Kanpur news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक दलित युवक को गांव के कुछ लोग परेशान कर रहे थे, कभी जातिसूचक टिप्पणी तो कभी मानसिक शोषण, जिससे तंग आकर दलित युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की। वही सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कार्यवाही शुरू कर दी है।
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जातिगत उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की कोशिश
जातिवाद और भेदभाव का दंश, जो आज भी समाज में गहराई तक बैठा है, इतना खतरनाक हो सकता है, जैसा कि तमाम घटनाओं से पता चलता है जहाँ पीड़ित, टॉर्चर से थककर मौत को गले लगाने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला यूपी (UP) के कानपुर से है, जहां जातिगत भेदभाव और बार बार उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश की। ये सनसनीखेज मामला कानपुर के महाराजपुर पुलिस थाना क्षेत्र के न्याउरी गांव का है, जहां पीड़ित श्याम सुंदर कोरी ने घर के रेलिंग से फंदा लगा कर आत्महत्या करने की कोशिश की, हालांकि उसे बचा लिया गया, पीड़ित ने बताया कि वो गांव के कुछ लोगों के जातिगत टिप्पणी और उत्पीड़न से तंग आ चुका है।
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लगातार दलित युवक को परेशान कर रहे थे लोग
उसने उसे प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ मामला भी दर्ज करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। आरोपियों में गांव का प्रधान भी शामिल है, श्याम सुंदर ने बताया कि कुछ समय पहले उनसे गांव के काली मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए चंदा देने से इनकार कर दिया था साथ ही बेगारी करने से भी मना कर दिया था, जिसके बाद से वो लोग उसे लगातार परेशान कर रहे है।
मामला दर्ज कर पुलिस ने दिया अश्वास्सन
पीड़ित ने पहले भी 22 नवंबर 2025 को आत्महत्या की कोशिश की थी, जब ये मामला सामने आया तब सेन पश्चिम पारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है। एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत यादव ने आश्वासन दिया है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। वही इस घटना ने फिर कानून पर सवाल खड़े कर दिए है….कानून के लंबे हाथ और सुरक्षा के कई दावों के बावजूद, जब सिस्टम की बेपरवाही और अपराधियों का डर पीड़ितों के लिए ज़िंदगी मुश्किल बना देता है, तो वे आत्महत्या जैसा डरावना कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं या न्याय की उम्मीद खोकर धीरे-धीरे मौत को गले लगा लेते हैं।



