Top 5 Dalit news: जो सही होगा, उसे भले ही परेशानी जरूर हो सकती है लेकिन वो हार नहीं सकता। दलितों के लिए लड़ाई लड़ने वाले भी इस सच से अवगत है.. बावजूद उसके जरूरी है तो दलितों को उन लोगों से सावधान रहने की जो हितैषी का मुखौटा पहने है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो से जुड़ी घटनाओ के बारे में बतायेंगे, जो आपकी आंखो पर ये पर्दा हटा देंगे कि वाकई में दलितों के लिए कौन खड़ा है औऱ कौन उनके विरूद्ध है।
समाजवादी पार्टी का दलित वोटर्स के लिए नया दाव
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला यूपी से है, जहां 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बहुत ज्यादा उलटफेर देखने को मिल रही हैं। खासकर दलित वोटर्स को लुभाने के लिए पार्टियां नए नए दाव लगा रही है। ताजा दाव लगाया है समाजवादी पार्टी ने। कुछ दिनों पहले सपा के यूथ विंग के लिए लाल महरून के बजाय नीली जींस और नीली टी-शर्ट के साथ लाल टोपी का इस्तेमाल करने का ऐलान किया था तो वहीं अब खबरें आ रही है कि राज्य के बहुजन दलित वोटर्स को साधने के लिए सपा पीडीए के फार्मूले के साथ साथ राज्य में दलित सम्मेलन करने की घोषणा की है जो कि 15 नवंबर से आगरा से शुरू होगा। बता दें कि आगरा का बाबा साहब आंबेडकर और कांशीराम से गहरा नाता है वहीं जाटव वोट्स के मामले में आगरा एक मजबूत गढ़ है। क्योंकि आगरा मंडल में 4 जिले आते है, जिसमें आगरा में करीब 23%, मथुरा में 20 %, मैनपुरी में 20 %, फिरोजाबाद में 19 %, इटावा में 25 % और हाथरस में करीब 24 % जाटव वोटर है। जो यूपी के चुनावी समीकरण को बदल सकते है। अखिलेश यादव भी इस बात को समझ चुके है इसलिए उनका फोकस दलित नेताओं के साथ साथ दलित वोटर्स पर बढ़ गया है। हालांकि कोशिश तो बहुत कर रहे है ये कोशिश कितनी रंग लाती है ये तो चुनावों के बाद पता चल ही जाएंगे, लेकिन सपा के इस दाव से उन्हें फायदा होगा या नहीं इसपर आपकी क्या राय है।
अजीत भारती की याचिका हाईकोर्ट में भी खारिज
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली से है जहां जातिवादी यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, वहीं अब दिल्ली हाई कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी को रोकने के लिए डाली गई याचिका को भी रिजेक्ट करते हुए भारती के खिलाफ फैसला सुनाया है। बता दें कि 7 सितंबर को पटियाला कोर्ट ने अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। लेकिन वहां से भी उन्हें टका सा जबाव मिल गया है। कोर्ट जमानत को लेकर 16 सितंबर को फिर से सुनवाई करेगी। बता दें कि भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर विवादित बयान देने के बाद से ही दलित संगठन ने जातिवादियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अजीत भारती को भी बाबा साहब और आजाद का अपमान करना भारी पड़ गया है। अब देखना ये होगा कि 16 तारीख को हाई कोर्ट क्या फैसला देती है और आखिर कब तक अजीत भारती को गिरफ्तार किया जाएगा।
हरदोई में दबंगो ने दलित को पीटा
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई से है जहां दबंगों ने एक दलित युवक को केवल इसलिए जातिसूचक गालियां दी और मारपीट की क्योंकि वो उनसे आगे लाइन में लगा हुआ था। ये घटना हरदोई के शाहाबाद तहसील शाहाबाद थाना क्षेत्र का है, समैचीपुर गांव के रहने वाले विक्रम कुमार ने पुलिस को तहरीर दी कि 19 अगस्त को वो अपने एक दोस्त के साथ बैनामों का पंजीकरण कराने के लिए तहसीलदार के ऑफिस गया था। जहां सभी लाइन में लगे हुए थे, लेकिन तभी महुआटोला का रहने वाले हसीब और याकूब अली वहां पहुंच गए। उनलोगों ने जबरदस्ती विक्रम से पहले बैनामा कराने की जिद शुरू कर दी। लेकिन जब विक्रम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने विक्रम को जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं वहां पर उन लोगों हाथापाई भी की, पीड़ित ने बताया कि जब विवाद बढ़ने लगा तो आरोपियों ने अपने 8-10 लोगों को बुला लिया था, उनलोगों ने भी पीड़ित को लात घुसो से पीटा और पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। हैरानी की बात है कि ये सारी घटना एक सरकारी दफ्तर में होती है, लेकिन फिर भी इस मामले में पुलिस रिपोर्ट होने में करीब 2 हफ्ते से भी ज्यादा का समय लग गया पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
यादगीर में मंदिर में प्रवेश पर दलित की पिटाई
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के यादगीर से है, जहां सिद्धलिंगेश्वर मंदिर में दर्शन करने के दलितो पर कुछ जातिवादियों ने हमला कर दिया.. इस हमले में करीब 10 लोग घायल हो गए है। ये घटना यादगीर जिले के वडोदरा तालुक के गुरुसुनागी गुड़ का है, जहां बेहद प्रचलित सिद्धलिंगेश्वर मंदिर है। वहां चमनल गांव के रहने वाले कुछ दलित लोग मंदिर पूजा करने पहुंचे थे, लेकिन गुरसुनागी गांव के कुछ जातिवादियों ने पहले तो उनके मंदिर में प्रवेश को लेकर विरोध किया, लेकिन जब दलित समाज के लोगो नही माने तो आरोपियों ने उन पर लाठियों और ईंट पत्थरो से हमला कर दिया.. जिसमें 10 से ज्यादा लोग बुरी तरह से घायल हो गए, उन्हें यादगीर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसके बाद पीड़ितो ने यादगीर पुलिस थाने में 14 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है औऱ बाकियों की तलाश जारी है।
भीम आर्मी चीफ को अमेरिका से मिला समर्थन
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिनके प्रशंसकों की सूची में अमेरिका में रहने वाले अंबेडकरवादी भी है। पिछले कुछ समय से जातिगत आरक्षण को खत्म करने के खिलाफ जो आंदोलन हो रहे थे उसके विरोध में आजाद ने भी 24 सितंबर को बहुजन समाज के लोगो को जंतर मंतर पर आने का न्योता दिया है तो वहीं आजाद को सपोर्ट करने के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया से बहुजन समाज के लोगों ने भी भारत में रह रहे बहुजनों को आजाद के आंदोलन में आने की अपील की है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंच कर दलितो के लिए आवाज उठाने की भी अपील की है। आजाद की लोकप्रियता का आलम ये है कि उनकी रैलियों में चींटी रेंकने की भी जगह नहीं है, ऐसे में अमेरिका से भी उन्हें समर्थन मिलना बताता है कि 2027 का विधानसभा चुनाव न केवल इतिहास बदलने वाला है बल्कि नया इतिहास लिखने वाला है। आपको क्या लगता है.. अमेरिका से बहुजन सपोर्ट के बाद आजाद की रणनीति में और क्या बदलाव आने वाले है।



