Kerala में जातिगत भेदभाव के खिलाफ बैठी दलित शोध छात्रा, उच्च शिक्षा मंत्री से मदद की उम्मीद

Caste Discrimination, Top 5 Dalit news in Hindi
Source: Google

Kerala: हाल ही में केरल के मलप्पुरम हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है से है। जहां, कॉलेज में पिछले 5 दिनों से दलित जाति की छात्रा ने जातिगत भेदभाव को लेकर नाराज student ने अपनी फैकल्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और protest करने के बैठ गयी है। इतना नहीं जब छात्रा ने इस बात का विरोध किया तो उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित भी किया गया।

Also read: क्या है आर्टिकल 360? जानिए देश में फाइनेंशियल इमरजेंसी लगने पर आपके पैसों का क्या होगा! – Financial Emergency

दलित पीएचडी छात्रा से भेदभाव

देश तेज़ी से तरक्की कर रहा है लेकिन लोगों की सोच तरक्की नहीं कर रही है, वे आज भी पिछड़ी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं और दलितों के साथ भेदभाव कर रहे हैं, चाहे घर हो या ऑफिस या कॉलेज, आज भी दलितों के साथ अत्याचार और भेदभाव जारी है। ऐसा ही एक मामला केरल (Kerala) के मलप्पुरम (Malappuram) से है, जहां पिछले 5 दिनों से दलित जाति की छात्रा ने जातिगत भेदभाव को लेकर अपने ही कॉलेज फैकल्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

जाति के कारण लैब इस्तेमाल नहीं करने दी

दरअसल ये मामला मलप्पुरम के थुंचथ एझुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय (Thunchath Ezhuthachan Malayalam University) का है। जहां पर्यावरण विज्ञान विद्यालय में डॉक्टरेट करने वाली दलित छात्रा अनाघा सासी 15 अगस्त से ही कॉलेज के बाहर धरने पर बैठी है। अनाघा ने अपने ही सहायक प्रोफेसर अरुण बाबू वी पर आरोप लगाया है कि उसने 2 साल पहले मार्च 2024 में ही दाखिला लिया था, लेकिन उसकी जाति के कारण आज तक उसे लैब इस्तेमाल ही नहीं करने दिया गया।

Also read: क्या तिरुपति बालाजी का बौद्ध इतिहास छुपाया गया? जानिए प्राचीन मंदिर के दावों का पूरा सच! Tirupati Balaji Buddhist history

छात्रा न्याय के लिए खुद धरने पर बैठी

इतना ही नहीं जब अनघा ने प्रोफेसर के इसका कारण पूछा तो उन्होंने अनघा पर जातिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उसकी जाति के कारण उसे दाखिला मिला है। अनाघा ने बताया कि पहले तो उससे लैब औऱ क्लास की साफ सफाई कराई जाती थी, लेकिन दो साल होने के बाद भी उसपर कई बार जातिगत टिप्पणी की गई, जो अब बर्दाश्त के बाहर हो गया था, क्योंकि प्रोफेसर की हरकत से उसकी शिक्षा में बाधा आ रही थी, इस कारण थक हार कर छात्रा न्याय के लिए खुद धरने पर बैठ गई है।

दलित छात्रा की फेलोशिप को कैंसिल कर दी

अनाघा ने बताया कि बाकी बच्चों के पढ़ाते वक्त उसे क्लास के बाहर कर दिया जाता है या उसे जानबूझ कर खड़ा रखा जाता है। यहां तक कि अनाघा को विरोध को देखते हुए उसकी फेलोशिप को कैंसिल कर दिया है.. औऱ उससे हर्जाने की मांग की जा रही हा। अनघा के आरोपो से अब सनसनी मच गई है.. वहीं प्रोफेसर ने इन आरोपो को खारिज किया है। वहीं पीड़िता ने उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदू  से मदद मांगी है लेकिन वहां से अब तक कोई मदद नहीं मिली है.. अब देखना ये होगा कि छात्रा के इस खुलासे के बाद प्रशासन का क्या रवैया होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *