UP crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ घर के बहार खेल रही दलित बच्ची का गैंगरेप उसी के गाँव के नाबालिग बच्चो ने कर डाला और घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
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9 साल की मासूम बच्ची का सामूहिक दुष्कर्म
दलित महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, कभी ये घटनाएं घर के बाहर तो कभी घर के अंदर होती रहती हैं, लेकिन अपराध नहीं थमता है ऐसा ही मामला शहाजहांपुर के तिलहर का है। जहाँ पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर दी कि 31 जुलाई की शाम को पीड़िता पांचो आरोपी, जो उसके गांव के ही रहने वाले है. के साथ खेल रही थी।
आरोपियो की उम्र 12 से 16 साल के बीच है.. इसी बीच पांचो उसे गन्ने के खेत में ले गए जहां 9 साल की मासूम बच्ची का सामूहिक दुष्कर्म किया गया। शोर सुन कर खेत का मालिक वहां पहुंच गया, जिसे देखने के बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़िता जब घर पहुंची तो उसकी हालात बेहद खराब थी.. उसने आपबीती अपनी मां को बताई।
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पांचो आरोपी पुलिस के शिकंजे में
जिसके बाद मां ने तुरंत स्थनीय थाने जाकर पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बिना किसी देरी के गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) औऱ एससी एसटी एक्ट (SC/ST Act) में मामला दर्ज कर पांचो को अपने शिकंजे में लेकर पूछताछ की जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि इस अपराध को अंजाम देने वाले सभी पांचो आरोपी नाबालिग ही है। वही इस घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है जल्द ही सभी आरोपी जेल में होंगे और सख्त कार्यवाही की जायेगी।
राज्य की विफल कानून-व्यवस्था
इसके अलवा आपको बता दें, कि यह ऐसी पहली घटना नहीं है; पहले भी दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं। फिर भी, सवाल यह है कि दोषियों को कड़ी सज़ा कब मिलेगी? ऐसी घटनाएँ, जो राज्य की विफल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बस यह दिखाती हैं कि यूपी में कानून का डर असल में कितना है।



