Top 5 Dalit news: कहते है कि एकता में ही बल होता है.. लेकिन अगर यहीं एकता दलित समाज ने दिखानी शुरू कर दी जो अच्छे अच्छों की खटिया खड़ी हो जाती है, फिर चाहे को शासन को या प्रशासन.. समय आ गया है कि जातिवादियों को ये बताया जाये कि दलित अब कमजोर और पीड़ित नहीं है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओ के बारे में बतायेंगे जो हर एक दलित के मन में संघर्ष करने का जज्बा भर देंगे.. संघर्ष से ही विजय पाई जा सकती है।
चंद्र शेखर आजाद ने विपक्षियों को दिया करारा जवाब
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल पहुंच कर नाबालिक लड़के केतनलाल के साथ हॉनर किलिंग को लेकर दलितों के संगठन की ताकत दिखा दी… वो प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद पीड़ित परिवार से तो मिले ही साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी देने वालों को वीडियो जारी कर खुली चुनौती दी है। बता दें कि सोशल मीडिया पर आजाद को धमकी दी गई थी कि अगर वो टिहरी गढ़वाल जाते है तो वो जिंदा वापिस नहीं जायेंगे, उनके टुकड़े टुकड़े कर के उनके घर भेजेंगे। जिसे लेकर आजाद ने सीधा पूछा कि आखिर वो धमकी देने वाले कहां थे।
वो कोई फौज लेकर नहीं गए थे फिर भी सामने नहीं आये.. उन्होंने उत्तराखंड के कानून व्यवस्था पर सवाल करते हुए कहा कि आखिर पुलिस पीड़ित परिवार को ही टॉर्चर क्यों कर रही है, पीड़ित और पीड़ित परिवार के खिलाफ पंचायत की गई,, उसके गांव के बाहर हथियार लेकर खड़े होकर धमकी दी जा रही है कि जो भी पीड़ित परिवार से मिलने आयेगा वो जिंदा वापिस नहीं जायेगा.. उन्होंने पूछा कि आखिर राज्य की कानून व्यवस्था इतनी सुस्त क्यों है।
पूरा परिवार डर के माहौल में जीने को मजबूर है। वहीं आजाद ने राज्य सरकार को भी खुली चुनौती दी है कि अगली बार जब वो उत्तराखंड आयेंगे तो बहुत मजबूत हो कर आयेंगे। जो सीधा इशारा था कि यूपी के बाद उनका टारगेट उत्तराखंड ही होने वाला है। अब देखना ये होगा कि आजाद का करारा जवाब पाकर विपक्षियों का क्या रवैया होता है।
राजकोट में दलित परिवार के मंदिर प्रवेश पर आक्रोश
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला गुजरात के राजकोट से है, जहां दलित समाज के लोगों ने जातिगत भेदभाव की दीवार तोड़ने की कोशिश क्या की, जातिवादियों को ये इतना चुभा कि उनलोगों हंगामा शुरु कर दिया। ये मामला राजकोट शहर के कुवाडवा रोड पुलिस स्टेशन के तहत रतनपर्णा पाटिया में आने वाले जलाराम सोसायटी का है। पीड़ित सपनाबेन जादव ने पुलिस को तहरीर दी कि वो वहां की सरपंच है औऱ उसने जातिगत भेदभाव को दूर करने के लिए सोसाइटी के सभी दलित और पिछड़े लोगो को सोसाईटी के बने हनुमान मंदिर में पूजा करने के लिए प्रेरित किया था।
लेकिन महिला सरपंच की ये हरकत सोसाइटी के ही राजूभाई रामावत, मयूर रामावत, हेतलबेन भालसोड़ और चंद्रेशभाई भालसोड़ को इतनी नागवार गुजरी कि उन लोगो ने सरपंच के घर जाकर काफी बहस की। इस दौरान सरपंच का पति और उसका बेटा सबको शांत कराने आये तो आरोरियों ने सबको जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। वहीं मंदिर मे दुबारा प्रवेश करने की कोशिश करने पर जान से मारने की धमकी दीं। डरे सहमे परिवार ने पहले पुलिस से कोई मदद नहीं ली, जिसके बाद दलित समाज के नेताओ ने कुवाडवा रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरु की है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नही हुई है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर कब तक दलितों को जाति के नाम पर ये अपमान सहना पड़ेगा।
राजस्थान के करौली में दलित नाबालिग की पिटाई
3, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के करौली से है, जहां एक 15 साल के नाबालिक को अपहरण करके जातिवादी दबंगो ने इसलिए बुरी तरह से पीटा क्योंकि उसने पैंसे मांगने से इंकार कर दिया था। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्य आरोपी अक्षय गुर्जर और उसके साथी पीड़ित को बुरी तरह से लाठी डंडो से पीट रहे है। वहीं मारपीट के बाद आरोपी युवक को अधमरी हालात में छोड़ गए। पीड़ित की हालत इस वक्त भी काफी खराब है।
पीड़ित नाबालिग की मां ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी जबरन मिठाई की दुकान से उसे पैसे मांगने के लिए कह रहे थे, लेकिन पीड़ित ने इंकार कर दिया, जिससे आऱोपी नाराज हो गए, वो लोग उसे अगवा कर सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसे लाठी डंडो से पीटा गया। पुलिस ने पीड़ित की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। वहीं पीड़ित को अभी होश नही आया है। हालांकि राजस्थान में जातिगत भेदभाव की खबरें अब काफी आम हो गई है, ऐसे में देखना ये होगा कि पीड़ित को न्याय कैसे मिलेगा, औऱ कब तक आरोपी पुलिस के शिकंजे में आते है।
बहराइच में जातिगत अपमान का विरोध पड़ा भारी
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच से है, जहां जातिसूचक गालियों का विरोध करने के बदले एक दलित मजदूर को मिली सजा ए मौत। ये मामला बहराइच के खैरीघाट थाने के बेहड़ा गांव का है, मृतक दलित मजदूर का नाम दुर्गेश था। दुर्गेश के साथ मॉब लिचिंग की घटना जून को ही घटी थी, जब सुबह वो राजी चौराहो के पास से एक ऑटो पकड़ने गया था। ऑटो में बैठने के बाद दुर्गेश ने ऑटो चालक से केवल इतना कहा कि वो थोड़ी देर रूक जायें ताकि उसके दो साथी और आ जायें, लेकिन चालक ने दुर्गेश को जातिसूचक गालियां देते हुए बोहनी खराब होने का आऱोप लगाया।
इस अपमान का दुर्गेश ने जब विरोध किया तो वहां के आसपास कई कई ऑटो चालको ने मिलकर उसे बुरी तरह से पीटा, किसी तरह परिवार वालो को इस घटना की जानकारी लगी तो उन लोगो ने पुलिस मे मदद मांगी मगर पुलिस ने उल्टा उन्हें भगा दिया औऱ न ही दुर्गेश का मेडीकल कराया। थकहार कर पीड़ित परिवार ने उसे नीजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालात गंभीर होने के बाद लखनई रेफर कर दिया गया। लेकिन करीब 11 दिनो तक जिंदगी की जंग लड़ने बाद दुर्गेश ने दम तोड़ दिया। इस बीच भीम आर्मी के हस्तक्षेप के बाद 29 जून को एफआईआर दर्ज की गई। हैरानी की बात है कि एक घर का चिराग बुझ गया लेकिन पुलिस बिना शोर मचायें नींद से जागती ही नहीं, अब देखना ये होगा कि आखिर इतनी देर से जागने के बाद कब तक आरोपियों को गिरफ्तार किया जायेगा।
संतकबीर नगर में दलित नाबालिक की हत्या
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही संतकबीर नगर से है, जहां एक दलित बच्ची के साथ पहले गैंगरेप किया गया औऱ फिर उस घटना को आत्महत्या करार देने के लिए बच्ची का गला घोंट कर उसके शव को पेड़ से लटका दिया गया। ये सनसनीखेज घटना 28 जून को घटित हुई थी, जब बेलहर खुर्द गांव के पास मौजूद कब्रिस्तान में लड़की का शव पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने बिना किसी देरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जिसके बाद बच्ची के साथ हुए दुर्वव्यवहार औऱ हत्या की गुत्थी सुलझ गई।
बेलहर एसओ हरिकेश भारती व एसओजी प्रभारी रजनीश राय की एक टीम ने आरोपियो को शिकंजे में लेने के लिए ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ चलाया, जिसके बाद दो आरोपियों मोहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू को मुठभेड़ के दौरान पैरो में गोली मार कर दबोच लिया है। दोनो आरोपी ने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया है। उन लोगो ने बताया कि लड़की से उनकी जान पहचान थी और उसे बहाने से बुलाया था.. जिसके बाद दोनो ने उसका दुष्कर्म किया था औऱ उनका गुनाह किसी को पता न चल जायें इसलिए हत्या कर दी थी और शव को पेड़ से लटका दिया था। इस मामले में पुलिस जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करने की तैयारी कर रही है ताकि जल्द से जल्द पीड़िता को न्याय मिले।



