Bihar news: हाल ही में बिहार के सिवान से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक वीडियो में साफ तौर पर ऊंची जाति का एक युवक दलितों और बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान करता दिख रहा है; इतना ही नहीं, उसने यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया। विडियो के वायरल होते ही दलित समुदाय के बीच रोष बढ़ गया और वो न्याय कि मांग कर रहे है।
सिवान में दलित अपमान पर एक्शन
अक्सर ऐसी खबरें आती रहती हैं कि ‘मनुवादी’ सोच वाले लोग बाबासाहेब और दलितों, दोनों का अपमान करते हैं; ऐसा ही एक मामला फिर बिहार से सामने आया है जिसका विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। विडियो सामने आने के बाद दलित समाज में इतना ज्यादा रोष बढ़ गया है, दलित बस्ती के लोगों ने गाली देने वाले शख्स को उसके ही घर से निकल कर पूरे गांव में घुमाया, इस दौरान युवक ने केवल अंडर वेयर ही पहने हुए था। ये घटना सीवान के आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बंगरा गांव की है।
संतोष कुमार को उसके घर से अर्धनग्ण अवस्था में दबोचा
पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बस पुलिस भी हरकत के आ गई। तुरंत इसकी जांच शुरू की गई तो पता चला कि संतोष सिंह नाम ये युवक सोशल मीडिया पर सरेआम दलितों बहुजनों को और बाबा साहब को काफी गालियां दे रहा था। जिसे लेकर अब दलित समाज में काफी नाराजगी हो गई। वहीं संतोष कुमार के ही गांव में रहने वाले दलितों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए संतोष कुमार को उसके घर से अर्धनग्ण अवस्था में दबोच कर बाहर ले आए और उसके साथ मारपीट करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया।
पुलिस ने नहीं लिया आरोपी के खिलाफ एक्शन
वायरल वीडियो में वो माफी मांगता नज़र आ रहा है। वहीं पुलिस ने भी अपमान करने वाले संतोष कुमार के खिलाफ एक्शन लेने के बजाय जिन दलितों ने न्याय के लिए संतोष कुमार के खिलाफ आवाज उठाई थी, उन्हें ही गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। पुलिस इन एक शख्स को गिरफ्तार भी कर लिया है और बाकियों की तलाश शुरू कर दी है। हैरानी की बात तो ये है कि संतोष कुमार के खिलाफ बाबा साहब और दलित का अपमान करने के बदले कोई एक्शन नहीं लिया गया उल्टा जब दलितों ने न्याय के लिए आवाज उठाई तो उन्हें ही जेल में डाला जा रहा है। ये सबूत है कि चाहे कितने भी कानून बना दिए जाए लेकिन जब बात दलित उत्पीड़न की आती है तो सभी जातिवादी बहती गंगा में हाथ धो लेते है।



