Meerut: हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ से चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सार्वजनिक बैंच पर बैठने को लेकर दलित युवक को न केवल जातिसूचक गालियां दी गई बल्कि विरोध करने पर उसके साथ बुरी तरह से मारपीट भी की गई।
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बैंच पर बैठने को लेकर दलित युवक के साथ मारपीट
दलितों पर अत्याचार कब खत्म होगा? एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब दलितों के साथ कोई न कोई अमानवीय घटना न होती हो…और अब तो यह इतना बढ़ गया है कि दलितों को पब्लिक बेंच पर बैठने की भी इजाज़त नहीं है और अगर वो बैठ जाते है उनके साथ मारपीट कर दी जाती है। ऐसा ही एक मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के छिलोरा गांव का है।
दरअसल, पीड़ित प्रदीप प्रिंसेपुर गांव (Princepur Village) का रहने वाला है और शाम के समय घूमते-घूमते छिलोरा गांव (Chilora village) में एक सार्वजनिक पार्क में चला गया, जहां वो एक सार्वजनिक बैंच पर थोड़ी देर सुस्ताने के लिए बैठा था लेकिन तभी कुछ जातिवादी आतंकियों ने वहां आकर प्रदीप को जातिगत गालियां देनी शुरू कर दी।
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आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग
इतना ही नहीं जब प्रदीप ने इसका विरोध किया और पार्क से जाने की बात की, लेकिन दबंगों ने उसकी बात सुनने के बजाय के उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। जिससे उसे काफी गंभीर चोट आई है। इस घटना की जानकारी जब पीड़ित के गांव में लगी तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर चला गया।
उन लोगों ने भावनपुर थाने को घेरते हुआ आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की है। अगर पुलिस ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वो उच्च अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना देंगे। अब देखना ये होगा कि दलित समाज की एकजुटता के बाद ये मामला क्या नया मोड़ लेता है। वही आपको बता दें, ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए है, लेकिन अब ये देखना होगा आखिर कब तक दलित युवक को न्याय मिलता है।



