Top 5 Dalit news: शुद्धिकरण से लेकर बहिष्कार तक, दलितों से जुड़े 5 मामले जिन्होंने फिर खड़े किए जातिवाद पर सवाल

Caste discrimation, Top 5 Dalits new
Source: Google

Top 5 Dalit news: बाबा साहब ने क्यों कहां था कि संगठित रहना जरूरी है उसका मतलब अब समझ आ रहा है.. जहां संगठन की ताकत ऐसी है कि दलितों की आवाज बनने वाले बच्चों से भी प्रशासन और मनुवादी खौंफ खा रहे है.. उनके खिलाफ साजिशे रच रहे है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो आपकी भी आंखे खोल देंगी कि क्यों दलितों के एकजुटता से डरते है जातिवादी.. वो जानते है कि जहां दलित एक हुए.. वहां उनका सत्ता ताश के पत्तों की तरह बिखर जायेगी।

उत्तराखंड के बाद अब तेलंगाना में शुद्धिकरण

1,दलितों से जुड़ा पहला मामला तेलंगाना के सिद्दीपेड जिले से है, जहां एक तरफ हल्द्वानी में शुद्धिकरण का मामला शांत नहीं हुआ है तो वहीं अब तेलंगना में भी कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन करने के बस उस एरिया को हल्दी और दूध से शुद्ध करने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद से राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। दरअसल 8 सितंबर को कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं ने विधानसभा स्पीकर जी. प्रसाद कुमार के ऊपर बीआरएस नेताओं की विवादित टिप्पणी को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था, ये प्रदर्शनसिद्दीपेड जिले के एर्रावेली और वरदराजपुर गांवों में पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव (KCR) के फार्महाउस के आसपास किया जा रहा है, लेकिन अब आरोप लगाया जा रहा है कि जब प्रदर्शकारी वहां से चले गए तो उस जगह को दूध और हल्दी से पवित्र किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद इसने बड़ा राजनैतिक रंग पकड़ लिया है, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया तो वहीं सीएम ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना को दलित सम्मान पर बड़ा ठेस करार दिया है। जिसके बाद भारी हंगामा हुआ,  लेकिन तेलंगाना में तो कांग्रेस की सरकार है, तुरंत मामले के कई आरोपी विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। अब देखना ये होगा कि पहले उत्तराखंड और अब तेलंगाना, शुद्धिकरण करके आखिर साबित क्या करना चाहते है। जाहिर है दलित कभी उनके बराबर नहीं हो सकते। आपको क्या लगता है।

14 साल की भीम आर्मी कार्यकर्ता नीशू आजाद का पुतला फूंका

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद से है, जहां मनुवादियें की विकृत मानसिकता का परिचय देखने को मिला.. 14 साल की भीम आर्मी कार्यकर्ता नीशू आजाद ने जब अपने पिता के लिए न्याय की आवाज तेज की तो मनुवादियों ने उसका अपने ही घर में रहना मुहाल कर दिया है। उसे अपनी सोसईटी से जबरन घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है.. लेकिन जब दलित संगठनो का पूरा सपोर्ट मिलने लगा तो अब 14 साल की मासूम का पुतला फूंक कर अपनी नफरत व्यक्त कर रहे है। हैरानी की बात है  कि वहां भारी संख्या में पुलिस मौजूद है.. लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे है.. और उन लोगो ने नीशू आजाद का पुतना फूंक कर ये साबित करने की कोशिश की कि बच्चा हो बूढ़ा.. जो मनुवादियों के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करेगा.. उन्हें समाज में जीने ही नहीं दिया जायेगा। शुक्र है कि नीशू आजाद को नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद का समर्थन और संरक्षण है.. वर्ना तो शायद अब तक वो कहां होती.. इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। बड़े बड़े नेताओं तक तो ठीक था लेकिन 14 साल की बच्ची से उन्हें किस बात का डर है… ये डर बताता है कि वो गलत है.. आपको क्या लगता है।

संगरूर में दलित कार्यकर्ता की मौत के बाद सियासत तेज

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला पंजाब के संगरूर से है, जहां दलित बुजर्ग की आत्महत्या के बाद एक नया खुलासा हुआ है.. जिसने पंजाब पुलिस की नियत पर ही सवाल खड़े कर दिये है। दरअसल गुलजार सिंह ने लगातार हो रही जातिगत प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी, जान देने से पहले उन्होंने वीडियो जारी कर अपने साथ हुई आपबीती और पंजाब में नशाखोरी के कारण उनके बेटे की जिंदगी कैसे खराब हो गई.. उसका भी खुलासा किया था। लेकिन अब खबरें आ रही है कि पुलिस वालो ने गुलजार सिंह के शव का जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया.. जिसके लिए उनके बेटे को भी गुमराह किया गया.. मगर अब पंजाब पुलिस औऱ सरकार की पोल खुलने लगी है। गुलजार सिंह के बेटे अपने पिता के लिए न्याय क आवाज बन कर धरने पर बैठ गए है। उन्होंने कहा कि उनके पिता को इतना प्रताड़ित इतना अपनानित किया गया कि उन्होंने अपनी जान दे दी। अब जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता तब तक तब तक वे न भोग करेंगे और न ही अस्थियां विसर्जित करेंगे। इस मामले में अब भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने आवाज उठाई है.. उन्होंने पंजाब पुलिस से सवाल किया है कि आखिर घरवालों की मर्जी के खिलाफ अंतिम संस्कार करने का क्या मतलब बनता है। उन्होंने पंजाब सरकार से इन मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है, साथ ही पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की ताकि पुलिस प्रशासन के दवाब में न्याय की आवाज ही न दब जायें।

मुजफ्फरनगर में 100 रूपय चंदा न देने पर तुगलकी फरमान

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला यूपी के मुजफ्फरनगर से है। जहां आर्थिक तंगी के कारण एक दलित परिवार ने बस 100 रूपय चंदा नहीं दिया तो पिछले 1 महीने से पूरे परिवार का हुक्का पानी बंद करने का मामला सामने आया है। मानवता को झकझोर देने वाला ये मामला छपार थाना क्षेत्र के खुड्डा खानपुर गांव का है, जहां पीड़ित परिवार ने मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी दफ्तर में अर्जी देते हुए अपनी आपबीती सुनाई.. उन्होनें बताया कि उनका परिवार मजदूरी करके घर चलाता है, और गांव की पंचायत हर महीने रविदास मंदिर के लिए 100 रूपय का चंदा लेता है, लेकिन वो पिछले महीने का चंदा नहीं दे सकें थे, जिसके कारण उनके खिलाफ पंचायत बिठा दी गई.. उन पर 500 रूपय का जुर्माना लगाया गया और साथ ही एक महीने से उनका दाना पानी सब बंद कर दिया गया है.. गांव में कोई उनकी मदद तक करने के लिए तैयार नहीं है.. वहीं पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके बेटे के ब्लड कैंसर है, और चंडीगढ़ में उसका इलाज चल रहा है.. घर चला कर जो भी बचता है वो उसके ईलाज में लग जाता है.. ऐसे में पंचायत का ये तुगलकी फरमान उनपर पहाड़ बन कर टूटा है। उन्होंने पुलिस से भी मदद मांगी लेकिन उन लोगो ने भी भगा दिया। वो दर दर की ठोकरे खा रहे है.. अब देखना ये होगा कि इस अर्जी के बाद जिलाधिकारियें की क्या प्रतिक्रिया होती है।

तेलंगाना में दूसरी जाति में शादी करने की सजा

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला तेंलगाना के जोगुलाम्बा गडवाल जिले का है, जहां अंतरजातीय लव मैरिज करने के अगले ही दिन लड़की के घरवालो ने दलित लड़के के घर पर ट्रेक्टर से तोड़ फोड़ कर दी। ये मामला जोगुलाम्बा गडवाल जिले केरेपल्ली गांव का है। दलित जाति से आने वाले पीड़ित दूल्हे ने बताया कि उसे बीसी समुदाय से आने वाली दुल्हन से हैदराबाद में रहने के दौरान प्यार हो गया था, लेकिन लड़की के घर वाले इस रिश्ते से नाराज थे, मगर दोनो ने घरवालो के मर्जी के खिलाफ जाकर 9 सितंबर को शादी कर ली थी, जिसकी खबर लगते ही लड़की के परिवार वालों ने उसके घर जाकर तोड़फोड़ मचाई.. हालांकि वो घर कई महीनों से बंद पड़ा था क्योंकि पीड़ित परिवार हैदराबाद में रहता है। वहीं पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही उन लोगो ने कार्यवाई शुरू कर दी, लेकिन आरोपी फरार हो चुके है, हालांकि पुलिस ने तोड़ फोड़ में इस्तेमाल हुए ट्रेक्टर को जब्त कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *