Chennai: हाल ही में तमिलनाडु के चेन्नई से विवादी खबर सामने आई है, जहां नीट पेपर लीक (Neet Paper Leak) मामले में होने वाली देशव्यापी आंदोलन की लहर ने एक अलग रूप ले लिया है। नीट पेपर (Neet Paper ) में पास न होने के कारण मेडिकल में दाखिला न मिलने से साल 2017 में खुदकुशी करने वाली छात्रा एस अनीता के भाई एस मणिरथिनम ने चैन्नई में इस आंदोलन का आगाज किया था।
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नीट पेपर को हमेशा के लिए कैंसिल करने के लिए आंदोलन
NEET को लेकर बहस कई सालों से चल रही है, जिसके चले कई जगहों में आन्दोलन भी किये गए वही अब तमिलनाडु से भी ऐसी ही खबर सामने आई , जहाँ अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों और छात्र संगठनों ने बार-बार इसे खत्म करने या राज्य को इससे छूट देने की मांग की है। इतना ही नहीं साल 2017 में खुदकुशी करने वाली छात्रा एस अनीता के भाई एस मणिरथिनम ने चैन्नई में इस आंदोलन का आगाज किया था..जो कि कोयंबेडु (Koyambedu) के थिरुवलियूर इल्लम (Thiruvalliyur Illam) में हो रहा है, लेकिन जहां शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा होने और कड़े कानून बनने के बाद भी एस मणिरथिनम (S Manirathinam) ने आंदोलन को रोका नही है।
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आंदोलनकारियों की 2 मांगे
उन्होंने अब मांग की है कि नीट जैसी परिक्षाएं लाखों बच्चो का सपना तोड़ देती है.. जिसकी कीमत मेधावी छात्रो और उनके परिवार वालों को चुकानी पड़ती है.. इसलिए नीट की परिक्षाओं को बैन कर देना चाहिए..साथ ही 12वीं के नंबरो को देखकर ही मेडिकल कॉलेज (Medical College) एंट्रेंस इग्जाम का Evaluation करने की परमिशन मिलनी चाहिए। इतना ही नहीं आंदोलनकारियों का कहना है, “हमारी दो मांगें हैं। केंद्र सरकार को NEET पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और राज्यों को 12वीं कक्षा/प्लस टू के अंकों के आधार पर मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षाओं का मूल्यांकन करने की अनुमति देनी चाहिए।केंद्र सरकार को शिक्षा को समवर्ती सूची से हटाकर राज्य सूची में शामिल करना चाहिए, जिससे राज्यों को अपनी शिक्षा नीति स्वयं तय करने की अनुमति मिल सके। ये मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।”
नीट परिक्षा हमेशा के लिए रद्द हो
आपको बता दें कि प्रोटेस्ट में एस अनिता के मौत के मामले को उठाया गया, साल 2017 में 12वी की परिक्षा में 98% मार्क्स लाने वाली अनिता अलियाल जिले के कुझमुर गांव (Kuzhmur Village) की रहने वाली थी। 12वी में इतने अच्छे नंबर लाने के बाद भी वो नीट परिक्षा पास नही कर सकी थी, जिससे उनका डॉक्टर बनने का सपना टूट गया था। अनिता ने नीट परिक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डाली थी.. लेकिन कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली तो उन्होंने 1 सितंबर 2017 को सुसाइड कर लिया था। नीट पेपर लीक मामले में चल रहे इस आंदोलन में अमिता के भाई ने पेपर को हमेशा के लिए रद्द करने की बात की है.. क्या आपको भी लगता है नीट परिक्षा हमेशा के लिए रद्द हो।



