Top 5 Dalit news: चंद्रशेखर आजाद की रणनीति से लेकर दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म तक

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Top 5 Dalit news: क्या दलित किसी की जागीर है.. उनके साथ कोई कुच भी कर लें और उम्मीद करें की वो आवाज नहीं उठायेंगे.. तो शायद ये गलतफहमी अब किसी को नहीं पालनी चाहिए.. दलित अपना हक जानता है और हक लेना भी..तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओ के बारे में बतायेंगे, जो हर एक दलित को ये बता रही है कि जब तक आप खुदको कमजोर नहीं मानते तब तक कोई आपको कमजोर नहीं कर सकता है।

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आसपा ने आगामी विधानसभा का विगुल फूंका

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद को लेकर है जिन्होंने 2027 के आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पहले 45 प्रभारियों के नाम घोषित कर चुनावी युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। वहीं आजाद ने इन प्रभावियों में एक भी ब्राह्मण और सवर्ण को शामिल न करके अपने इरादे साफ कर दिये है.. इस लिस्ट में 45 प्रभारियों में 18 दलित है, 16 ओबीसी, 10 मुस्लिम और 1 सिख को शामिल किया गया है। इसमें कई प्रभारियों पर आजाद ने बड़े दाव भी खेला है, जिसमें हाथरस से पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा भी शामिल है, जिन्हें हाथरस जहां दलितो की संख्या काफी ज्यादा है, वहां का प्रभार सौंप कर आजाद ने उन पर काफी भरोसा जताया है. आदित्य प्रकाश वर्मा आजाद की दलितों और पिछड़ो के लिए लड़ने वाली लड़ाई से प्रभावित होकर आसपा में शामिल हुए थे.. और आसपा ने भी उन्हें निराश नहीं किया। आजाद ने सबसे पहले ज्यादातर पश्चिमी यूपी के प्रभारी ही नियुक्त किये जहां से बसपा भी अपने प्रभारी उतार रही है..इरादा साफ है.. दलितों और पिछड़ो का वोटबैंक तो आसपा के पास ही होना चाहिए। आजाद ने लिस्ट को जिस हिसाब से तैयार किया है वो इशारा है कि अगर सत्ता में आसपा आती है तो सबसे ज्यादा महत्व पिछड़ो, अल्पसंख्यतों और दलितो को ही मिलेगा.. जिनकी अब तक अवहेलना की जाती थी। आपको क्या लगता है क्या आजाद की ये प्लानिंग दलित वोटबैंक बढ़ा सकती है।

शिकोहाबाद में दो महीने पहले हुई ऑनर किलिंग में नया मोड़

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से है, जहां पुलिस की बर्बरता और नाकामी के कारण एक दलित युवक और ब्राह्मण लड़की की ऑनर किलिंग मात्र एक आत्महत्या बन कर रह गई.. पीड़ित माता पिता पिछले 2 महीनो से न्याय के लिए थाने के चक्कर लगा रहे है लेकिन पुलिस के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है.. क्योंकि वो तो इस मामले को आत्महत्या करार देकर बंद कर चुकी है। ये घटना फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहब्ब्तपुर अहीर के गढ़ैया मोहल्ले का है, जहां 5 जून को दलित जाति से आने वाले अरुण कठेरिया और उसकी 18 साल की प्रेमिका ने एक कमरे में एक साथ आग लगा ली थी। पुलिस ने आनन फानन में दोनो को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन लड़की ने 5 जून को ही दम तोड़ दिया और अरूण की 8 जून को ईलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करार देकर मामले को रफा दफा कर दिया। लेकिन अरूण के माता पिता का कहना है कि उनके बेटे ने उन्हें सच बताया था, लड़की अपने मामा के घर गई थी जहां से 5 जून को वो लापता हो गई थी, वहीं नोएडा में नौकरी करने वाले अरूण को फोन करके पहले शिकोहाबाद बुलाया गया था। जहां लड़की की मां औऱ मामा ने ही उन्हें बंधक बना कर काफी टॉर्चर किया था औऱ फिर दोनो पर पेट्रोल छिड़क कर दोनो को जिंदा ही जला दिया था। इस सच के सामने आने के बाद भी करीब 2 महीने हो चुके है लेकिन अब तक पुलिस केवल जांच ही कर रही है। किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पीड़ित परिजनो का कहना है कि पुलिस ने मामला रफा दफा कर दिया है.. ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस का इस पर क्या जवाब आता है।

तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में रंजिश के चलते दलित की हत्या

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले से है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक दलित युवक की निर्मम हत्या करने का मामला सामने आया है, जिसमें युवक का कसूर केवल इतना था कि उसने अपने खेत में आरोपी के घोड़े को चरने नहीं दिया था। ये मामला डिंडीगुल जिले के कोडाइकनाल थाना क्षेत्र के  पूमबराई गांव का है। पीड़ित परिवार ने बताया कि कुछ दिनों पहले आरोपी जे रघु की लड़ाई मृतक रामर से हो गई थी. क्योंकि वो चाहता था रामर अपने खेतों में उसके घोड़े को चरने दे, लेकिन रामर ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। जिससे दोनो के बीच काफी बहस भी हुई थी लेकिन धीरे धीरे सब शांत हो गया, लेकिन गुरुवार की रात को आरोपी रामर और उसके एक रिश्तेदार प्रशांत को अपनी कार में बिठा कर एक खेत मे ले गया, जहां पहले से तैयार बैठे हमलावरो ने रामर पर हमला कर दिया..बीचबचाव करने आये प्रशांत पर भी जानलेना हमला किया गया। रामन ने मौकाए वारदात पर ही दम तोड़ दिया और प्रशांत को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद से ही पूरे गांव में काफी तनाव हो चुका है.. आरोपियों के मुक्कुलाथोर समुदाय से आने के कारण वो काफी ताकतवर है, ऐसे में ग्रामीणों ने पुलिसथाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया.. उनकी एक ही मांग है कि रामर के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.. वहीं आरोपी रघु ने आत्मसमर्पण कर दिया है लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है, क्योंकि इस हमले में और लोग भी शामिल थे मगर पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। ग्रामीण अब भी गुस्से में है.. किसी अप्रिय घटना होने की आशंका को लेकर पुलिस ने पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अब देखना ये होगा कि क्या पुलिस बाकी अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई करेगी।

19 साल पहले के मामले में 5 आरोपियों को मिली सजा

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला यूपी के अलीगढ़ से है, जहां 19 साल पहले लापता हुई दलित बच्ची के अपहरण के मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। ये घटना सितंबर 2007 में घटित हुई थी, जब 19 साल की पीड़िता अपने साथ हुए दुष्कर्म की गवाही देने के लिए अदालत जा रही थी, लेकिन तभी आरोपियो ने उसका रास्ते में अपहरण कर लिया गया.. करीब 19 साल हो चुके है लेकिन आज तक लड़की का कुछ भी सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे ये मामला इतना लंबा खिंच गया, मगर अब विशेष न्यायाधीश-II (एससी/एसटी अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना की अदालत ने इस मामले में 5 आरोपियो के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 10-10 हजार रूपय का जर्माना भी लगाया है। वहीं कोर्ट ने नरमी बरतने की याचिका पर भी जवाब देते हुए कहा कि समाज के वंचित लोगो का भरोसा अदालत पर होता है.. उन्हें यकीन होना चाहिए कि अगर कोई उनके खिलाफ अपराध होगा तो आरोपी के रसूख की परवाह किये बिना उसे सजी होगी.. कानून सबके लिए बराबर है। हांलांकि उन्होंने लापता बच्ची की तलाश जारी रखने का भी आदेश दिया है। सवाल ये है कि क्या बच्ची वाकई में जीवित होगी या नहीं।

चुरु में दलित छात्रा से टीचर ने किया दुष्कर्म

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के चुरु से है, जहां मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है.. जहां 11 वी में पढ़ने वाली एक 16 साल की नाबालिग दलित छात्रा का उसके ही टीचर ने दुष्कर्म किया.. और जब लोगो का गुस्सा भड़कने लगा तो उसे गिरप्तार करवाने के बजाये उसे स्कूल से निलंबित कर दिया। ये घटना चुरु के सांडवा पुलिस थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल का है। पीड़िता के पिता ने 30 जुलाई को पुलिस थाने में मामला दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बेटी स्कूल गई थी, लेकिन जब वो नहीं लौटी जो वो लोग उसकी तलाश में स्कूल पहुंचे, जो वो बेहद बदहवास हालत में मिली.. पीड़िता ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे पीटीआई टीचर ने किसी काम का बहाना बना कर उसे बाइक से स्कूल के बाहर किसी खाली घर पर ले गया और उसे छोड़ने से पहले उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता के बयान के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती से जांच शुरु कर दी है, वहीं इस खबर के सामने आने के बाद लोगो का गुस्सा स्कूल प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा और उन लोगो ने स्कूल को घेर लिया। वो आरोपी टीचर को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे है। हालांकि मामले को तूल पकड़ता देख कर टीचर को निलंबित कर लिया गया है.. वहीं करीब 2 घंटे तक भारी मशक्कत करने के बाद लोगो को फिलहाल के लिए शांत कर लिया गया है। पुलिस मामले की सख्ती से जांच कर रही है.. वहीं आरोपी शिक्षक अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

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