Mayawati की वो पोस्ट, जिसे रीपोस्ट न करना आकाश आनंद को पड़ा भारी! जानिए क्या था पूरा मामला

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Mayawati: हाल ही में बीएसपी प्रमुख मायावती को लेकर एक चौकाने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से हटा दिया है। आरोप है कि आकाश पार्टी और आंदोलन के बजाय परिवार को प्राथमिकता दे रहे थे और “बंटे हुए मन” से काम कर रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने मायावती के ट्विटर पोस्ट को रीपोस्ट तक नहीं किया, जिससे पार्टी के भीतर हंगामा मच गया।

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पोस्ट रीपोस्ट न करने की इतनी बड़ी सजा?

क्या सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट रीपोस्ट न करने से किसी का पूरा राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है, यूपी की राजनीति में बसपा के अंदर एक ऐसा भूचाल आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है, आकाश आनंद, जिन्हें कभी मायावती का राजनीतिक वारिस माना जाता था, अब पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी ‘फ्री’ यानी बाहर कर दिए गए हैं। चलिए इस लेख में जानते है क्या है पूरा मामला…दरअसल 3 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था, फिर बात आई उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ पर, मायावती ने शर्त रखी थी कि अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति छोड़ दें, तो आकाश की वापसी पर विचार हो सकता है।

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अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से लिया संन्यास

अशोक सिद्धार्थ ने तुरंत पत्र लिखकर राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास का ऐलान कर दिया। अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर मायावती ने पोस्ट किया— देर आए दुरुस्त आए, अगर यह फैसला पहले लिया होता तो पार्टी और आकाश को विपरीत परिस्थितियों का सामना न करना पड़ता…लेकिन असली मोड़ तब आया जब आकाश आनंद ने मायावती की इस पोस्ट को अपने हैंडल से रीपोस्ट ही नहीं किया। जो आकाश पहले हर पोस्ट शेयर कर वफादारी साबित करते थे।

आकाश को अपने करियर से ज्यादा रिश्ते-नातों का मोह

उन्होंने इस बार ससुर के मोह में आकर दूरी बना ली।  मायावती ने साफ कहा— आकाश को अपने करियर से ज्यादा रिश्ते-नातों का मोह है, जो इंसान ‘डबल माइंडed’ होकर काम करे, वो बहुजन मूवमेंट का भला कैसे कर सकता है। मायावती ने मैसेज दे दिया कि अंबेडकरवादी राजनीति में पारिवारिक स्वार्थ और पद की लालसा की कोई जगह नहीं है…क्या मायावती का यह कदम BSP को मजबूत करेगा या आगामी चुनावों में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।

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