Haryana:हाल ही में हरियाणा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कांग्रेस नेता और सांसद रणदीप सुरजेवाला (MP Randeep Surjewala) ने दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकार छीनने का बड़ा खुलासा करके हरियाणा (Haryana) सरकार की छवि खराब की है।
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सांसद रणदीप सुरजेवाला का बड़ा बयान
हर दिन दलितों के साथ अन्याय की कई खबरें सामने आती हैं, इसी तरह हरियाणा सरकार को लेकर भी एक खबर सामने आई है। हरियाणा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नायब सिंह सैनी सरकार पर दलितों, पिछड़े वर्गों और गरीब तबके के अधिकारों पर डाका डालने का गंभीर आरोप लगाया है। दरअसल सहायक प्रोफेसर भर्ती मामले में सरकार की बार बार बदली जा रही मानदंड साफ जाहिर करता है कि सरकार एससी बीसी वर्ग (SC-BC category) से नफरत करती है। बता दें, ये मामला 2 अगस्त 2024 को एचपीएससी (HPSC) द्वारा 2424 पदो की नियुक्ति के लिए विज्ञापन के खिलाफ था।
आरक्षित सैकड़ो सीट खाली
जब इनपर लाखों आवेदन आ गए तो सरकार ने नई-नई शर्ते जोड़ दी थी, जिसके बाद दलित समाज के बच्चो को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। जिसके बाद कोर्ट ने सरकार को साफ जवाब दिया कि जब आवेदन हो गए है तो कोई नए नियम नहीं हो सकते है। जाहिर है पिछले कुछ सालो से यूपी हो, एमपी हो या हरियाणा, सभी जगहों पर सरकार भर्ती में एससी एसटी समाज (SC/ST community) के लोगो के लिए जारी मापदंड के कारण उनके लिए आरक्षित सैकड़ो सीट खाली रह जाती है, जिसे बाद में सबके लिए ओपन कर दिया जाता है।
सुरजेवाला ने दावा किया कि सरकार की नरफत के कारण ही अंग्रेजी के सहायक प्रोफेसर के 613 पदों की परिक्षा के बाद भी 462 पद खाली रह गए.. पीजीटी भर्ती के 1,711 पदों में से 1,672 पद खाली रह गए.. जिनपर गरीब दलित जाति के बच्चों का अधिकार था। देखना होगा कि इस घटना के बारे में सुरजेवाला के खुलासे के बाद हरियाणा में क्या नई लड़ाई छिड़ती है। इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने सरकार से पूरी भर्ती प्रक्रिया और इन गड़बड़ियों पर एक व्हाइट पेपर जारी करने और सबके सामने माफी मांगने की मांग की है।



