Top 5 Dalit news: ऐसा क्यों है जब दलितो का अपमान किया जाता है तो न तो प्रशासन और न ही दूसरे बड़े नामी नेता तुरंत मामले में कार्यवाई करते है, लेकिन वहीं अगर किसी दलित ने दलित अपमान को रोकने की कोशिश की तो सबसे पहले उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए नींद से जाग जाते है… या कहें कि दलितों का उत्पीड़िन करने के लिए वो भी हमेशा तैयार रहते है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जिससे जानकर आपको भी हैरानी होगी कि आखिर क्यों आज तक दलितों को सामाजिक न्याय नहीं मिल सकता है।
बिहार के सिवान में दलित अपमान पर एक्शन
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला बिहार के सिवान से है, जहां एक युवक को दलितों और बाबा साहब आंबेडकर को सोशल मीडिया पर सरेआम अपमान करते हुए वीडियो अपलोड किया था। जिसके वायरल होने के बाद दलित समाज में इतना ज्यादा रोष बढ़ गया है, दलित बस्ती के लोगों ने गाली देने वाले शख्स को उसके ही घर से निकल कर पूरे गांव में घुमाया, इस दौरान युवक ने केवल अंडर वेयर ही पहने हुए था। ये घटना सीवान के आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बंगरा गांव की है। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बस पुलिस भी हरकत के आ गई। तुरंत इसकी जांच शुरू की गई तो पता चला कि संतोष सिंह नाम ये युवक सोशल मीडिया पर सरेआम दलितों बहुजनों को और बाबा साहब को काफी गालियां दे रहा था। जिसे लेकर अब दलित समाज में काफी नाराजगी हो गई। वहीं संतोष कुमार के ही गांव में रहने वाले दलितों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए संतोष कुमार को उसके घर से अर्धनग्ण अवस्था में दबोच कर बाहर ले आए और उसके साथ मारपीट करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में वो माफी मांगता नज़र आ रहा है। वहीं पुलिस ने भी अपमान करने वाले संतोष कुमार के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय जिन दलितों ने न्याय के लिए संतोष कुमार के खिलाफ आवाज उठाई थी, उन्हें ही गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। पुलिस इन एक शख्स को गिरफ्तार भी कर लिया है और बाकियों की तलाश शुरू कर दी है। हैरानी की बात तो ये है कि संतोष कुमार के खिलाफ बाबा साहब और दलित का अपमान करने के बदले कोई एक्शन नहीं लिया गया उल्टा जब दलितों ने न्याय के लिए आवाज उठाई तो उन्हें ही जेल में डाला जा रहा है। ये सबूत है कि चाहे कितने भी कानून बना दिए जाए लेकिन जब बात दलित उत्पीड़न की आती है तो सभी जातिवादी बहती गंगा में हाथ धो लेते है।
आप नेता ने दलित कार्यकर्ता की जमीन हड़पी
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश से है जहां दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता द्वारा दलित व्यक्ति की संपत्ति हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे लेकिन दिल्ली पुलिस ने आप नेता के खिलाफ एक्शन लेते हुए ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल आप की नेशनल काउंसिल के सदस्य चंद वोहरा पर आरोप लगा है कि दिल्ली के जैतपुर एक्सटेंशन में पार्टी के एक दलित कार्यकर्ता राकेश कुमार की जमीन पर कब्जा कर लिया है। चंद वोहरा, जैतपुर से ‘आप’ की पार्षद हेमा वोहरा के पति हैं, वहीं इस मामले के सामने आने के बाद बीजेपी ने आप पर जमकर निशाना साधना शुरू के दिया। बीजेपी ने मुख्य प्रवक्ता अनिल गुप्ता ने अपने ही दलित नेता के साथ होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न पर आप मुखिया अरविंद केजरीवाल की चुप्पी को लेकर भी सवाल किया है। उन्होंने मांग की है कि आप जल्द से जल्द दलित कार्यकर्ता को उसका हक दिलाए और आरोपी पार्षद और उसके पति के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए निलंबित कर देने की मांग की है । वहीं मामले में राजनीति शुरू होने के बाद दो हफ्ते पहले पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और आप नेता को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि अभी तक आप की तरफ से किसी ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी भी की है, ऐसे में देखना ये होगा कि क्या इस मामले में शुरू हुई राजनीति के बाद दलित को उसकी जमीन वापिस मिलेगी।
भदोही में दलित छात्र के साथ जातिगत अपमान
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के भदोही से है, जहां एक दसवी में पढ़ने वाले छात्र पर केवल इसलिए जातिगत टिप्पणी करकें उसके साथ मारपीट की गई क्योंकि वो पढ़ कर अफसर बनना चाहता था। ये घटना भदोही के सुरियावां पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले भिडियुरा गांव का है। पीड़ित सुंदरम कनौजिया की दादी ने इस घटना को लेकर पुलिस को तहरीर दी थी, जिनके मुताबिक वो धोबी जाति से आते है, उनका पोता, जो कि जेबी ग्रेटर पब्लिक स्कूल पाली में पढ़ता है। 15 अगस्त को वो स्कूल से लौट रहा था, लेकिन रास्ते में उसे शुभम उपाध्याय, अर्जुन पंडित, और गणेश यादव ने घेर लिया और उस पर जातिगत टिप्पणी करते हुए कहा-धोबी तू अधिकारी बनने का सपना देख रहा है, तू सिर्फ धोबी घाट संभाल, कपड़े धो औऱ उन्हें प्रेस कर.. पढ़ाई लिखाई करने की जरूरत नहीं। इन पूरा वाक्ये का आरोपियों ने वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया, इतना ही नहीं विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़ित की दादी ने कहा कि उनके पोते के साथ हुई ऐसी घटना से उसे मानसिक आघात पहुंचा है। पुलिस ने तुरंत इस मामले की जांच शुरु कर दी है, हालांकि अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है।
भीलवाड़ा में दलित युवको को कुर्सी से उतारा
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के भीलवाड़ा से है, जहां आजादी के 80 साल होने के बाद भी जातिगत भेदभाव की सीमा को तोड़ना नामुमकिन सा है..ताजा मामला भीलवाड़ा के भाकलिया गांव के एक सरकारी स्कूल का है, जहां आजादी के समारोह के दौरान दो दलित युवको से जबरन कुर्सी छीन कर उन्हें जातिगत नामों से बुलाते हुए जमीन पर बैठने को कहा गया। पीड़ित रामेश्वरलाल बैरवा और गोपीलाल बैरवा ने पुलिस को तहरीर दी कि वो सरकारी स्कूल में कार्यक्रम देखने के लिए कुर्सी पर बैठे थे तभी गांव के ही 5 लोगो ने उनपर पहले जातिसूचक टिप्पणी की औऱ फिर उन्हें कुर्सी से उतर कर नीचे बैठने को कहा। दोनो पीड़ितो ने इससे इंकार कर दिया तो उन्हें मारपीट की धमकी दी गई। पुलिस के मुताबिक पीड़ितो ने बताया कि गांव के आंगनवाड़ी को भी बंद कराने की प्लानिंग चल रही है क्योंकि वहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका एससी समुदाय से आती है। पुलिस ने इस मामले के सामने आने के बाद तुंरत जांच शुरु कर दी है.. वहीं आरोपियों की भी तलाश जारी है।
भीम आर्मी चीफ का नया ऐलान
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है.. जिन्होंने आगामी विधानसभा चुनावो में 2027 में आसपा की सरकार बनाने का बिगुल बजा दिया है। हमेशा की तरह आजाद एक्शन मोड में है और उन्होंने राज्य की जनता के सामने बड़ी बात कर दी है। जी हां, आजाद ने चुनावी रैली के दौरान ऐलान करते हुए कहा कि “बाबासाहेब अम्बेडकर हमें वो ताकत देकर गये हैं कि आप जिसे चाहो कुर्सी पर बिठा दो और जिसे चाहो जमीन पर पटक दो। सबकुछ जनता जनार्दन तय करती है। आजाद ने यूपी की जनता से एक मौका मांगते हुए कहा कि आप मुझे एक मौका दो, जो काम पिछले 20 साल में नहीं हुआ वो 1 साल में नहीं हुआ तो इस्तीफा देकर घर बैठ जायेंगे। आजाद इस वक्त पूरे यूपी की जनता की पहली पसंद बनते जा रहे है तो वहीं उनकी कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी ने भी ऐलान किया है कि वो अगले महीने भारत आ रही है और सब दलालों की दुकान बंद करा कर रहेगी। खासकर जहां जहां नौटंकी करने जाओगे वहां वहां वो आकर सच से पर्दा उठायेगी। घावरी का इशारा पूरी तरह से आजाद की ओर है। वैसे इससे पहले भी कई बार दावे कर चुकी है भारत आने के.. अब देखना ये होगा कि क्या घावरी सही में आ रही है, वहीं उनके आने से आजाद की छवि पर क्या असर पड़ेगा।



