UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई है, जिसमें एक दलित छात्र ने एक टीचर पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि टीचर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके उसे अपमानित करते हैं और उसे क्लास में शामिल होने से भी रोकते हैं।
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प्राथमिक स्कूल में दलित छात्र से भेदभाव
मैडम मुझे पढ़ने नहीं देतीं और क्लास से बाहर भगा देती हैं। उत्तर प्रदेश के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक मासूम बच्चे का रोते-बिलखते हुए वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस छात्र का गंभीर आरोप है कि उसकी टीचर—वंदना मैडम—उसके साथ जातिगत भेदभाव करती हैं, बच्चे का दावा है कि उसे अनुचित शब्दों का इस्तेमाल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और कक्षा में बैठने तक नहीं दिया जाता।
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बच्चे ने रो-रोकर सुनाई आपबीती
मासूम का रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाने वाला यह वीडियो देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, मामला सामने आते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित कर दी है। टीम को मौके पर जाकर बच्चे, परिजनों और आरोपी शिक्षिका के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं, आरोपी शिक्षिका वंदना मैडम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे अनुशासन से जुड़ा मामला बताया है।
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय का झंझोड़ देने वाला वीडियो सामने आया है जहां एक मासूम दलित छात्र ने अपनी ही शिक्षिका पर गंभीर जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि वंदना मैडम उसे स्कूल से भगा देती हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करती हैं pic.twitter.com/G3ha5qohrV
— payalyadav (@payalyadavG) September 10, 2026
हालांकि, प्राथमिक जांच के आधार पर शिक्षिका के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है, साथ ही, स्थानीय पुलिस भी कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है। एक तरफ ‘सबको शिक्षा, समान अधिकार’ का नारा दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी तस्वीरें शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती हैं, क्या इस तरह के बर्ताव से मासूम बच्चों का भविष्य प्रभावित नहीं होगा।



