जनसभा में गरजे सांसद चंद्रशेखर आजाद, शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा – Chandrasekhar azad

Chandrashekhar Azad
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Chandrasekhar azad: भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को लेकर एक खबर सामने आई है। जिन्होंने एक तरफ सदन में जंतर मंतर पर छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार छात्रों से ऐसे डील कर रही है जैसे वो किसी आतंकी से डील करती है.. हैरानी की बात तो ये है कि सदन में जब आजाद ने बोलना शुरु किया तो उन्हें बीच में ही रोकने की कोशिश की गई। लेकिन हमेशा की तरह आजाद अन्याय के खिलाफ खड़े रहे और उन्होंने अपनी बात कही।

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भीम आर्मी चीफ का बड़ा ऐलान

हाल ही में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (Bhim Army chief Chandrashekhar Azad) को लेकर छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर संसद में अपनी बात रखी है। इतना ही नहीं वो नीट पेपर लीक में छात्रों के साथ जमकर खड़े रहे है, उन्होंने विधानसभा में भी उनके लिए आवाज उठाई थी, लेकिन अब उन्होंने एक नया ऐलान कर दिया है..आजाद इस वक्त आगामी विधानसभा को लेकर चुनाव  रैलियां कर रहे है। इस दौरान उन्होने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ऐलान कर दिया है कि अब तक सरकार की कई दमनकारी नीतियों का सामना कर चुके है उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुके है, लेकिन अगला मोर्चा देश में EVM के खिलाफ होगा।


आजाद ने कहा कि आज देश जाग रहा है, नौजवान जाग रहा है, क्रांति का बिगुल बज चुका है। अब भ्रष्ट मीडीया को भी करारा जवाब मिलेगा जो मुद्दों को डायवर्ट करने का काम करते है। इस सत्ता को बचाने का काम करते हैं.. उन्होंने मीडिया पर तीखा वार करते हुए कहा कि वो सरकार में आते ही सबसे पहले मीडिया की ही ईलाज करेंगे.. जो जो मुख्य मुद्दों पर आवाज उठाने के बजाय सरकार के झूठे गुण गाने में व्यस्त रहते है। आजाद का ऐलान बता रहा है कि आने वाले समय में बहुत कुछ बदलने वाला है।

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जंतर मंतर पर पिटने वाले नीट के छात्रों के लिए आवाज उठाई

इतना ही नहीं उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बोंस के इस्तीफे की मांग को लेकर कहा कि जो गलत होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.. चाहे वो किसी भी राज्य का शिक्षा मंत्री ही क्यों न हो जरूरी है। कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किये जाये ताकि बच्चों का भविष्य़ खराब न हो। आजाद के संदेश ने साफ कर दिया है कि वो केवल अन्याय के खिलाफ खड़े है.. जो अन्याय करेगा, उसे आजाद का सामना करना पड़ेगा चाहे वो केंद्र सरकार हो या राज्य की सरकार। आजाद ने अपने संदेश के जरिये ये बता दिया है कि अगर उनकी सरकार आती है तो राज्य में शिक्षा व्यवस्था को प्रायोरिटी पर रखा जायेगा।

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