Telangana: हाल ही में तेलंगाना के सिद्दिपेट ज़िले से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है; जहाँ, हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ की रस्म को लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब तेलंगाना की राजनीति में एक सनसनीखेज घटना ने हलचल मचा दी है। इस मामले में, कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन करने के बस उस एरिया को हल्दी और दूध से ‘शुद्ध’ किया गया। जिसके बाद एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल काफी मच गयी है।
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उत्तराखंड के बाद अब तेलंगाना में शुद्धिकरण
क्या 21वीं सदी में भी भारत में सड़कों को इसलिए धोया जा रहा है क्योंकि उस पर दलितों के कदम पड़े थे, उत्तराखंड के बाद अब तेलंगाना के सिद्दीपेट में ‘शुद्धिकरण’ के एक नए विवाद ने पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है… दरअसल, 8 सितंबर को कांग्रेस पार्टी के दलित कार्यकर्ताओं ने विधानसभा स्पीकर जी. प्रसाद कुमार के बारे में BRS नेताओं की विवादित टिप्पणियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम केसीआर के एर्रावेली फार्महाउस के बाहर प्रदर्शन किया।
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मामला सामने आने के सियासी बवाल
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के हटते ही BRS समर्थकों ने उस सड़क को हल्दी के पानी और दूध से धोकर ‘शुद्ध’ किया…कांग्रेस ने इसे छुआछूत की मानसिकता बताया है। ये प्रदर्शन सिद्दीपेड जिले (Siddipet district) के एर्रावेली (Erravelli) और वरदराजपुर गांवों (Varadarajpur) में पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव (KCR) के फार्महाउस के आसपास किया जा रहा है, लेकिन अब आरोप लगाया जा रहा है कि जब प्रदर्शकारी वहां से चले गए तो उस जगह को दूध और हल्दी से पवित्र किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद इसने बड़ा राजनैतिक रंग पकड़ लिया है।
SC/ST Act के खिलाफ मामला दर्ज
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया जिसकी निगरानी जॉइंट पुलिस कमिश्नर कर रहे हैं। दूसरी तरफ, BRS ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे सत्ताधारी पार्टी का राजनीतिक हथकंडा बताया है। वहीं सीएम ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना को दलित सम्मान पर बड़ा ठेस करार दिया है। जिसके बाद भारी हंगामा हुआ, लेकिन तेलंगाना में तो कांग्रेस की सरकार है, तुरंत मामले के कई आरोपी विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। अब देखना ये होगा कि पहले उत्तराखंड और अब तेलंगाना, शुद्धिकरण करके आखिर साबित क्या करना चाहते है। जाहिर है दलित कभी उनके बराबर नहीं हो सकते।



