Top 5 Dalit news: देशभर में दलितों से जुड़े मामलों ने फिर खड़े किए कई सवाल

Caste Discrimination, Top 5 Dalit news in Hindi
Source: Google

Top 5 Dalit news: भारत में इस वक्त जिस तरह की स्थिति दलितों और बहुजनों की हो चुकी है, उसे देखकर लगता है कि जैसे संविधान का नहीं मनुवाद का कानून चल रहा है। केवल दलित होने मात्र से उनपर हमला करने का, उन्हें गालियां देने का हक आखिर किस कानून ने दिया है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है.. जो आईना है उस समाज का जहां इंसान नहीं, बल्कि इंसान का चोला पहने जानवर पल रहे है।

तमिलनाडु के मयिलादुथुरै में ऑनर किलिंग

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला तमिलनाडु के मयिलादुथुरै जिले से है, जहां फिर से ऑनर के नाम पर एक 19 साल के लड़के और 17 साल की लड़की को मौत चढ़ा दिया गया। ये सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब मयिलादुथुरै के थरंगमबाड़ी के पास सथानागुडी गांव के बाहर एक कच्ची झोपड़ी में लड़के और लड़की की शव एक साथ फंदे से लटका मिला। शव के मिलने से पूरे गांव में तनाव का माहौल है, वहीं पुलिस जने बताया कि मृतक युवक का नाम पार्थिबन है जो कि पुदुपालयम गांव का रहने वाला था, साथ ही वो एक राजमिस्त्री का काम करता था, वहीं लड़की ने 12वी की परिक्षा पास की थी।

दोनो के बीच काफी समय से प्रेम संबंध था, जिसकी खबर लड़की के परिवार वालों को लग गई थी और वो लोग इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। दोनों का शव करीब सुबह तीन बजे झोपड़ी में लटका मिला। पार्थिबन के परिवार ने लड़की के परिवार पर आरोप लगाया है कि ये ऑनर किलिंग है, जिसके बाद पोराइयार पुलिस ने 30 जून को  लड़की के पिता लक्ष्मीकांत और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था क्योंकि मृत युवक ने एक दिन पहले ही पुलिस को तहरीर दी थी कि लड़की के पिता समेत 5 लोगों ने उससे मारपीट की थी। दोनो मृतक अलग अलग समुदाय से थे इसलिए पुलिस हर मुद्दे पर जांच कर रही है। अब देखना ये होगा कि इस जांच के बाद क्या क्या खुलासे होते है।

कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में 50 साल पुरानी परंपरा टूटी

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के चिक्कमगलुरु जिले से है, जहां जातिगत भेदभाव की दीवार को तोड़ते हुए आखिरकार 50 सालो के बाद दलितो को मंदिर में प्रवेश करने और पूजा करने की इजाजत दी गई है। दिल को सूकून पहुंचाने वाली ये खबर चिक्कमगलुरु जिले के कादुर तालुक के निदाघट्टा गांव की है, जहां जिला प्रशासन की मौजूदगी में दलित समुदाय के सैकड़ों लोगों ने अंजनेय स्वामी  के मंदिर में प्रवेश किया औऱ वहां पूजा अर्चना की, हांलांकि किसी अनहोनी की आशंका से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थे, लेकिन सवर्ण मंदिर होते हुए भी वहां रहने वाले सवर्णों ने इस शुरुआत का स्वागत किया।

बता दें कि इस गावं में दलित समाज पिछले 5 दशक से सामाजिक बराबरी के लिए लड़ाई लड़ रहे है, वो मंदिर में प्रवेश चाहते थे लेकिन गांव वाले इसके विरोध में थे, मगर जब खुद जिला प्रशासन दलित समुदाय की मदद के लिए सामने आया तो सवर्णो ने उन्हें निर्विरोध मंदिर में प्रवेश करने दिया। हालांकि चिंता की बात ये भी है कि जब पुलिस प्रशासन वहां से हटती है उसके बाद गांव के सवर्णों का क्या रवैया होता है। क्या तब भी इसे स्वाकीर कर लेंगे या कोई नया तमाशा होगा।

गोंडा में शौच के लिए गई बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से है, जहां शौच के लिए एक 17 साल की दलित नाबालिग बच्ची की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। ये घटना गोंडा के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार ने बताया कि बच्ची सुबह के वक्त शौच के लिए खेतो में गई थी.. लेकिन करीब 2 घंटे होने के बाद भी वो नहीं लौटी तो परिजनो को चिंता हुई। उन्होंने बच्ची की तलाश शुरु की.. काफी ढूंढने के बाद बच्ची का शव झाड़ियो में मिला।

जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि बच्ची की मौत का क्या कारण है ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पता चलेगा, वहीं बच्ची के साथ जोर जबरदस्ती को लेकर भी पुलिस ने कोई बयान नही दिया है, बच्ची की मौत काफी संदिग्ध है, ऐसे में देखना ये होगा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में क्या सच सामने आता है, औऱ कैसे शौच के लिए गई बच्ची के साथ ऐसी घटना हो गई। फिलहाल पुलिस रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।

हरियाणा के पलवल में दलित परिवार पर हमला

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के पलवल से है, जहां जातिगत दुश्मनी निकालने के लिए एक दलित परिवार पर जातिवादियों ने उनके घर में घुस कर जानलेवा हमला कर दिया.. इस हमले में परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल है। ये घटना पलवल के थाना सदर क्षेत्र के दिगौट गाँव का है। वहीं ये हमला 26 जून की रात को ही हुआ था, जब पीड़ित का पूरा परिवार अपने घर में था, तभी गांव के कुछ लोग जो उनसे बैर रखते है वो अचानक लाठी-डंडें, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी सहित घातक हथियार लेकर जबरन घर में घुस गए औऱ उससे पहले ही परिवार कुछ समझ पाता, पूरे परिवार पर हमला कर दिया।

हमलावर उन्हें जातिसूचक गालियां दे रहे थे। जब शोर बढ़ गया तो वो जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए.. मगर हैरानी की बात है कि इस घटना के इतने दिन बीतने के बाद भी अब तक पुलिस हाथ पर हाथ धर कर बैठी हुई है। साथ ही पीड़ित परिवार पर दवाब बना रही है कि वो मामले को रफा दफा कर दें.. जिसे लेकर अब भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने अपना रोष जताया है। उन्होने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को टैग करके पुलिस कार्यवाई पर सवाल उठाये है। साथ ही मांग की है कि पीड़ित परिवार को कानूनी सुरक्षा मिले और निष्पक्ष जांच कराई जायें, ताकि पीड़ितो को न्याय मिल सकें। ऐसे में देखना ये होगा कि आजाद के इस मामले में बोलने के बाद भी प्रशासन नींद से जागती है या नहीं।

एसआईआर के नाम पर केंद्र सरकार की बड़ी चाल

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला झारखंड के गिरीडीह से है, जहां देशभर में मतदाता सूचि गहन पुनरीक्षण यानि की एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं इस प्रक्रिया में दलितों,गरीबों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ो को निशाना बना कर उनके नाम काटे जाने की खबर सामने आई है। ये सनसनीखेज खुलासा किया है झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याणमंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने। उन्होंने दावा किया है कि एसआईआर के नाम पर छोटी छोटी गलती होने पर भी नाम काट दिये जा रहे है, जिसमें दलित पिछड़ो और अल्पसंख्यकों को खासकर निशाने पर लिया जा रहा है, इसमें केंद्र सरकार उन्हें भी निशाना बना रही है जो गरीब है और नाम दुबारा जुड़वाने के लिए भागदौड़ नही कर पायेंगे।

अंसारी ने कहा कि वो चाहते है कि एसआईआर हो, लेकिन पूरी ईमानदारी से औऱ बिना किसी त्रृटि के। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं को चौकन्ना रहने के लिए कहा है ताकि किसी का नाम न कटें। क्योंकि जितने वोट कटेंगे, उतना सरकार को फायदा होगा, जैसा कि बंगाल चुनाव में हुआ है। हालांकि अल्पसंख्यक कल्याणमंत्री हफीजुल हसन अंसारी के लगाये आरोप वाकई में काफी संगीन है, लेकिन दलितों, पिछड़ो औऱ अल्पसंख्यको को निशाना बनाने की बात कोई नई नहीं है। इसलिए कोई दुर्घटना हो उससे बेहतर है कि पहले ही सावधान हो जायें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *