Meerut Thirot Incident: हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने काफी आक्रोश पैदा कर दिया। कॉलेज के लिए घर से निकली एक दलित छात्रा कभी वापस नहीं लौटी; बाद में 17 मई, 2026 को गन्ने के खेत में उसका आंशिक रूप से जला हुआ शव मिला। वही पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन अब दलित संगठनों और पुलिस-प्रशासन के बीच भारी तनाव पैदा हो गया है।
यूपी की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे
मेरठ, उत्तर प्रदेश इस समय भारी तनाव में है। 20 वर्षीया दलित छात्रा ललिता गौतम की बर्बर हत्या के कारण यह मामला अब महज एक हत्या की गुत्थी नहीं रह गया है। इसने पूरे उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल और जातिगत आंदोलनों को जन्म दे दिया है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से लेकर चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) तक, सभी ने यूपी की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ललिता गौतम मर्डर केस क्या है?
आखिर 15 मई की उस शाम एक बीए की छात्रा की जिंदगी खत्म होने की घटना ने सभी को चौंका दिया। दरअसल 15 मई को मेरठ के रोहटा इलाके के थिरोट गांव की रहने वाली ललिता कॉलेज में एग्जाम देने निकली, जब शाम तक घर नहीं लौटी, तो परेशान घरवालों ने थाना टीपी नगर (TP nagar) में गुमशुदगी की शिकायत की, जिसके बाद 16 मई के बीच, रोहटा के गन्ने के खेतों या जंगल वाले इलाके में उसकी आधी जली हुई लाश मिली; उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए लाश को जलाने की कोशिश भी की गई थी।
शक के संदेह में दलित युवती की हत्या
वही जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) खंगाली, तो ललिता कल्याणपुर (Kalyanpur) के रहने वाले अंकुश नाम के लड़के के साथ दिखी थी। जिसके बाद पुलिस ने अंकुश को पकड़कर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस का कहना है कि वह और ललिता एक रिश्ते में थे।
उस दिन, अंकुश ने ललिता के फोन में कुछ फोटोज और चैट्स देखी थीं, जिसके बाद उसे यह शक हुआ कि ललिता किसी और के साथ भी बातचीत कर रही है। इतना ही नहीं ललिता की एक नोटबुक में “मुझे बचाओ, सबको बचाओ” लिखा हुआ एक नोट भी मिला, जिससे पता चलता है कि उन्होंने पहले ही किसी संभावित खतरे के बारे में आशंका जताई थी।
प्रदर्शनकारियों की मांग आरोपियों के घरों पर बुलडोज़र चलाया जाए
इसी संदेह के कारण, उसने ललिता की हत्या कर दी और उसके शव को खेत में फेंक दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को जेल में डाल दिया है, लेकिन गुस्सा अभी भी कम नहीं हुआ है। ललिता के परिवार का आरोप है कि इस हत्या में अंकुश के अलावा और भी लोग शामिल हैं। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
वही इस घटना को लेकर कई बड़े दलित संगठन भी सामने आए हैं। वे ललिता मर्डर केस में शामिल बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। साथ ही, वे मुख्य आरोपी के लिए मौत की सजा और पीड़ित परिवार के किसी सदस्य के लिए आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी की भी मांग कर रहे हैं।



