नींद से जागेगी या नहीं।
छत्तरपुर में दलित किसान पर हमला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से है, जहां कुशवाहा समाज से आने वाले एक किसान मोतीलाल कुशवाहा की जमीन हड़पने के लिए बाघेश्वर धाम प्रमुख कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और उसके साथियो ने जानलेना हमला कर दिया। ये घटना छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव की है। किसान मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि उनकी जमीन को हड़पने के लिए काफी लंबे समय से शालिग्राम गर्ग उन्हे तंग कर रहा था, जिसके बाद किसान ने लिखित में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी.. जिससे गुस्साएं शालिग्राम गर्ग औऱ उसके साथियों ने मोतीलाल कुशवाहा पर दिनदहाड़े गोली चला दी। जिसमें वो बुरी तरह से घायल हो गए और उनका इलाज चल रहा है, वहीं इस मुद्दे पर भीम आर्मी चीफ ने मध्य प्रदेश सरकार को घेरा है तो वहीं मध्य प्रदेश भीम आर्मी के स्टेट प्रेसीडेंट सुनील आस्तेय ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया और उसके खिलाफ NSA सहित कठोर कार्रवाई पर फैसला नहीं लिया गया..तो भीम आर्मी बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। वहीं उन्होंने मोतीलाल कुशवाह को कानूनी सुरक्षा देने की भी मांग की है। बता दे कि शालिग्राम गर्ग पर अभी कुछ वक्त पहले भी एक दलित शादी में घुस कर हंगामा करने औऱ महिलाओं के साथ अभ्रदता करने का मामला सामने आया था, लेकिन रसूख के कारण उस वक्त उस पर कोई कार्य़वाई नहीं हुई थी, अब देखना ये होगा कि अब भी दलित परिवार को न्याय मिलेगा या ये मामला भी रफा दफा हो जायेगा।
जातिगत टिप्पणी के मामले में सिंगर पलाश मुच्छल की बढ़ी मुश्किलें
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला महाराष्ट्र के सांगली से है , जहां मशहूर गायक और संगीतकार पलाश मुच्छल द्वारा जातिवादी दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी गई है। जिसके बाद अब पलाश की गिरफ्तारी की संभावनायें तेज हो गई है, बता दें कि 4 मई 2026 को पलाश के एक दोस्त विज्ञान माने से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि 2023 में पलाश ने उनसे 25 लाख रूपय फिल्म निर्माण के नाम पर लिये थे, और वादा किया था कि वो बदले में 40 लाख लौटायेंगे लेकिन उसे लौटये ही नहीं, जिसे लेकर 22 नवंबर 2025 को सांगली आष्टा के एक टोल प्लाजा पर शाम को करीब 6.30 बजे दोनो में बहस होने लगी.. ये बहस इतनी तीखी थी कि पलाश ने विज्ञान को जातिसूचक शब्दों कह कर अपमानित किया, जिससे नाराज होकर विज्ञान ने पलाश के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। उसके बाद उनकी टीम ने अग्रिम जमानत की याचिका डाली थी, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया था लेकिन बावजूद उसके पलाश ने जांच में समर्थन नहीं किय..जिससे नाराज सांगली कोर्ट ने दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में अब देखना ये होगा कि पुलिस आगे क्या कार्यवाई करती है, वहीं पलाश की टीम अब इस मामले को अपर कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है। क्या अपर कोर्ट पलाश को जमानत देगी या फिर निचली अदालत का फैसला बरकरा रहेगा, इस मामले से ये तो साफ हो गया है कि भले ही कोई सेलीब्रिटी ही क्यों न हो, जातिगत अपमान करने का अधिकार किसी के पास नहीं है।



