Akhilesh Yadav: हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजीनीति को लेकर एक मामला सामने आया है जहाँ ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल टोपी छोड़कर नीला कुर्ता पहनने से दलित समुदाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी, तौकीर रजा और विपक्षी गठबंधन पर भी हमला बोला।
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सपा का कपड़े का रंग बदलने पर ओपी राजभर की चुटकी
अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, वहीं देश की सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई हैं। इसी बीच अब पक्ष हो या विपक्ष सभी दलित मतदाताओं को साधने के लिए नए नए हथकंडे अपना रहे है तो वहीं उनके विपक्ष चुटकी लेने से पीछे नहीं हट रहे है.. दरअसल अभी हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने यूथ विंग में नीली रंग की टीशर्ट पहनने की पहल की है, साथ ही उन्होंने सम्राट अशोक जयंती की छुट्टी की मांग की है, लेकिन अखिलेश यादव की इन हरकतो को लेकर कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने जमकर चुटकी लेनी शुरु कर दी है।
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रंग बदलने से नहीं मिलेगा दलितों का समर्थन
उन्होंने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि केवल रंग बदलने से विश्वास नहीं बदल जाता। सपा का सियासी सगूफा और अखिलेश का पीडीए अब सब समझ गए है। इतना ही नहीं नीले रंग को उन्होंने बसपा का प्रतीक कहा है। सच तो ये है कि सपा राज में सबसे ज्यादा दलितो की ही अवहेलना हुई।
महापुरुषो के स्मारकों का काम रोका गया और कांशीराम और बाबा साहब के नामो से जुड़े स्थानो के जानबूझ कर उंची जाति का वोटबैंक बनाने के लिए नाम बदल दिये गए। केवल कपड़े बदल लेने से शख्सियत नही बदलती .. और अखिलेश की ये चाल अब जागरूक हो चुके दलितो पर काम नहीं आयेगी। ओपी राजभर ने तीखे शब्दों को अखिलेश यादव की political planning को जीरो कहा है। अब देखना ये होगा कि राजभर के तंज का अखिलेश क्या पलटवार करते है।



