Chandrashekhar azad का बड़ा ऐलान, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक होगा मार्च

Chandrashekhar Azad, Sonam Wangchuk
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Chandrashekhar azad: हाल ही में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad) को लेकर है, जो 15 जुलाई को राजधानी दिल्ली (में पिछले 15 दिनो से चल रहे आंदोलन में छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए पहुंचे। आजाद (Azad) ने यहां आकर अपना वादा भी निभाया, और साथ ही संदेश भी दिया कि राजनीति कभी भी उनके लिए उनके लोगों से बढ़ कर नहीं है।

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चंद्रशेखर ने जंतर मंतर पर किया बड़ा ऐलान

आपको क्या लगता है—क्या दलित समाज में सद्भाव ला सकते हैं? शायद नहीं; जब तक सवर्ण और ऊंची जातियों के लोग खुद पहल नहीं करते, तब तक यह भेदभाव बना रहेगा। और ऐसी पहल सही तरह की शिक्षा से ही संभव है—लेकिन विडंबना यह है कि शिक्षा की राह में भी घपले बाजी की जा रही है। जिसके लिए कई बड़े  नेता आन्दोलन भी करते है। ऐसा ही मामला काफी दिनों से जंतर मंतर पर देखने को मिल रहा है। जहाँ काफी दिनों से सोनम वांगचुक शिक्षा के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर हंगर स्ट्राइक कर रहे है। वही आजाद ने भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से मुलाकात कर उनकी हिम्मत बढ़ाई तो वहीं लगे हाथ सरकार को भी बड़ी चुनौती दे डाली है।

उन्होंने सीधे कहा कि अगर छात्र चाहते है कि जंतर-मंतर (Jantar Mantar) से लेकर संसद तक लोगो की भीड़ हो तो वो वादा करते है। कि भीड़ जमा होगी.. और उस भीड़ में केवल महापुरुषों की तस्वीरों के अलावा कुछ नहीं होगा.. किसी पार्टी, किसी संगठन का झंडा नहीं होगा।


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आंदोलन से कोई राजनीतिक लाभ नहीं चाहिए

क्योंकि हमें आंदोलन से कोई राजनीतिक लाभ नहीं चाहिए” इसका विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। बता दें कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को संसद के मानसूत्र सत्र (Monsoon Session of Parliament) के पहले ही दिन जंतर मंतर से लेकर संसद तक शांतिपूर्ण मार्च करने का आहवान किया गया है। जिसका नेतृत्व खुद सोनम वांगचुक औऱ कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के हेड अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) करने वाले है।

नगीना सांसद ने सरकार में चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाले छात्रों के आंदोलन की सराहना की है, ऐसे में देखना ये होगा कि 20 जुलाई को होने वाला आजाद के आहावान के बाद औऱ कितना व्यापक होने वाला है। वैसे आपको क्या लगता है, क्या आजाद के आंदोलन में शामिल होने के बाद सरकार की नियत बदलेगी।

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