UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के झाँसी से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक गाँव के मंदिर के पुजारी ने दलित लड़की को बहला-फुसलाकर एक कमरे में ले जाकर उसका यौन उत्पीड़न किया; इतना ही नहीं, जब उसने विरोध किया तो पुजारी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके उसे अपमानित भी किया।
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झांसी में 9 साल की बच्ची के साथ मंदिर में छेड़छाड़
उत्तर प्रदेश के झांसी से एक मामला सामने आया है, जहां दलितो की बहू बेटियों की उम्र चाहे कितनी भी हो… मनुवादियों के लिए वो केवल उत्पीड़न का सामान मात्र ही है। यह ताज़ा घटना झांसी ज़िले के समथर पुलिस स्टेशन (Samthar police station) इलाके में हुई; जहाँ दलितों को अक्सर सिर्फ़ मंदिरों में घुसने की कोशिश करने पर भी विरोध का सामना करना पड़ता है, वहीं जातिवादियों को तब कोई समस्या नहीं दिखी जब गाँव के मंदिर के पुजारी ने नौ साल की बच्ची को मंदिर के अंदर एक कमरे में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं।
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पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दवाब बनाया
दरअसल यह घटना 28 जुलाई को हुई थी। जिसके बाद बच्ची की मां ने जाकर पुलिस को तहरीर दी थी। वही परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पुजारी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, छेड़छाड़ और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन पुलिस की कार्यवाई से नाराज गांव की पंचायत ने 2 अगस्त को पूरे परिवार का दूध-पानी, दुकान, खेत और रास्ते तक बंद करने का फरमान सुना दिया। साथ ही केस वापिस लेने का भी दवाब बनाया गया, लेकिन जब पीड़ित परिवार नहीं माना तो 5 सितंबर को पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई.. हैरानी की बात है कि इस मामले को करीब डेढ़ महीने बीत चुके है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई ही नहीं है.. और न पंचायत के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया है।
इस खबर के सामने आने के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाई है.,.उन्होंने सीएम से पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.. साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की.. अब देखना ये होगा कि डेढ़ महीने से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार को क्या अब भी न्याय मिलेगा।



