Lucknow news: हाल ही में यूपी के लखनऊ से चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है। वीडियो ने दिखाने वाला शख़्स rapido पर इल्ज़ाम लगा रहा है कि उसने जातिसूचक गलियों का विरोध किया था जिसके बदले rapido ने उसपर 99 साल 11 महीने का बैन लगा दिया है। जी हां आपके भी शायद यकीन न हो, लेकिन ये खबर इस वक्त सबसे चर्चा में है।
दलित कैब ड्राइवर पर 99 साल का बैन
अक्सर ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां कैब ड्राइवर, ओला, उबर या रैपिडो ड्राइवरों के साथ बुरा बर्ताव होता है और लोग उन्हें डराते धमकाते है। वही ऐसा ही एक मामला लखनऊ के पीजीआई से सामने आया है। जहाँ कैब ड्राईवर को रेपिड़ो ने बैन कर दिया है। दरअसल लखनऊ के पीजीआई इलाके के रहने वाले अंकित कुमार का एक वीडियो पहले भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अपने कैब में बैठे यात्रियों को आधे रास्ते में ही निकाल दिया था।
जातिगत नाम से किया अपमानित
अंकित ने बताया था कि वो लोग लगातार अपने सीनियर को गालियां दे रहे थे, लेकिन हद तो तब हो गई जब वो उसे जातिगत नाम से अपमानित करने लगे। अंकित ने कई बार उनका विरोध किया, लेकिन उल्टा वो अंकित को ही भला बुरा बोलने लगे, जिसके बाद अंकित ने ने तेलीबाग इलाके के पास कैब रोककर उन्हें नीचे उतर जाने को कहा। जिसके बाद पैसेंजर की शिकायत के आधार पर, रैपिडो ने ड्राइवर का पक्ष सुने बिना उसका अकाउंट 99 साल और 11 महीने के लिए ब्लॉक कर दिया।
जिसकी जानकारी खुद अंकित ने दी है..वही पीड़ित दलित युवक रवि ने एक वीडियो के ज़रिए बताया कि वह अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य है और इस एकतरफ़ा कार्रवाई से उसकी रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है। साथ ही रैपिडो पर जातिवादी होने का आरोप भी लगाया है और जिसके बाद से बहिष्कार करने की मांग तेज हो गई है.. अब देखना ये होगा कि मामला गर्माने के बाद रेपिडो का क्या रिएक्शन होगा। इसके अलवा आपको बता दें, ऐसे कई मामले सामने आए है जब बड़े अधिकारियो ने कैब ड्राईवर के साथ बदसलूकी की है। वही इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद लोगों और अलग-अलग संगठनों ने कंपनी के इस एक्शन की आलोचना की है और ड्राइवर के सपोर्ट में आवाज़ उठाई है।



