Nishu Azad: हाल ही में में उत्तर प्रदेश (UP) के गाजियाबाद (Ghaziabad) से है। जहां 14 साल की भीम आर्मी कार्यकर्ता नीशु आजाद की सुरक्षा औऱ जातिवादियों द्वारा लगातार किये जा रहे प्रताड़ना का एक और नमूना देखने को मिला। दरअसल नीशू के पिता पर हमला करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लिये गए एक्शन के बाद नीशू का उसके ही घर में रहना दूभर हो गया है। मनुवादी समाज के लोग अब उसे काफी परेशान करने लगे है।
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भीम आर्मी कार्यकर्ता नीशू आजाद की बढ़ी मुश्किलें
बीते दो महीने पहले, NEET परीक्षा को लेकर जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हमला हुआ और उन्हें गंभीर चोटें आईं। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी इस मामले में न्याय की मांग की थी, लेकिन अब यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है; असल में…उसके पिता पर लगातार आरोप लग रहे है कि उन्होंने ये मामला पैसे लेकर उछाला है, तो वहीं अब उन्हें उनकी सोसाईटी में घर खाली करने का दवाब बनाया जा रहा है.. नीशू आजाद लगातार अपने पिता औऱ अपने लिए न्याय की मांग कर रही है। वही वायरल वीडियो के बाद खुद नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद (Nagina MP Chandrashekhar Azad) ने नीशू आजाद के साथ दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई थी।
दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद क्षेत्र में रहने वाले बहुजन समाज के सभी साथियों से मेरी अपील 🚨
जैसा कि आपको पता होगा कि स्वतंत्र भारद्वाज मुद्दे के बाद से बहुजन समाज की छोटी बहन निशु आजाद को जातिवादी मानसिकता के लोगों द्वारा टार्गेट किया जा रहा है। उसके परिवार को सोसायटी खाली करने का…
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) September 9, 2026
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स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की रिमांड पर भेजा
जिसके बाद 5 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया था,..लेकिन 7 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया है, जिससे बौखलाए उसके समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे है साथ ही वो नीशू आजाद और उनके पिता संजय कुमार को भी टारगेट कर रहे है। हैरानी की बात है कि संजय कुमार पर जानलेना हंमला हुआ तब भी प्रशासन चुप था, और जब नीशू को न्याय मांगने के लिए टारगेट किया जा रहा है तब भी प्रशासन चुप है। अब देखना ये होगा कि 14 दिन की रिमांड के बाद कोर्ट का क्या रूख होगा।



