Top 5 Dalit news: ऐसा क्यों है कि जब भी किसी भी घटना में कोई दलित और कोई उंची जाति का शामिल होता है तो अपराधी हमेशा दलित को ही ठहराया जाता है। क्या केवल आरक्षण मिलने से वो ताकतवर हो गए है..जिसकी दुहाई देकर जातिवादियों को उन्हें प्रताड़ित करने का अधिकार मिल गया। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे.. जो आपको भी ये सोचने पर मजबूर कर देंगे, क्या वाकई में दलित ताकतवर हुए है।
मुजफ्फरनगर में दलित नाबालिक के साथ गैंगरेप
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है, जहां एक 17 साल की दलित नाबालिक बच्ची को पहले किडनैप किया गया और फिर उसके साथ गैंगरेप करने की सनसनीखेज घटना के बाद इस मामले में लोगो का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगो के इस गुस्से को देखते हुए पुलिस ने भी बिना समय गवांये तेजी से कार्रवाई की औऱ करीब 600 सीसीटीवी कैमरो को खंगाल कर लड़की को सही सलामत बरामद कर लिया गया है, लेकिन मेडीकल में सामने आया कि बच्ची के साथ कई बार गैंगरेप किया गया था.. आरोपी दूसरे समुदाय से थे। जिसके बाद पुलिस ने पूरे जिले में बड़े पैमाने पर आरोपियों की तलाश शुरु की, और मुख्य आरोपी नाजिम और उसके साथी डॉ मोहम्मद आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ये घटना 18 अगस्त की है, जहां पीड़िता बाहर किसी काम से निकली थी औऱ फिर वापिस नहीं लौटी.. घरवालों ने पुलिस में शिकात दर्ज कराई.. लेकिन तब भी करीब 3 दिनों के बाद पीड़िता को बरामद किया था, और उसी रात 2 बजे के करीब मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी भी दबोचा गया.. लेकिन इतने से लोगो का गुस्सा शांत नहीं हुआ। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए रामलीला टिल्ला मैदान में महापंचायत रखी गई, जिसमें कई बड़े नेताओं के साथ साथ भारी बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पीड़ित परिवार ने ऐसे जघन्य अपराध को करने वाले के खिलाफ फांसी की सजा की मांग की है साथ ही आरोपियों के घरों, स्कूल और अस्पताल पर भी बुल्डोजर चलवाने की अपील की है। वहीं अदालत ने दोनो को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है..पुलिस पूछताछ करके ये पता लगाने की कोशिश कर रहे है कि इस अपराध में औऱ कौन कौन शामिल है। अब देखना ये होगा कि इश मामले में और कितने खुलासे होंगे और क्या होगा सरकार का रवैय़ा।
चेन्नई में गरीबी के कारण एक दलित युवक की हत्या
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु की राजधानी चैन्नई से है. जहां केवल गरीब होने के कारण लड़की के प्यार में पड़ने के बदले एक दलित लड़के मौत की सजा दी गई। ये घटना चैन्नई के चेंगलपट्टू जिले के केलंबक्कम क्षेत्र की है। जहां 23 साल के प्रवीण जो कि दलित जाति से आता था, और अश्वथी के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन इसकी खबर अश्वथी के पिता एझुमलाई को लग गई और एझुमलाई ने मणिकंदन, , नंथीश और गौतम के साथ मिलकर 16 अगस्त को पहले अगवा किया गया और फिर सुनसान में जाकर चाकू से हमला कर दिया। जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। उसे आनन फानन में चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 20 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में चारों आऱोपियो को गिरफ्तर कर लिया है, वहीं पीड़ित परिवार को डर है कि एझुमलाई सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) के सदस्य हैं, कहीं अपने रसूख का फायदा उठाकर उन्हें और प्रताड़ित न किया जाये। फिलहाल चारों आरोपी जेल में है और आगे की जांच जारी है।
ईडी ने जयपुर में धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के जयपुर से है, जहां दलितों और पिछड़ो के धर्म परिवर्तन कराने के बड़े खेल का भंडा फोड़ हुआ है। ये घटना जयपुर की है, जहां दलितों को टारगेट करके उनका धर्म परिवर्तन कराने की साजिश को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने होप मिनिस्ट्री से संबद्ध प्रोटेस्टेंट मिशनरी पादरी रवि मोहन पहाड़िया के यहां छापा मारा, जहां 2.20 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि मिली है, ये पैसे अमेरिका के दाता थॉमस यूजीन लिंच ने दिये थे, ईडी ने जब जांच की तो उनके पास से कुछ सनसनीखेज दस्तावेज थे जिसमें राज्य के दलित वाल्मीकि और आदिवासी भील समुदायों को टारगेट किया जा रहा था, उनके लिए विशेष प्रार्थना सभायें आयोजित की जा रही थी, जिसमें धर्म परिवर्तन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद अब देखना ये होगा कि सरकार का क्या रवैया होता है। वैसे आपको क्या लगता है.. इस एक भंडाफोड़ से औरो का पता चलेगा।
आरक्षण हटाने के मामले में रामदास अठावले का बड़ा बयान
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला महाराष्ट्र के मुम्बई से है, जहां देशभर में सवर्ण और ब्राह्मण जातिगत आरक्षण को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आये है तो वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का आरक्षण के हटाने को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अठावले ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो भी आरक्षण को हटाने की बात करता है उन पर सीधा देशद्रोह का मुकदमा लगा देवा चाहिए। आरक्षणइ दलितो को मिलने वाला संवैधानिक अधिकार है, और कोई भी इस अधिकार को छीनने का हकदार नहीं है। बता दें कि दिल्ली के जंतर मंतर पर सैकड़ो लोग जमा हुए थे आरक्षण को हटाने की मांग को लेकर, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी थी। जिसके बाद भी भारी विरोध हो रहा है.. ऐसे संगीन मौके पर रामदास अठावले ने सीधे कहा कि जो आरक्षण हटाने की मांग कर रहा है यानि कि वो संविधान के खिलाफ जाने का काम कर रहा है। और संविधान से बढ़कर कुछ नहीं है, इसलिए आरक्षण कभी भी नहीं हटाया जाना चाहिए.. औऱ तब भी इसे हटाने की मांग हो तो मांगने वाले पर सीधा देशद्रोह का मामला लगाया जाये। वैसे अठावले की बात से आप कितने सहमत है।
भीम आर्मी चीफ का आरक्षण हटाओ आंदोलन को लेकर बड़ा बयान
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ औऱ नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होने आरक्षण को हटाने की माग करने वाले सवर्ण समाज के लोगो के प्रति सरकार के रवैये को लेकर बड़ा बयान दिया है। आजाद ने सीधा कहा कि अगर आरक्षण को हटाने की मांग करने वालों को सरकार कोई मदद नहीं दे रही है, कोई राजनैतिक पार्टी उनकी नहीं सुन रही तो उन्हें भी अपना दल बनाना चाहिए और अपना प्रतिनिधित्व लोकसभा व राज्यसभा में भेजकर कानून बनाने के बारे में सोचना चाहिए। सच तो ये है कि आरक्षण के खिलाफ ये आंदोलन खुद सरकार ही करवा रही है.. क्योंकि ये लोग जातिय जनगणना और उसके आर्थिक आकड़ो से डरे हुए है.. लेकिन 85 प्रतिशत बहुजन लोग सरकार को अब जवाब देने के लिए तैयार है। बीजेपी को इस आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना भारी पड़ेगा। जनता सबकुछ देख रही है औऱ सब समझ रही है। आजाद ने सीधे तौर पर आरक्षण के विरोध में हो रहे है आंदोलन को सरकार द्वारा संचालित होने का आरोप लगाया है, जिसके बाद देखना ये होगा कि सरकार की तरफ से क्या रिएक्शन होता है।



