Jantar Mantar Protest: हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जहां प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर सरकार को घेर लिया है और स्पेक्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई दलित मजदूरों की मौत के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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दिल्ली के जंतर मंतर पर फिर प्रदर्शन शुरु
बीते कुछ दिन पहले देश के युवाओं ने NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के युवाओ ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था और सरकार से न्याय और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। वही अब एक फिर जंतर मंतर पर फिर से सैकड़ो लोग जमा हो कर प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन इस बार ये प्रदर्शन उन पीड़ित परिवारों ने शुरु किया है जिनके अपने सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम तोड़ चुके है, लेकिन सरकार न तो मृतक के खबर लेती है और न ही पीड़ित परिवार की। इतना ही नही प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा हेडबैंड पहनकर दिखाया, जिस पर लिखा था “हमें मारना बंद करो” (#STOPKILLINGUS)।
सफाई के दौरान 593 मजदूरों की मौत
वही आकड़ो की माने तो जनवरी 2021 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 593 मजदूरों की मौत हो चुकी है। लेकिन सरकारी आकड़ो में ये अब केवल 332 मौतों ही रिकॉर्ड की गई है। सफाई कर्मियों को बिना किसी सुरक्षा के टैंक में उतार कर सफाई करने पर मजबूर करने के खिलाफ सफाई कर्मचारी आंदोलन और उसके मुखिया बेजवाड़ा विल्सन पीड़ित परिवार समेत खुद सड़को पर उतर आये है। इस विरोध प्रदर्शन में करीब 10 राज्यों से लोगो ने हिस्सा लिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
ये लोग सरकार से अपील कर रहे है कि उनके अपनो की जान को इस तरह से खतरे में डालना बंद करें.. वो साथ ही जय भीम के नारे लगा रहे है। ये बेहद हैरानी की बात है कि आये दिन सफाई कर्मचारियों के टैंक में सफाई के दौरान मौत होने की खबरें आती है लेकिन बावजूद उसके उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किये जाते..वही आपको बात दे, इससे पहले भी दिल्ली के आरकेपुरम में दो दलित मजूदरो की चैम्बर में सफाई करते वक़्त मौत हो गयी थी, और तब भी प्रशासन नींद से जगा नहीं था। जिसके बाद अब देखना ये होगा कि राज्य स्तर पर सफाई कर्मचारियों के इस प्रदर्शन के बाद क्या सरकार नींद से जागेगी।



