Top 5 Dalit news: जरा सोचिये अगर दलित के साथ अत्याचार होता है और सालों की लड़ाई के बाद भी कानून दोषियों का ही साथ देती है तोल आने वाली स्थिति दलितो के लिए कितनी भयावाह होगी.. जहां जातिवादियों के हौसले बुलंद होते जायेंगे.. तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो सवाल खड़े करती है कानून व्यवस्था पर, जहां दलित उत्पीड़न के अपराधियों को बरी करने के बाद कैसे होगी उनकी सुरक्षा..
मेरठ में दलित किसान नेता के साथ बर्बरता
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से है जहां एक किसान नेता केवल कुख्यात अपराधिक जानकारी लेने क्या पहुंचे, उन्हें न केवल जातिगत अपमानित किया गया बल्कि उनके साथ मानवता की सारी हदें पार करते हुए पहले SSP कार्यालय में और फिर थाने में पीटा गया। दरअसल भारतीय किसान यूनियन BR अंबेडकर के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने SSP अविनाश पांडे पर आरोप लगाया है कि वो उनके दफ्तर में किसी काम से गए थे, लेकिन SSP के दफ्तर में न होने के कारण उन्होंने इतंजार किया, मगर जब SSP पहुंचे तो सीधा ऑफिस चले गए। कुछ देर मुझे ओर मेरे स्थान गए मोहित जाटव को बुलाया, लेकिन हम जैसे ही अंदर पहुंचे, हमें जातिगत अपमानित करने लगे, इतना ही नहीं हमें बेल्ट और डंडों पीटा गया। जिसके बाद हमे सिविल लाइन थाने ले जाकर भी पीटा गया। इस मारपीट के कारण किसान नेता की एक आंख फूट गई है। उन्हें गंभीर चोट आई है। जिसके बाद विधायक अतुल प्रधान ने खुद जाकर दोनों को आजाद कराया था। वहीं अब इस मामले में जानकार राजनीति भी शुरू हो है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर कहा कि बीजेपी सरकार किसानों का अपमान करके देश का अपमान कर रहे है, उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है किसानों को बीजेपी का सच देखना चाहिए, बीजेपी को केवल अपनी स्वार्थ पूरा करना है, इसके लिए वो अन्नदाता किसानो को भी प्रताड़ित करने से बाज नहीं आएंगे। वहीं किसान नेता के साथ हुई इस घटना के बाद से सरकार ने रातों रात 9 पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए। वहीं मुख्य आरोपी SSP अविनाश पांडे को लखनऊ मुख्यालय में नियुक्त किए गए है। ये मामला इतनी आसानी से शांत होने वाला नहीं है। किसान नेता के साथ हुई बर्बरता को लेकर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने भी मानवाधिकार आयोग में SSP के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही सपा ने भी चेतावनी दी है कि अगर आरोपी SSP के खिलाफ कदम नहीं उठाया गया तो वो एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मामले में जितनी तीखी राजनीति हो रही है उससे ये तो साफ हो गया है कि कुछ लोगों के संरक्षण मिलने से आप सुप्रीम नहीं बन जाते है।
शेखपुरा में 9 लोग दलित उत्पीड़न के दोषी करार
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के शेखपुरा से है जहां दलितों को सार्वजनिक सरकारी नल पर पानी लेने से रोकने के लिए जातिवादी आतंकियों द्वारा किया गया जातिगत हमला, अब उन्हें ही भारी पड़ रहा है। ये घटना शेखपुरा के कुसुंभा थाना क्षेत्र के बगहिया टोला की है। जब 14 जुलाई 2017 को पीड़ित शिवकुमार चौधरी गांव में ही बने सरकारी नल पर नहाने गए हुए थे, लेकिन उन्हें देख कर ऊंची जाति से आने वाला विनोद बिंद नाराज हो गया और उसने पीड़ित को जातिसूचक गालियां देनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं जब उसने इसका विरोध किया तो विनोद के साथ साथ 8 और लोग आ गए और उन लोगों पीड़ित से मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित को बचाने के परिवार के लोग पहुंचे तो उनपर भी हथियारों से हमला किया गया। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद आखिरकार 10 सालों के बाद ही सही पीड़ित परिवार को न्याय मिला और SCST एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज किशोर की अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी करार देकर जेल भेज दिया है। हालांकि उनकी सजा का ऐलान होना बाकी है। अब देखना ये होगा कि न्याय अब भी अधूरा है और इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा।
भीम आर्मी चीफ पहुंचे जयपुर
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जो डांगावास में 5 दलित युवकों की हत्या मामले में कोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़ित परिवार से मिलें जयपुर पहुंचे है। साल 2015 में हुई हत्या को लेकर जयपुर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था जिसके बाद से पीड़ित परिवार धरने कर बैठा है। जिन्हें मिलने के लिए आखिरकार नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद भी जयपुर में आंदोलन में हिस्सा लेने पहुंचे। यहां उन्होंने राजस्थान की सरकार भी जमकर निशाना साधा। आजाद ने कहा कि ये फैसला इतना अन्यायपूर्ण है जो आने वाले समय में कानून की कमजोरी को अत्याचारियों की ताकत बना देगा। अगर 5लोगों की हत्या के बाद भी आरोपी बरी हो जाते है तक आने वाले समय में ऐसे ही दलित मरते चले जाएंगे और सामंतवादी लोग अत्याचार करते रहेंगे। सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ जरूरी है कि हाईकोर्ट जाकर अपील की जाए। वहीं आजाद ने को जनता करती के सदस्यों ने जयपुर के स्कूल का निरीक्षण किया तो उनपर जानलेवा हमला सबूत है कि बीजेपी राज में न्याय की आवाज उठाना बेकार है। और अगर मामला दलित से जुड़ा है तो भील ही जाइये।
दिल्ली यूनिवर्सीटी में प्रोफेसर पर लगे जातिगत अपमान के आरोप
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली से है, जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर द्वारा चलती टीवी डिबेट में दलित पर छींटाकसी करने की लेकिन चांसलर ने बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल कुछ दिनों पहले डीयू के प्रोफेसर संगीत रागी एक डिबेट में पहुंचे थे, जहां एक वीडियो प्ले किया गया, जिसमें कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक वीडियो प्ले किया गया, जिसमें वंदे मातरम को बीच में रोककर खड़गे के लिए कुर्सी लाई गई थी। ये काफी पुराना वीडियो है , लेकिन इसे लेकर विवाद तब हो गया है जब संगीत रागी ने कहा कि ये वीडियो कांग्रेस और उनके नेताओं की मानसिकता को दर्शाता है, ये दलित मानसिकता को दर्शाता है.. इस तरह की टिप्पणी के बाद बवाव हो गया और भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक कांग्रेस (INTEC) ने इसे साख से जोड़ कर प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कराने की बात कहते हुए पुलिस कार्यलय में शिकायत दर्ज कराई गई है, साथ कि डीयू की कुलपति योगेश सिंह को भी एक शिकायत सौंपी गई है.. अब देखना ये होगा कि सरकार दलित शिक्षा पर बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं उनके प्रोफेसर को रोजाना तमीज की क्लास दी जानी चाहिए.. आपका क्या विचार है।
हमीरपुर में दलित डाकिये पर हमला
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के हमीरपुर से है, जहां एक दलित जाति से आने वाले पोस्टमैंन के साथ बर्बरता की गई… क्योंकि आरोपी युवकों का अभी तक पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी पहुंचा था, जिसे गायब करने का इल्जाम पोस्टमैन पर का कर उसके ही घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई। ये घटना बिंवार थाना के निवादा गांव का है, पीड़ित बोदा प्रसाद श्रीवास ने पुलिस को तहरीर दी कि वो अपने काम पर जाने के लिए तैयार हो रहा था लेकिन तभी गांव के आशीष गुप्ता औऱ मोहित गुप्ता वहां आ गए.. उन लोगो ने पैन कार्ड और डीएल मांगा.. पोस्टमैन से पैन कार्ड दे दिया था लेकिन डीएल नहीं आया था.. मगर दोनो आरोपी इस बात को मानने के लिए राजी नहीं हुए और पीड़ित को जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट करने लगे.. यहां तक कि जब उनका बेटा वहां पहुंचा तो उसे भी जान से मारने की धमकी देने लगे.. जिसके बाद दोनो वहां से चले गए..वहीं पुलिस ने तहरीर मिलने पुर तुरंत कार्यवाही शुरु की और दोनो की तलाश शुरु कर दी है.. थाना प्रभारी मोहम्मद सुल्तान ने बताया कि पीड़ित की शियाकत पर एससी एसट एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



