Top 5 Dalit news: सिस्टम पर उठे सवाल, आजाद के अपमान से दलित कैदियों की प्रताड़ना तक

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Top 5 Dalit news: SC-ST कैटिगरी के लोगों को सामाजिक जीवनधारा में लाने की कोशिश अब तक क्यों समाजसुधारक कर चुके है, वहीं सरकार भी उनके लिए तरह तरह के स्कीम निकाल देती है, लेकिन विडंबना ये है कि इसका लाभ दलितों को मिल भी रहा है या नहीं, वो कौन जांच करेगा। तो चलिए आपको इस लेख में  पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो सवाल उठाते है इस सिस्टम पर, जिसके तहत कोशिश करते हुए तो दिखाई जा रही है लेकिन वो कोशिश सही जगह हो भी रही है, ये सवाल करने वाला कोई नहीं है।

आजाद के अपमान करने वाले अजीत भारती की मुसीबत बढ़ी

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद के अपमान के बाद यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ हुए एक्शन को लेकर है। अपने चैनल पर दलितों और आजाद को लेकर विवादित टिप्पणी करने के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध ने नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में लिखित ने scst एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद से अजीत भारती भह हुआ है। वहीं उसकी अग्रिम जमानत को लेकर 31 अगस्त को फैसला होना था लेकिन कोर्ट ने ये सुनवाई 7 सितंबर तक टाल दी है। 7 सितंबर को ही अजीत भारती की अग्रिम जमानत पर  फैसला हो सकता है। बता दें कि अजीत भारती ने आजाद को लेकर कहा था कि वो उनके मुंह पर थूकना भी पसंद नहीं करेंगे, बहन की शादी करना तो बहुत दूर की बात है। जिसके बाद ये मामला तूल पकड़ने लगा। अब देखना ये होगा कि 7 सितंबर को आजाद के अपमान के बदले कोर्ट का क्या फैसला होता है। वैसे आपको क्या लगता है, क्या अजीत भारती जो अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए।

पानीपत में चमार शब्द बदलने के खिलाफ धरना

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के पानीपत से है, जहां एक तरफ सीएम नायब सिंह सैनी ने सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए ऐलान किया है कि अब से चमार शब्द का इस्तेमाल करने के बजाय मेघवाल का इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन वहीं दूरी तरह भीम आर्मी और कांग्रेस ने ये फैसला मानने से इंकार कर दिया है। दरअसल कुछ समय पहले रेवाड़ी में मेघवाल सम्मेलन में चमार के बजाय मेघवाल शब्द का इस्तेमाल करने की अपील सीएम से की गई थी, जिसे लेकर सीएम ने केंद्र सरकार व अनुसूचित जाति आयोग से चर्चा करने  की बात की थी, लेकिन भीम आर्मी और कांग्रेस ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर cm के फैसले को चुनौती दी है। उनका कहना है कि हरियाणा के sc समुदाय में करीब 50% आबादी चमार की है, और उन्हें अपने नाम पर, अपनी पहचान कर गर्व है, साथ ही जो उसमें बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं वो तो इस समाज का हिस्सा भी नहीं है। भीम आर्मी और चमार समुदाय के लोगों ने हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार को चेतावनी दी है अगर ये प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो वो उसके खिलाफ बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसके जिम्मेदार खुद हरियाणा सीएम होंगे। चमार जाति का इतिहास हमेशा से बेहद वैभवशाली रहा है ऐसे में उसे बदलने की कोशिश केवल इत्तेफाक है या गहरी साजिश। आपको क्या लगता है।

तमिलनाडु के जेलो में दलितों से करवाया जा रहा टॉयलेट साफ

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के मदुरै से है, जहां कि महिला जेल में जातिगत भेदभाव के कारण प्रताड़ना औऱ दलित कैदियों से जबरन टॉयलेट साफ करवाने का सनसनीखेज मामला सामना आया है, जिसकी खबर सामने आते ही मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच ने District Legal Services Authority को तुरंत राज्य के तीन केंद्रिये जेल और एक महिला जेल की जांच करने का आदेश दिया है। दरअसल मदुरै, पलायमकोट्टई और तिरुची की केंद्रीय जेलों में दलित जाति के कैदियों के साथ भेदभाव करने, उनसे मैला ढुलवाने और उनसे जबरन टॉयलेट साफ करवाने के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। वहीं ग्लोबल नेटवर्क फॉर इक्वालिटी, इंडिया के को फाउंडर ने भी इस बात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दक्षिण के जेलो की स्थिति तो औऱ बदतर है। लेकिन वहीं जेल प्रशासन ने इन आरोपो का खंडन करते हुए कहा कि सफाई के लिए नगरपालिका का इस्तेमाल होता है.. लेकिन ये जेल के अंदर की खबर है कि दलित और पिछड़ी जाति के कैदियों के लिए उनका कमरा अलग रखा जाता था, और उन्हें साफ सफाई करने के लिए मजबूर किया जाता था। करीब 150 शौचालयों की सफाई के लिए 2 कर्मचारी का रखा जाना ही बताता है कि जेल में वाकई में उनके साथ क्या होता होगा। वहीं कोर्ट के आदेश के बाद क्या सच सामने आयेगा। इस मामले में अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी। वैसे आपको क्या लगता है क्या जेलों में भी जातिगत भेदभाव होता होगा. क्योंकि वहां तो सभी अपराधी ही है.. और अपराधी की न जाति होती है और न ही धर्म..

केंद्र सरकार की दलितों को लुभाने की बड़ी कोशिश

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली से है, जहां दलितों और पिछड़ो को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े, या उनका इलाज आधे में न रोकना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार ने गंभीर बीमारियों में उपचार में मिलने वाले मदद की रकम को बढ़ाने का फैसला कर लिया है। यहां तक कि 5 लाख सलाना कमाने वाले को भी सरकार की तरफ से मदद दी जायेगी। दरअसल साल 2018 में  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंडर में संचालित होने वाले डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन ने गंभीर बिमारियों से लड़ने के लिए डॉ. आंबेडकर मेडिकल सहायता योजना चलाई थी जिसमें तब ढाई लाख रूपय दिये जाते थे। लेकिन अब अलग अलग गंभीर बिमारी मे मिलनी वाली रकम में करीब 30 से 50 प्रतिशत की बढ़ौतरी कर दी गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार का ये कदम तुरक का इक्का माना जा सकता है.. वैसे वोटर्स को लुभाने की ये कोशिश वाकई में बेहतरीन है.. आपको क्या लगता है। क्या सरकार के इस कदम से उन्हें चुनाव में फायदा होगा.. या दलित समाज अब सरकार की नई रणनीति को समझ चुका है।

आसपा नेता दामोदर यादव को करणी सेना की धमकी

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश से है, जहां आजाद समाज पार्टी औऱ करणी सेना एक फिर से आमने सामने आ गए है। दरअसल आसपा के जाने माने नेता दामोदर यादव को हरियाणा से करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा पोस्ट डाल कर चेतावनी दी है कि वो 3 सितंबर को सागर न आये, वर्ना जो भी होगा उसके लिए वो तैयार रहे। ओकेंद्र राणा ने एक्स पर ट्विट कर पूछा कि दामोदर यादव का घर कहां है, यह कहां मिलेगा, जो भी इसके आसपास के लोग है वो उसका पता बतायें.. जल्दी उसकी मोटर बाधेंगे..इस धमकी के बाद दामोदर यादव ने भी तीखा पलटवार किया है। उन्होंने करणी सेना को कपूतो और चटनी सेना जैसे नामो से बुलाते हुए कहा कि अध्यक्ष का दिमाग खराब हो गया है और मैं उनके दिमाग दो मिनट में ठीक करवा दूंगा.. वो अपनी औकात में रहे.. अगर  आजाद के मां बाप को लेकर कोई टिप्पणी की तो ढाई हजार फुट गड्ढे में गाड़ देंगे। यादव ने करणी सेना को अकबर के पूत बुलाते हुए कहा दामोदर यादव से लड़ने की इनकी औकात नहीं है।  ये कब गायब हो जायेंगे, इन्हें पता भी नहीं चलेगा। दामोदर यादव की चेतावनी बता रही है कि दलितों और पिछड़ो को कमजोर समझने की भूल अब कोई न करें। अब देखना ये होगा कि 3 सितंबर को सागर में क्या करणी सेना दामोदर यादव के खिलाफ कोई एक्शन लेती है या नहीं।

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