Rahul Gandhi SC/ST Act case: हाल ही में यूपी के लखनऊ से विवादित मामला सामने आया है, जहां एक तरफ कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी पर शुद्धिकरणा मामले में की गई टिप्पणी को लेकर वाल्मीकी समाज के ही अमित कुमार ने एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया.. तो वहीं अब इस मामले को लेकर सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुद्धिकरण से कर राहुल गांधी के ऊपर होने वाली एफआईआर के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ये सब बीजेपी के इशारे पर हो रहा है, क्योंकि राहुल गाँधी ने दलितो के लिए आवाज उठाई है और बीजेपी दलित विरोधी पार्टी है।
राहुल गांधी पर ही SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली हुई और उसके बाद जो हुआ, उसने यूपी से लेकर दिल्ली तक सियासी भूचाल ला दिया, रामलीला मैदान का कथित ‘शुद्धिकरण’ हुआ, तो राहुल गांधी ने इसे बीजेपी की ‘छुआछूत वाली मानसिकता’ बताकर 2027 के यूपी चुनाव का बड़ा दांव खेल दिया….लेकिन एक हिंदू संगठन के युवक ने उल्टे राहुल गांधी पर ही SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज करवा दिया, अब चर्चा यहाँ तक है कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर आर-पार के मूड में हैं।
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अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
वही इस मामले में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है और कहा कि जो भी उत्तराखंड में हुआ है वो बीजेपी के इशारे पर हुआ है, लेकिन सच तो ये है कि ऐसा करके बीजेपी ने अपनी हार के ‘पराजय-पत्र’ पर साइन किया है। ये केवल एक नेता का अपमान नहीं है.. बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है, और दलित समाज उन्हें बख्शेगा नहीं। वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले में अपना रोष जताया और विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले अमित कुमार ने कहा कि साफ सफाई और शुद्धिकरण के दौरान वहां दलित समाज के अनगिनत लोग थे।
राहुल गाँधी गिरफ़्तारी देने को तैयार
वो केवल रामलीला मैदान को साफ कर रहे थे, औऱ पूजा करके शुद्ध किया गया था क्योंकि रैली के बाद वहां काफी गंदगी थी औऱ कुछ अपवित्र चीजे भी थी, लेकिन राहुल गांधी इस मामले को जाति विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे है। जो गलत है। हैरानी की बात है कि पिछले 3 हफ्तो से जब राहुल गांधी विरोध कर रहे थे तब किसी ने आवाज नहीं उठाई लेकिन अचानक कैसे कोई वाल्मिकी समाज से उठकर आ गया वही छुआछूत के खिलाफ इस लड़ाई के लिए वो गिरफ्तारी देने तक को तैयार हैं।



