Top 5 Dalit news: जहां धर्म हो वहां जातिवाद न ही ऐसा कैसे हो सकता है, लेकिन अगर वो धर्म हिन्दू है तो हरगिज ये भेदभाव होगा। भले ही सरकार कोशिश करें कि उन्हें सम्मान और बराबरी दिलाई जाये लेकिन क्या मनुवादी आतंकी ऐसा होने देंगे। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो सवाल खड़े करते है कि आखिर क्यों व्यक्ति की आस्था उसकी जाति से मापी जाती है।।
9 साल की मासूम बच्ची का सामूहिक दुष्कर्म
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से है, जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची का सामूहिक दुष्कर्म किया गया.. हैरानी की बात तो . है कि इस अपराध को अंजाम देने वाले सभी पांचो आरोपी नाबालिग ही है। राज्य की फेल हो चुकी कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान करने वाली ये घटना शहाजहांपुर के तिलहर की है.. पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर दी कि 31 जुलाई की शाम को पीड़िता पांचो आरोपी, जो उसके गांव के ही रहने वाले है. के साथ खेल रही थी.. आरोपियो की उम्र 12 से 16 साल के बीच है.. इसी बीच पांचो उसे गन्ने के खेत में ले गए जहां उसका गैंगरेप किया गया.. शोर सुन कर खेत का मालिक वहां पहुंच गया, जिसे देखने के बाद आरोपी फरार हो गए.. पीड़िता जब घर पहुंची तो उसकी हालात बेहद खराब थी.. उसने आपबीती अपनी मां को बताई..जिसके बाद मां ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बिना किसी देरी के गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट औऱ एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर पांचो को अपने शिकंजे में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस तरह की घटनाएं केवल इस बात का इशारा है कि यूपी में कानून का वाकई में कितना डर रह गया है।
भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने फिर से किया जनआंदोलन का ऐलान
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला नगीना सांसद औऱ भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने एक बार फिर से मंडल आयोग की सभी सिफारिशो को फिर से लागू करने के लिए 7 अगस्त को मंडल दिवस के मौके पर लखनऊ के इको गार्डन से ‘मंडल चेतना जन आंदोलन’ का आगाज़ करने का ऐलान किया है। आजाद ने वीडियो जारी कर जनता को संबोधित करते हुए कहा, ये आंदोलन मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू कराने, ओबीसी वर्गों को Political reservation दिलाने और Social Justice के साथ साथ Equal Representation को सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जायेगा। इस मौके पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.. आजाद ने सीधे तौर पर सरकार से कहा कि या तो सरकार मंडल कमीशन के बाकी सिफारिशें भी लागू करें। वर्ना वो कुर्सी खाली कर दें.. बताते चले कि मंडल कमीशन के कारण ही ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण दिया गया था.. आजाद के ऐलान ने साफ कर दिया है कि आरक्षण को खत्म कर दलितों और पिछड़ो के हक को वो मरने नहीं देंगे। बता दें कि आजाद ने बीजेपी के खिलाफ मजबूत फ्रंट बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर बीजेपी का सामना करने की बात कही है.. अब अब देखना ये होगा कि आजाद की बातों का बाकि के विपक्ष पर क्या असर होता है।
दलित ईसाइयों ने फिर किया आवाज बुलंद
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के पलायमकोट्टई जिले से है, जहां एक बार फिर से दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने की मांग को लेकर हल्ला बोल शुरु हो गया है। इस मांग पर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के रवैये को देखते हुए दलित इसाइयो ने 10 अगस्त को पलायमकोट्टई में ‘काला दिवस’ विरोध प्रदर्शन शुरु करने का ऐलान किया है.,,तमिलनाडु के दक्षिण क्षेत्र के कई गावों में दलित ईसाई मुक्ति आंदोलन, भारतीय दलित ईसाई कल्याण आंदोलन के साथ ईसाई समुदाय के लोग भी आंदोलन में हिस्सा लेंगे। फादर पलायमकोट्टई सूबा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन साउथ बाजार में लूर्डू नाथन स्टैच्यू तक किया जायेगा। इस विरोध प्रदर्शन का एक ही लक्ष्य है कि दलित इसाईयो को भी सिखों औऱ बौद्धो की तरह उन्हें भी जाति-आधारित भेदभाव और सामाजिक असमानता होने पर समान संवैधानिक सुरक्षा दी जायें। हालांकि दलित ईसाइयो की लड़ाई कहां तक सफल होगी.. ये कहना फिलहाल तो मुश्किल है.. क्योंकि कोर्ट अपना रूख पहले ही साफ कर चुकी है.. ऐसे में क्या सरकार का दिल बदलेगा.. ये देखने वाली बात होगी।
पॉवर कॉर्पोरेशन और विद्युत निगमों के एकमात्र दलित निदेशक का इस्तीफा
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी की राजधानी लखनऊ से है, जहां पॉवर कॉर्पोरेशन और विद्युत निगमों के एकमात्र दलित निदेशक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.. जबकि निदेशक के नौ पदों के लिए शनिवार को ही इंटरव्यू किये जा रहे थे। लेकिन अनाचक ने निदेशक राजेश कुमार का इस्तीफा दे देने से अटकलो का बाजार गर्म हो गया कि राजेश कुमार ने जातिगत उत्पीड़न औऱ भेदभाव से तंग आकर पद से इस्तीफा दिया है। वहीं राजेश कुमार ने कहा कि कुछ नीजि कारणों ने उन्होंने ये कदम उठाया है। राजेश ने अपने इस्तीफा देने के लिए कॉर्पोरेशन अध्यक्ष से लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को भी ज्ञापन सौंपा है। जिसके बाद दलित संगठन ऊर्जा निगमों में दलितों की भागीदारी और उनके साथ होने वाले व्यावहार को लेकर सवाल उठाने लगे है। उनक कहना है कि इस तरह से ज्ञापन देना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजेश कुमार के इस्तीफा देने के बाद कॉरपोरेशन में दलितो की भागीदारी पूरी तरह से जीरो हो चुकी है। वहीं निदेशक पद के लिए 22 इंजीनियक का इंटरव्यू हो चुका है लेकिन उनमें से कौन कौन दलित जाति है। इसका खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में देखना ये होगा कि राजेश कुमार के इस्तीफे का असली कारण क्या था। क्या एकमात्र होने के कारण उन्होंने ऐसा किया या वजह कुछ और ही है। वैसे आपको क्या लगता है।
जाति पूछकर दलित का गैंगरेप करने वालो को सजा
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के मंगलुरु से है, जहां एक दलित महिला से पहले उसकी जाति पूछी गई, और फिर उसके साथ गैंगरेप किया गया.. लेकिन घटना के करीब 8 सालों के बाद पीड़िता को न्याय मिला, औऱ चारों आरोपियों को 20-20 साल की कठोर कारावास। ये मामला मंगलुरु के थोता बैंगरे के पास बीच के किनारे घटित हुई थी। 18 नवंबर, 2018 को पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ घूमने गई हुई थी, इस दौरान आरोपियों ने दोनो को पहले रोका.. उनसे उनका नाम, पता औऱ जाति पूछी.. जिसके बाद वो महिला के साथ छेड़खानी करने लगे.. लेकिन जब पीड़ितो ने इसका विरोध किया तो आरोपियो ने पीड़िता के दोस्त को बंधक बना लिया.. औऱ पीड़िता के घसीट कर झाड़ियो में ले जा कर उसका सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही .. दोनो पीड़ितो से मोबाईल औऱ नकदी लूट कर धमकी दी गई कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो जान से मार देंगे .. पीड़िता ने घबराने के बजाये पुलिस को इसकी जानकारी दी, करीब 65 गवाहों में से 40 से पूछताछ की गई और करीब 8 सालो के बाद कोर्ट ने आरोपियो को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई और सभी आरोपियों पर 10 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।



