Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से चौकाने वाली खबर सामने आई है, जहां सरकार दलित महिलाओ के साथ न तो अत्याचार रोक पा रही है और न ही धर्म परिवर्तन कराने का खेल। हाल ही का एक मामला भी इसी तरह का है, जिसमें एक दलित महिला को झांसा देकर फंसाया गया और फिर जबरन उसका धर्म बदलने की कोशिश की गई।
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गनपॉइंट पर मजहब बदलने का दबाव
अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें दलितों को लालच, दबाव या भौतिक लाभ के वादे देकर जबरन दूसरे धर्म में परिवर्तित किया जाता है। ताजा मामला मुरादाबाद (Moradabad) के मझोला थाना क्षेत्र (Majhola police station area) के प्रकाश नगर (Prakash Nagar) का है, जहां एक मुस्लिम दंपत्ति ने एक दलित महिला को पहले तो अपने भरोसे में लेकर दोस्तों जैसा व्यावहार किया और जब पीड़िता उन पर आंख बंद करके भरोसा करने लगी तो आरोपी सुल्तान सलाउद्दीन की नियत महिला को लेकर बिगड़ने लगी और 6 फरवरी को किसी बहाने ने आरोपी दंपत्ति मेहराज बेगम औऱ सुल्तान सलाउद्दीन ने पीड़िता को घर बुलाया, जब वो घर पहुंची तो वहां पर दंपत्ति के अलावा एक मौलवी और दो अज्ञात लोग मौजूद थे।
महिला की शिकायत पर मुस्लिम दंपत्ति गिरफ्तार
उन लोगो ने पीड़िता के सिर पर बंदूक रख दी औऱ उसे बंधक बना लिया, जिसके बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया औऱ सुल्तान सलाउद्दीन ने जबरन उससे शादी भी की। उन लोगो ने पीड़िता को इतने दिनों तक बंधक बना कर रखा था, लेकिन 11 जुलाई को एक शिकायती पत्र पुलिस स्टेशन को मिला था। जब महिला ने इसका ज़ोरदार विरोध किया, तो वहाँ मौजूद मौलवी ने भी ज़बरदस्ती कराए गए निकाह को ग़ैर-कानूनी करार दिया और कहा कि यह इस्लाम और शरिया के नियमों के ख़िलाफ़ है। इसके बावजूद, मुख्य आरोपी सुल्तान सलाउद्दीन अपनी बात पर अड़ा रहा और चिल्लाकर कहता रहा कि वह उसे अपनी पत्नी बनाकर ही रखेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।
जिसमें पीड़िता ने आप बीती बताई थी, जिसके बाद पुलिस ने बिना किसी देरी के कार्यवाई की औऱ दोनो आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया, वहीं मौलवी और दो अज्ञात लोगो की तलाश जारी है। हैरानी की बात है कि कोई महिला 6 महीने से प्रताड़ित हो रही थी, उसका धर्म परिवर्तन किया गया लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। फिर भला कैसे पुलिस जागरूकता की बात करती है।



