Rampur: हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) से हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दरोगा को अपनी वर्दी का रौब दिखा कर दलित को प्रताड़ित करना और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देना बेहद भारी पड़ा है।
रामपुर में पुलिस दरोगा की दादागिरी
अक्सर ऐसे मामले सामने आए हैं जब खाकी वर्दी पर सवाल उठे हैं, जब पुलिसवालों ने दलितों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया है या उन्हें बेवजह टॉर्चर किया है और धमकाया है। ऐसा ही मामला रामपुर (Rampur) के मिलक थाना (Milka police station) क्षेत्र के भैसोड़ी (Bhaisodi) का है। जहाँ वर्दी का रौब दिखाकर दलित युवक को प्रताड़ित करने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने वाले दरोगा पर बड़ी कार्रवाई की गयी है। दरोगा बाबू को न केवल लाइन हाजिर किया गया है बल्कि अब तो इनका एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
झूठे मामले में फंसाने की धमकी
जहां पीड़ित युवक अजय सिंह ने बताया कि 2 अगस्त को किसी मामले के निपटारे के लिए 2 हजार रुपए लेकर आपसी समझौता करा दिया गया था, लेकिन अगले दिन दरोगा शिवकुमार भदौरिया ने उसे फोन किया और उसे काफी गन्दी गन्दी गालियां देनी शुरू कर दी। पीड़ित ने अपना पक्ष रखने की बहुत कोशिश की लेकिन दरोगा लगातार उसे गालियां दिए जा रहा था। जब पीड़ित ने कहा कि वो उसकी बातें रिकॉर्ड कर रहा है तो दरोगा ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी।
दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया
जिसे लेकर अब मुद्दा काफी गरमा गया है। पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) में याचिका देकर न्याय की गुहार लगाई। वहीं ऑडियो वायरल होने के बाद एसपी (SP) सोमेंद्र मीना ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है। इस मामले में पुलिस की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। अब देखना ये होगा कि दरोगा की तरफ से अपनी सफ़ाई में क्या कहा जाता है।
इसके अलवा आपको बता दें, यह घटना पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा का दावा तो करती है, लेकिन वर्दी की आड़ में जाति के आधार पर भेदभाव और डराने-धमकाने में भी लगी हुई है।



