UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। एक दलित महिला ने बेटी को जन्म दिया तो उसे बेइज्जत करके घर से निकाल दिया गया।
बेटी पैदा होने से दलित महिला को घर से निकाला
जहां एक तऱफ बेटियों को दहेज की आग में जला दिया जाता है, वहीं आज भी समाज में बेटी पैदा होने को श्राप माना जाता है, बेटी के जन्म देने वाली मां के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है जैसे बेटी जन्म दे कर उसने घोर पाप कर दिया.. जी हां, दिल को झकझोर देने वाला एक मामला सुल्तानपुर (Sultanpur) और अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) के महरुआ थाना क्षेत्र (Mahrua police station area) का है।
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जातिसूचक गालियां देते हुए घर से निकाला
जहां बेटी पैदा होने के बाद एक दलित जाति से आने वाली महिला को उसके ससुरालवालों ने जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट करके घर से निकाल दिया.. जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है, उसने बताया कि 6 साल पहले उसकी मुलाकात जयसिंहपुर थाना क्षेत्र (Jaisinghpur police station area) के दलईपुर (मोकलपुर) (Dalaipur (Mokalpur)के रहने वाले अतुल कुमार तिवारी से हुई थी और दोनो के बीच प्रेम प्रंसंग शुरु हो गया था, दोनो ने तीन साल पहले गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) में शिव मंदिर में शादी भी कर ली थी।
पुलिस ने भी पीड़िता की मदद नहीं की
चुंकि ये एक इंटरकास्ट शादी थी तो अतुल के घरवाले उसे कभी दिल से स्वीकार नहीं कर पायें, वहीं 10 महीने पहले जब उसकी बेटी हुई तो उनका व्यावहार और खराब हो गया। यहां तक कि उसका पति (अतुल कुमार तिवारी), सास (रीता) और ससुर (विनोद कुमार तिवारी) का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वो उसके साथ ठीक से पेश नहीं आता था।
लेकिन 28 जून को दोपहर करीब 2 बजे न लोगो ने पीड़िता से बहस शुरु करनी शुरु कर दी, उसे जातिसूचक गालियां देने लगे औऱ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर घर से निकाल दिया। जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस से भी मदद मांगी लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी, जिसके बाद 10 जुलाई को उसने एसपी ऑफिस में अर्जी दी है। अब देखना ये होगा कि क्या यहां भी पीड़िता तो न्याय मिलता है या नहीं। या फिर यहां भी जातिवाद आड़े आ जायेगा।



