बुद्ध ने क्यों सिखाया त्याग का मार्ग? जानिए छोड़ने की शक्ति का असली अर्थ – Gautam Buddha Powerful Life Lesson

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Gautam Buddha Powerful Life Lesson: बौद्ध धर्म को करीब से जानने और समझने वाले ये बखूबी समझ सकते है कि बुद्ध ने सत्य का जो ज्ञान प्राप्त किया था,,एकमात्र वहीं ज्ञान व्यक्ति को दुखों से भरे इस संसार से मुक्त कर सकता है.. उन्होंने संसार को मुक्ति को मार्ग बताया.. लेकिन उनके इस ज्ञान के साथ साथ कुछ विवाद भी जुड़े.. जैसे उनका रात के अंधेरे में अपने परिवार को त्याग कर निकल जाना.. बहुत से लोग है जो उनके इस कदम को स्वार्थपूर्ण कहते है.. लेकिन ये बुद्ध का ही ज्ञान है कि अगर आपको कुछ हासिल करना है तो आपको कुछ तो त्यागना ही होगा। आपको कुछ खुद से अलग कर हमेशा के लिए छोड़ना ही होगा.. लेकिन ये छोड़ना कायरता नहीं.. बल्कि उस मार्ग का पहला कदम है, जो आपको मुक्ति देने वाला है। अपने इस लेख में हम बुद्ध के बतायी छोड़ने की, त्याग करने की शक्ति के बारे में जानेंगे। क्या कहा है बुद्ध ने त्याग करने की अवधारणा को लेकर..

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बुद्ध ने परिवार क्यों छोड़ा?

जरा सोचिए.. आप एक परिवार का हिस्सा है, और आप चाहते है कि हर कोई, चाहे वो आपके अपने हो, या आपकी कोई अहम वस्तु.. आप उसे खुद से हमेशा पकड़े और जकड़े रखना चाहते है, ताकि वो आपके छूटे न, बिछड़े न.. लेकिन संसार की हर एक वस्तु की एक उम्र तय है.. और उसका समय पूरा होते ही वो खत्म हो जाता है.. चाहे आपको उससे कितना ही मोह हो, वो आपके हाथों से रेत की तरह निकल जाती है.. औऱ जब वो चीज आपके दूर जाती है तब आप जिस असहनीय पीड़ा को महसूस करते है। उस पीड़ा का कारण ही मोह है..लेकिन फिर आपको किसी और चीज से मोह होता है तो फिर से वहीं प्रक्रिया होती है। यानि की जब तक आप किसी चीज को खुद से जकड़े रहेगे.. तब तक आप पीड़ा से मुक्त हो ही नही सकते है.. और इस पीड़ा का कारण है आपका छोड़ने की इच्छा का न होना.. हालांकि आपको ये लग सकता है कि छोड़ने से लोग आपको कायर समझेंगे.. आपको महसूस होगा कि शायद अब आपके जीवन में कुछ नहीं बचा है.. औऱ सब धीरे धीरे खत्म हो रहा है लेकिन सच तो ये है कि जब आप छोड़ने की शुरुआत करते है तभी आप उस सत्य के करीब जाने लगते है जो आपको संसारिक दुखो से मुक्त करने वाला है।

कुछ पाने के लिए कुछ छोड़ना क्यों जरूरी है?

बुद्ध का कहना था कि किसी भी व्यक्ति का दुख या दर्द किसी दूसरे व्यक्ति की देन हो ही नहीं सकता है, बल्कि आपका दुख आपके ही कर्मो के कारण पनप रहा है। लेकिन इस सत्य को स्वीकार करने के बजाय हम पुरानी यादों, भावनाओं और आदतो को छोड़ना ही नहीं चाहते है.. जबकि कुछ भी स्थाई नहीं है.. जब तक आप ये नही समझ जाते कि जिस चीज की जरूरत नहीं है उसे छोड़ना जरूरी है.. तब तक आप शांति नहीं पा सकते है। बुद्ध ने समझाया कि संसार आपके छोड़ने पर सवाल उठायेगा, आपको स्वार्थी कहेगा.. लेकिन एक बात का सदैव ध्यान रखिये.. छोड़ना आपकी कायरता की नहीं, बल्कि आपकी आध्यात्मिक शक्ति को दिखाता है। जैसे नाव से नदी पार करके आप नाव को अपने सिर पर लाद कर नहीं चलते, वैसे ही आपको गैर जरूरी चीजो को छोड़ देना चाहिए। अगर आप मुक्ति चाहते है तो आपको खुद को खाली करना पड़ेगा। जो आना है वो आयेगा, जो जाना है वो जायेगा.. इसलिए आप छोड़ दिजिये.. धीरे धीरे अपने आप सब सही होने लगेगा। छोडृ देना हार की नहीं बल्कि आपके साहस को दिखाता है। जो आपको हल्का महसूस कराता है। आप इच्छाओ, लगाव और दुनिया को नियत्रंण करने की उम्मीद को छोड़ दे.. तभी आपका जीवन अपने हिसाब से चलेगा.. जो उसकी प्रकृति है.. आपका नियंत्रण आपके कष्टो  कारण बनता है। आप हालांतो को स्वीकार करने के बजाय उसे बदलने की कोशिश करते है.. और जब वो नहीं हो पाता है तो आपको दुख होता है।

जानिए मुक्ति की राह का पहला कदम

याद रखिये कि जब आप किसी चीज छोड़ देते है तो आप असल में मुक्त होते है। जो आपका है वो लौट कर आयेगा.. आपको खुद पर भरोसा करना होगा।  जिस दिन आपके मन में ये बात आ जाये कि आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं है.. तब आप सही मायने में मुक्त हो गए है। नई चीजों को पाने के लिए पुरानी चीजो को छोड़ने की जरूरत है.. क्योंकि स्वीकार करें कि आपके नियंत्रण में कुछ नहीं है.. इसलिए जो हो रहा है उसे होने दीजिए.. जब आप पुरानी चीजो को छोड़ देते है तो आपके अंदर कुछ नया करने की जगह खाली होती है। आप सबकुछ ज्यादा साफ और शांति के साथ देख सकते है। बुद्ध कहते है कि जो बीत गया है, जो चला गया है उसका शोक नहीं मनाना है.,. और भविष्य में क्या होगा.. उसकी चिंता नहीं करनी है.. क्योंकि दोनो पर ही आफका बस नहीं चलने वाला है.. तो बेहतर है कि वर्तमान में जिये.. आज में जिये और कल की चिंता छोड़ देना ही आपको मानसिक शांति औऱ स्थिरता देती है। छोड़ना कभी गलत है ही नहीं, बल्कि फर्क है तो ये कि आप जो त्याग रहे है वो वाकई में आपको मुक्ति के कितने करीब ले जा रहा है। बुद्ध के छोड़नी की शक्ति के ज्ञान से आप कितने सहमत है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

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