Noida: हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा से चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वाल्मिकी बस्ती की स्थिति देखकर आप दंग रह जायेंगे जहाँ, पिछले 3 हफ्ते से लाइट नही है। इतना ही नही बस्ती में पानी तक की निकासी नहीं जो हाइटेक नोएडा की अंदरूनी सच्चाई कितनी घिनौनी है, और सरकार के सारे दावे कितने खोखले है।
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स्मार्ट सिटी नोएडा में दलितों की हालत बुरी
आज समाज में इतनी आधुनिकता के बावजूद दलितों की हालत इतनी दयनीय हो गई है कि विकास के नाम पर दलित बस्तियों में कोई विकास नहीं हो रहा है। जिसके कारण दलितों समुदाय (Dalit community) के लोगों को कई मुश्किलों को झेलना पड़ रहा है। जी हां, ऐसा ही एक मामला नोएडा से है…जहां एक वाल्मीकि कॉलोनी (Valamki Colony) की हालत देखकर आपको पता चलेगा कि सरकार के सारे दावे कितने खोखले हैं। दरअसल, नोएडा (Noida) के सेक्टर 78 में एक वाल्मीकि कॉलोनी है… जिसमें 400 परिवार रहते हैं।
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पीड़ित परिवार झेल रहे मुसीबत
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सरकारी लापरवाही की वजह से यहां पिछले 20 दिनों से न तो बिजली आई है और न ही पानी। जिसका एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार गंदे नालो के बीच से आने जाने के लिए मजबूर है। इस पूरी दयनीय़ स्थिति को लेकर पीड़ितो ने अब तक कई बार जिला अधिकारी को भी कई बार संज्ञान भेजा है, लेकिन जानकारी होने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई.. कोई उनकी हालात पूछने तक नहीं पहुंचा। वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुताबिक स्थानीय लोग दूर-दूर से या टूटे हुए पाइपों और नालों के पास से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
समाजिक कार्यकर्ताओं पर साधा निशाना
इसके अलावा, इलाके में बिजली और पानी की कमी से बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों को रोज़ाना के काम करने में काफ़ी दिक्कतें हो रही हैं। लोग काम के लिए अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बच्चे तेज़ गर्मी में परेशान हो रहे हैं और उनकी पढ़ाई मुश्किल हो रही है। वाल्मिकी बस्ती की हालात को देखते हुए अब समाजिक कार्यकर्ताओं ने स्थानीय एमएलए (MLA) और सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath)से सवाल पूछे है। अब देखना ये होगी कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के इस मामले में पड़ने के बाद क्या पीड़ितो के दुखों का कोई तोड़ निकलेगा.. या स्मार्ट सिटी की आड़ में दलितों और वंचितों की स्थिति ऐसी ही दयनीय बनी रहेगी।



