Top 5 Dalit news: आरक्षण की मांग से लेकर जातिगत उत्पीड़न तक, दलितों से जुड़ी 5 बड़ी खबरें

Caste Discrimination, Sonbhadra News
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Top 5 Dalit news: आप आरक्षण को किस नज़रिए से देखते हैं—तरक्की में रुकावट के तौर पर या एक ऐसी सीढ़ी के तौर पर, जिससे हाशिए पर रहने वाले लोग वह सम्मान पा सकते हैं, जिसका वे पहले सिर्फ़ सपना ही देख सकते थे? आख़िर ‘मनुवादी’ सोच वाले लोग इसे खत्म करने की मांग करके क्या साबित करना चाहते हैं? आइए, हम आपको पिछले 24 घंटों में दलितों से जुड़ी उन घटनाओं के बारे में बताते हैं—जो यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या सच में आरक्षण का गलत इस्तेमाल हो रहा है और क्या तथाकथित ‘ऊंची जातियों’ को वाकई इससे कोई नुकसान हो रहा है।

पटना में आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला बिहार से है, जहां ‘आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ’ आंदोलन एक बड़ा व्यापक रूप ले चुका है।  दलित संगठनो ने अति पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के लिए आरक्षण को बढ़ा कर 65 प्रतिशत करने की मांग की है, जिसे लेकर दलित समाज के सैकड़ो प्रदर्शनकारियों ने पटना के गांधी मैदान से लोकभवन तक मार्च निकाला, इस दौरान वो लोग जो दलितों से टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा’ जैसे नारे लगा रहे थे.. हालांकि मार्च पहले से प्रस्तावित थी, इस कारण प्रशासन ने भी चौकसी बढ़ा दी थी और जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग लगा दी थी.. लेकिन दलित समाज अपनी मांगो पर अड़ी हुई थी.. और उन लोगो ने बैकिकेटिंग पर चढ़ कर नारे लगायें। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण को 65 प्रतिशत करने के साथ साथ नौवीं अनूसूचि में शामिल होने, न्याय पालिका औऱ प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण देने और सरकारी ठेकेदारी में भी 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.. ऐसे में देखना ये होगा कि अगर तरफ आरक्षण खत्म करने की लड़ाई है तो दूसरी तरफ आरक्षण बढ़ाने की.. इस लड़ाई में जीत किसकी होगी.. वैसे आपको क्या लगता है कौन जीतेगा।

संगरूर में जातिगत प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने पिया जहर

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला पंजाब के संगरूर से है, जहां अपने बेटे की नशे की लत से परेशान एक दलित युवक गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मदद की गुहार क्या लगाई.. गांव की पंचायत ने ही उसे इतना बेज्जत किया कि पीड़ित पिता ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। ये घटना संगरूर जिले के लूर बंजारा गांव की है.. 47 साल के गुलजार सिंह ने अपने बेटे की ड्रग्स की लत और अपने इलाके में फैले नशे के जाल को लेकर मदद मांगी थी, लेकिन गुलजार सिंह की ये हरकत गांव की पंचायत औऱ कुछ रसूखदार लोगो को पसंद नहीं आई और उन्होंने सरेआम उसे जातिगत रूप से अपमानित किया और माफी मांगने पर मजबूर किया.. पीड़ित गुलजार ने इस प्रताड़ना से तंग आकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें वो कथित तौर पर मंत्री की धमकियों औऱ गांव वालो की प्रताड़ना का जिक्र किया और फिर जहर खा लिया.. आनन फानन में उसे लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया..लेकिन गुलजार की मौत से पंजाब की सरकार पर उंगलियां उठने लगी और विपक्षियों को राजनीति करने का मौका मिल गया। मामले को बढ़ता देख एसआईटी की गठन किया गया और 4 लोगो को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन सवाल वहीं है कि आखिर पंजाब में जब नशाखोरी की बात आती है तो सरकार मूक क्यों हो जाती है। वहीं विपक्ष ने सीएम भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है। जैसी स्थिति आप की है आपको क्या लगता है.. 2027 के विधानसभा चुनावों में आप वापसी कर पायेगी।

मुजफ्फरमगर में लापता दलित युवक का शव बरामद

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है। जहां कथित तौर पर आरोपी के भाई बहन के बारे गलत अफवाह फैलाने से नाराज युवक ने एक दलित युवक की चाकुओ से गोद कर हत्या कर दी औऱ उसके शव को सुनसान में फेंक दिया। ये घटना मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के भेन्सी गांव की है। पुलिस के मुताबिक 21 साल का अतुल जाटव 28 अगस्त से ही लापता था, परिजनो ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई तो उसकी तलाश शुरु की गई.. जिसके बाद भैंसी गांव के पास ही गन्ने के खेत से अतुल का शव करीब 1 हफ्ते की तलाश के बाद बरामद किया, जिसके कारण पूरे गांव में सनसनी फैल गई.. वहीं पुलिस ने मृतक के फोन रिकॉर्ड के आधार पर सोनू और तालिब को गिरफ्तार किया गया जहां थोड़ी सी सख्ती करने पर सोनू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया.. उसने बताया कि अतुल कई बार उसकी छोटी बहन और बड़े भाई के बारे में गलत अफवाह फैला रहा था.. जिससे उसके परिवार की बहुत बदनामी हो रही थी और वो मन ही मन अतुल से बदला लेने की सोच रहा था। 28 अगस्त को भी उसने ही अतुल को बुलाया था और अपने साथी तालिब की मदद से पहले अतुल का गला घोंटा औऱ फिर उसपर चाकुओ से वार कर दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपी को जेल भेज दिया है औऱ आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है।

मदुरै में दलित छात्रा की आत्महत्या मामले में नया मोड़

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के मदुरै से है, जहां जातिगत अपमान से आहत हुआ 16 साल की बच्ची की आत्महत्या के बाद अब लगातार उसके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। ये घटना मदुरै के उसिलामपट्टी की है, जब 24 अगस्त को मृतका निशांति अपनी मां के साथ उसिलामपत्ती बस स्टैंड के पास स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में एडमिशन लेने गई थी, लेकिन जब उसकी मां हाथ जोड़ कर खड़ी थी तो निशांति ने अपनी मां के हाथों को नीचे कर दिये, जिससे प्रींसीपल विमला देवी काफी नाराज हो गई और उसने निशांति को काफी भला बुला बोल कर अपमानित किया.. जिसके बाद निशांति ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुंरत विमला देवी को निलंबित कर दिया.. वहीं मद्रास उचच् न्यायलय में दायर याचिका के बाद कोर्ट ने 18 सितंबर तक अतिरिक्त जिला न्यायधीश के सामने आत्मसमर्पण करने के आदेश दिये है.. इसी दौरान पीड़ित परिवार ने एक नई याचिका दी है जिसमें कहा गया है कि मामले को दबाने के लिए उनपर लगातार दवाब बनाया जा रहा है.. वहीं अभी तक मुआवजे की रकम उन तक नहीं पहुंची है.. जिसके कारण अब उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा का डर सताने लगा है। वहीं खबर ये भा आ रही है विमला देवी 10 सितंबर को आत्मसमर्पण करने वाली है। ऐसे में देखना ये होगी कि क्या सच में आत्मसमर्पण होगा, क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या मामले में नया मोड़ आयेगा।

11 सितंबर को रोहिणी घावरी की भारत वापसी

5, दलितों से जुड़ा भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जहां एक तरफ उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है..वहीं करीब एक साल से लगातार उनपर निशाना साधने वाली उनकी कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी ने नया ऐलान करके उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया है। घावरी ने अपने एक्स हैंडलर पर घोषणा की है कि वो 11 सितंबर को दिल्ली के एयरपोर्ट टर्मिनल पर उतरेंगी,..जिसके बाद वो सीधा दिल्ली के वाल्मीकि आश्रम पंचकुइयाँ मंदिर मार्ग जायेंगी.. जहां से सत्ता की उनकी लड़ाई का आगाज होगा। घावरी ने पहले ही ऐलान किया है कि वो समाजवादी पार्टी के चुनाव प्रचार करेंगी.. और नगीना सांसद को वो सत्ता से उखाड़ फेकेंगी। इतना ही नहीं अभी हाल ही में घावरी ने कहा था कि वो पूरी की पूरी आसपा को खत्म करके ही दम लेंगी। घावरी स्वीटजरलैंड में रहते हुए आजाद के खिलाफ कई सबूत पेश करके पहले ही काफी सनसनी फैला चुकी है.,वहीं वो आजाद को बीजेपी का चमचा. और गृह मंत्री अमित शाह की    औलाद कह कर पहले ही फिल्डिंग सेट चुकी है.. ऐसे में उनके भारत आने के बाद कौन सा नया BOMB फूटने वाला है.. और उसकी चपेट में कौन कौन आ आयेगा.. ये देखने वाली बात होगी.. वैसे आपको क्या लगता है क्या घावरी आजाद का समीकरण बिगाड़ सकती है।

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