क्या पत्नी की इजाजत के बिना शराब पीना पड़ सकता है भारी? Article 85 को समझिए

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Article 85: पत्नी से बिना पूछे शराब पी तो खानी पड़ सकती है पति को जेल की हवा,. जी हां, सोशल मिडिया पर कुछ इस तरह की ही खबर काफी लंबे समय से बहुत वायरल हो रही है.. दावा किया जा रहा है कि अगर पति ने पत्नी के बिना मर्जी के अब से शराब पी तो पत्नी को ये हक है कि वो उसके खिलाफ कंप्लेन कर सकती है और पति को सलाखो के पीछे पहुंचा सकती है। वैसे इस वायरल खबर से एक तरफ कुछ में खुशी की लहर थी तो कुछ परेशान.. लेकिन क्या वाकई में ऐसा कानून बनाया गया है.. शराब का नशा लगभग एक ऐसी समस्या है, जिसके हर दूसरे घर में लोग पीड़ित है। ऐसे में क्या ऐसा कोई कानून बनाया गया। क्या है इन दावो का सच.. वहीं शराब पीकर आने के बाद क्या क्या है पत्नी के अधिकार.. उसे लेकर संविधान में क्या कहा गया है।

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शराब पीने को लेकर क्या कानून है?

इन कानूनी दावों से पहले जानते है कि शराब पीने को लेकर क्या कानून है, दरअसल भारतीय संविधान में कहीं भी शराब पीने के लिए कोई दायरा तय नहीं किया गया है। कोई कितनी शराब पीता है, ये पीने वाले का नीजि फैसला है। इसमें कानूनी रुप से कोई बाधा नहीं डाल सकता है, लेकिन अगर कोई शराब पीकर हिंसा करता है, गाली गलौच करता है, घर की शांति बिगाड़ने की कोशिश करता है तो ऐसे में पत्नी को ये अधिकार होगा कि वो कानून का सहारा लें, क्योंकि उसके खिलाफ संविधान में भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 दी गई है।

क्या कहती है बीएनएस की धारा 85

दरअसल भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498 को बदल कर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 कर दिया गया है। जिसके मुताबिक अगर किसी महिला का पति या उसके रिश्ते महिला के साथ किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक क्रूरता करते है तो धारा 85 के तहत मामला दर्ज कराया जायेगा। इसमें केवल शारीरिक उत्पीड़न, मारपीट ही शामिल नहीं है बल्कि अगर कोई किसी भी कारण से अपमानित करता है तो भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। धारा 85 पूर्ण रूप से महिलाओ को सुरक्षित महसूस कराने के लिए बनाया गया है।

आरोपी को 3 साल की सजा के साथ जुर्माना

इस मामले में कोर्ट आरोपियों को 3 साल की सजा और जुर्माना लगा सकता है। लेकिन अगर अपराध जघन्य है तो वो अपराधिक धाराओं में भी लगाया जा सकता है, वहीं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 बी में ये कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर अपनी पत्नी को तंग करता है, उसके सात क्रूरता करता है तो शराब का नाम लेकर वो सजा से बच नहीं सकता है। शराब के नशे में होने के बाद भी किये गए अपराधों के लिए उसे सजा होगी। इसमें भी आरोपी को 3 साल की सजा के साथ साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

पत्नी की परमिशन के बिना शराब पीने पर जेल

एक उदाहरण से समझते है.. सपोज किजिए एक्स और वाई पति पत्नी है, वैसे तो एक्स वाई से बहुत प्यार करता है, उसका बहुत सम्मान करता है लेकिन जब वो शराब पी लेता है तो उसे होश ही नहीं रहता कि वो कब क्या बोल रहा है, और वो वो अपनी पत्नी से कैसा व्यवहार कर रहा है, अगले दिन होश में आने के बाद वो बिल्कुल शरीफ बन जाता है.. तो ऐसे में वाई को क्या करना चाहिए.. क्या उसे एक्स के खिलाफ एक्शन लेने का हक है।

कहीं ऐसा तो नहीं होगा कि एक्शन लेने पर उसे दलील दी जायें कि वैसे तो एक्स बहुत अच्छा है, शराब पीकर ऐसा बिहेव करता है तो एडजस्ट कर लो.. ऐसे में वाई को क्या करना चाहिए.. तो आपको बता दें कि पति अगर शराब पीकर हंगामा करता है, पत्नी का अपमान करता है, भले ही वो उसके शारीरिक तौर पर चोट न पहुंचाये तब भी पत्नी को ये अधिकार देश का कानून देता है कि वो एक्शन लें.. इसलिए ही शायद ये दावें किये जा रहे है पत्नी की परमिशन के बिना शराब पीने पर जेल हो सकती है, क्योंकि शायद कोई पत्नी कभी अलाऑ ही नहीं करेगी कि उसका पति शराब पीकर उसे अपमानित करें।

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