Kerala: हाल ही में केरल के त्रिशूर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दक्षायनी’ नामक योजना को लागू करने की तैयारी शुरु कर दी है। तो चलिए इस लेख में जानते है आखिर क्या है दक्षायनी योजना और यह किस तरह से महिलाओ के फायदेमंद होने वाली है।
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जानें क्या है दक्षायनी योजना? Dakshayani scheme
‘दक्षायनी योजना’ केरल सरकार की एक महत्वाकांक्षी और डिजिटल कल्याणकारी पहल है। इसका प्राथमिक लक्ष्य अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। दरअसल, राज्य सरकार के इस योजना का ऐलान केरल (Kerala) के अनुसूचित जाति (scheduled caste), अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री के.ए. थुलसी (Backward Classes Welfare Minister K.A. Thulasi) द्वारा किया गया है। उन्होंने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य का विकास तभी सही तरीके से हो सकेगा जब महिलायें भी पूर्ण रूप से सशक्त होंगी।
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एससी एसटी वर्ग की महिलाओं को बड़ी सौगात
योजना की शुरूआत के लिए पलक्कड़ (Palakkad) को चुना गया है। बता दें कि योजना में 18 साल के ज्यादा उम्र की एससी एसटी समाज (SC ST community) की महिला उद्यमियों और बेरोजगार पेशेवर को करीब 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जायेगा और बाकि की रकम बैंक से लोन लेकर या एससी एसटी विकास निगम (SC ST Development Corporation) से सहायता लेकर जुटाई जा सकती है। केरल सरकार की ये योजना राज्य के गरीब और दबे कुचले वर्ग को लेकर बेहद लाभकारी होगा.. जिससे महिलायें भी सशक्त हो सकेंगी।
वही इस स्कीम के तहत, SC/ST कैटेगरी की महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (SHGs) को नया बिज़नेस शुरू करने या मौजूदा बिज़नेस को बढ़ाने के लिए बड़ी फाइनेंशियल मदद दी जाएगी। साथ में इन सभी कार्यो को कैसे करना है उसकी भी ट्रेनिंग दी जाएगी।



