Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश से आ रही हालिया खबरों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव 15 नवंबर, 2026 को आगरा के GIC ग्राउंड में एक बड़ा दलित सम्मेलन करने जा रहे हैं। इस खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है; असल में, कुछ लोग तो इसे दलित वोट हासिल करने के लिए अखिलेश का ‘मास्टरस्ट्रोक’ भी बता रहे हैं।
समाजवादी पार्टी का दलित वोटर्स के लिए नया दाव
इन दिनों उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को लेकर काफी तैयारियां चल रही हैं, इसी बीच यूपी से एक खबर आई है, जहां 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बहुत ज्यादा उलटफेर देखने को मिल रहा हैं। खासकर दलित वोटर्स को लुभाने के लिए पार्टियां नए-नए दाव लगा रही है। ताजा दाव लगाया है समाजवादी पार्टी ने।
दरअसल, कुछ दिनों पहले सपा (SP) के यूथ विंग के लिए लाल महरून के बजाय नीली जींस और नीली टी-शर्ट के साथ लाल टोपी का इस्तेमाल करने का ऐलान किया था तो वहीं अब खबरें आ रही है कि राज्य के बहुजन दलित वोटर्स को साधने के लिए सपा पीडीए (SP PDA) के फार्मूले के साथ साथ राज्य में दलित सम्मेलन करने की घोषणा की है जो कि 15 नवंबर से आगरा से शुरू होगा। इस कार्यक्रम में SP अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। वही आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में SP कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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आगरा से शुरू होगा सपा का दलित मिशन
बता दें कि आगरा का बाबा साहब आंबेडकर (Babasaheb Ambedkar) और कांशीराम (Kanshi Ram) से गहरा नाता है वहीं जाटव वोट्स के मामले में आगरा (Agra) एक मजबूत गढ़ है। क्योंकि आगरा मंडल में 4 जिले आते है, जिसमें आगरा में करीब 23%, मथुरा में 20 %, मैनपुरी में 20 %, फिरोजाबाद में 19 %, इटावा में 25 % और हाथरस में करीब 24 % जाटव वोटर है। जो यूपी के चुनावी समीकरण को बदल सकते है। अखिलेश यादव भी इस बात को समझ चुके है इसलिए उनका फोकस दलित नेताओं के साथ साथ दलित वोटर्स पर बढ़ गया है। हालांकि कोशिश तो बहुत कर रहे है ये कोशिश कितनी रंग लाती है ये तो चुनावों के बाद पता चल ही जाएंगे, लेकिन सपा के इस दाव से उन्हें फायदा होगा या नहीं अब ये देखने वाली बात है।
इसके अलवा आपको बता दें, SP का यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब BSP लगातार उथल-पुथल के दौर से गुज़र रही है। आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी से निकाल दिया गया है। इस बीच, पार्टी के युवा कार्यकर्ता बेचैन हैं और नए नेतृत्व की ओर देख रहे हैं।



