Raebareli News: हाल ही में उत्तर प्रदेश के रायबरेली से चौकाने वाली खबर सामने आई है, …जहाँ दबंगों की हिंसा का शिकार होकर एक दलित व्यक्ति की जान चली गई। जिसके बाद न तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज बल्कि मृतक के परिवार के खिलाफ शांति भंग करने का केस दर्ज कर दिया।
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आजाद पहुंचे रायबरेली पीड़ित परिवार की मदद करने
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad) को लेकर एक बार फिर खबर सामने आई है जो 28 जून को जातिवादी आतंकियों की मानसिकता का शिकार हुए मेवालाल पासी के घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे है। जहां जाने की खबर सुनकर ही पूरा जन सैलाब उन्हें सपोर्ट करने पहुंच गया। इस दौरान आजाद ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने के साथ साथ घर की बेटी की शादी की जिम्मेदारी भी ले ली है। बता दें कि ये मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले (Raebareli district) की सलोन (Salon) के खेमरी गांव (Khemri Village) का है, 28 जून 2026 को गांव के जातिवादियों ने पुरानी रंजिश के चलते मेवालाल पासी पर कई बार गाड़ी चढ़ा कर निर्मम हत्या कर दी थी।
पुलिस प्रशासन की लापरवाही
लेकिन हैरानी की बात थी कि पुलिस इसे सड़क हादसा बता कर मामले को कमजोर करने की कोशिश में लगी थी। यहां तक कि पीड़ित परिवार के बार-बार अर्जी करने पर भी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई और न कोई कार्रवाई की गई..इस दौरान वहां भीम आर्मी (Bhim Army) के कार्यकर्ता भी पहुंच गए और पासी समाज के साथ प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ धरने पर बैठ गए..जिसके बाद पुलिस ने उल्टा उनके खिलाफ ही शांति भंग करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
28 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की सलोन विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा खेमराई निवासी मेवालाल पासी जी की निर्मम हत्या कर दी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के ही जातिवादी लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते सुनसान रास्ते में उन्हें रोककर जान से मारने की नीयत से कई बार… pic.twitter.com/oJpefjaFio
— KashifBharti ( काशिफ़ भारती) (@kashifbharti) July 7, 2026
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सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता
जिसके बाद 3 जुलाई को आजाद ने पीड़ित परिवार से बात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था और अपने वादे के मुताबिक वो 7 जुलाई को रायबरेली पहुंचे मेवालाल पासी के परिजनों से मिलने। वहीं इस मामले में बढ़ती राजनीति को देखते हुए सरकार की तरफ से भी मेवालाल पासी के परिवार को 1 लाख रूपय की आर्थिक सहायता के साथ साथ 1 बीघा खेती भूमि का पट्टा, और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 2 बच्चों को हर महीने 2500 रूपय की राशी से मदद की गई है। इतना ही नहीं सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही भविष्य में 5 लाख रूपय की और सहायता राशी दी जायेगी। केवल आजाद के जाने मात्र से न केवल प्रशासन जाग गई बल्कि सरकार भी चौकन्नी हो गई है। जरा सोचिये अगर वो सत्ता में हो तो क्या बदलाव आयेंगे।



